Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 9:1 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 9:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब ये काम हो चुके, तब हाकिम मेरे पास आकर कहने लगे, “न तो इस्राएली लोग, न याजक, न लेवीय इस ओर के देशों के लोगों से अलग हुए; वरन् उनके से, अर्थात् कनानियों, हित्तियों, परिज्जियों, यबूसियों, अम्मोनियों, मोआबियों, मिस्रियों और एमोरियों के से घिनौने काम* करते हैं।
एज्रा 9:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 9:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नहेम्याह 9:2 (HINIRV) »
तब इस्राएल के वंश के लोग सब अन्यजाति लोगों से अलग हो गए, और खड़े होकर, अपने-अपने पापों और अपने पुरखाओं के अधर्म के कामों को मान लिया।

लैव्यव्यवस्था 18:24 (HINIRV) »
“ऐसा-ऐसा कोई भी काम करके अशुद्ध न हो जाना, क्योंकि जिन जातियों को मैं तुम्हारे आगे से निकालने पर हूँ वे ऐसे-ऐसे काम करके अशुद्ध हो गई हैं;

व्यवस्थाविवरण 12:30 (HINIRV) »
तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि उनका सत्यानाश होने के बाद तू भी उनके समान फंस जाए, अर्थात् यह कहकर उनके देवताओं के सम्बन्ध में यह पूछपाछ न करना, कि उन जातियों के लोग अपने देवताओं की उपासना किस रीति करते थे? मैं भी वैसी ही करूँगा।
एज्रा 9:1 पर संकेत और प्रेरणा
मुख्य interpretive point: एज्रा 9:1 में यह खुलासा किया गया है कि धार्मिक पुनर्स्थापना के बाद नीति और पवित्रता की कसौٹی सिर्फ ईश्वर की आराधना नहीं, बल्कि सामाजिक-आचार की सच्चाई से भी तय होती है। जब राष्ट्र ने परमेश्वर के निकट रहने की ईमानदारी चाही, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि वे लोगों के साथ घुल mil गए हैं—यानी व्यवहारिक पवित्रता में कमी है। यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि पवित्र स्थान पर पहुँचने के लिए जीवन के हर क्षेत्र में अलगाव और पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।
पाठ-संदर्भ के भीतर साहित्यिक परिप्रेक्ष्य
यह प्रकरण एज्रा के समय के धार्मिक सुधार के क्रम में आता है। लेखन बताता है कि बंधन के बाद भी सुधार का एक भूरा हिस्सा भीतर ही भीतर कसौटी पर आता है: क्या लोग पाप-परंपरा से दूरी बनाए रखकर, परमेश्वर के नियमों के अनुरूप जीवन जी रहे हैं? यहाँ “अलग होना” का तात्पर्य न सिर्फ जातीय पहचान से है, बल्कि हर प्रकार के अनैतिक संबंधों और अघोरी आचरण से भी है जिनमें पंक्तियाँ बताती हैं कि कई यूर्वे-जातियाँ के साथ उनके संबंधों में गणना-घृणा का मिश्रण था।
theological significance
इसVerse में स्पष्ट किया गया है कि पवित्रता का एक holistic अर्थ है: धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक जीवन का विशुद्ध होना। इब्रानी समाज के लिए यह समानान्तर था—कानून के अनुसार शुद्धता बनाए रखना, ताकि परमेश्वर अपनी छाया बनाए रखे। यह चेतावनी है कि बाहरी पवित्रता भीतर के टकरावों को रोक नहीं सकती जब तक व्यक्तिगत आचरण और सामाजिक दूरी दोनों साफ नहीं हों।
DN across Scripture: cross-references with brief explanations
जीवनानुभव के लिए reflection questions
अन्वेषण की संक्षिप्त निष्कर्ष
एज्रा 9:1 यह संकेत देता है कि अनुयायी जीवन का समग्र पवित्र और अलगापन एक साथ चलता है। पुनर्स्थापना के उत्साह के साथ-साथ आचरण-आधारित पवित्रता को भी ऊँचा रखना आवश्यक है ताकि परमेश्वर की खातिर समाज में सत्य-शांति बनी रहे।
टिप्पणीकारों के संक्षिप्त उद्धरण (उचित संदर्भ)
यहां उपलब्ध public-domain टिप्पणीकारों से एकत्रित विचारों की छोटी पंक्तियाँ शामिल हैं—
- Matthew Henry के अनुसार, यह प्रवर्तन पवित्रता के भीतर की शुद्धता के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- Albert Barnes ने उल्लेख किया है कि धार्मिक पुनर्स्थापना के समय सामाजिक संपर्कों में सोचे-समझे निर्णय आवश्यक होते हैं ताकि देश परमेश्वर के नियमों के अनुसार जीवन जी सके।
- Adam Clarke ने इसे यह दर्शाने के लिए उद्धृत किया है कि अलगाव केवल एक जातीय पहचान नहीं, बल्कि जीवन के हर आयाम में धार्मिक-नैतिक दृढ़ता है।