Old Testament
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एज्रा 9:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्र और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैलाकर कहा:
एज्रा 9:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 9:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 9:33 (HINIRV) »
जब मूसा ने फ़िरौन के पास से नगर के बाहर निकलकर यहोवा की ओर हाथ फैलाए, तब बादल का गरजना और ओलों का बरसना बन्द हुआ, और फिर बहुत मेंह भूमि पर न पड़ा।

निर्गमन 9:29 (HINIRV) »
मूसा ने उससे कहा, “नगर से निकलते ही मैं यहोवा की ओर हाथ फैलाऊँगा, तब बादल का गरजना बन्द हो जाएगा, और ओले फिर न गिरेंगे, इससे तू जान लेगा कि पृथ्वी यहोवा ही की है*।

1 राजाओं 8:22 (HINIRV) »
तब सुलैमान इस्राएल की पूरी सभा के देखते यहोवा की वेदी के सामने खड़ा हुआ, और अपने हाथ स्वर्ग की ओर फैलाकर कहा, हे यहोवा!
एज़्रा 9:5 का अर्थ और पृष्ठभूमि
इस verse में एज्रा सांझ की भेंट के समय उपवास और वस्त्र-फाड़े हुए अवस्था में खड़े होकर परमेश्वर के सम्मुख अपनी प्रार्थना व्यक्त करते हैं। यहाँ उनके नेतिक-पश्चाताप और असहमति के बावजूद भी ईश्वर के डर और विनती का स्पष्ट चित्र मिलता है।
पृष्ठभूमि
यहोशू के पुत्रों के निर्वासन के बाद यहूदी लोग लौटा आते हैं और मंदिर के पुनर्निर्माण के समय धार्मिक रीति-रिवाजों को पुनः स्थापित करने की कोशिश करते हैं। इस समय यहूदियों के सामने एक बड़ा धार्मिक और सामाजिक संकट था: जातीय छूट, पश्चात्ताप की कमी और पाप का भारी प्रभाव उनके समुदाय पर था। एज्रा ने यह देखा कि पवित्रता की कमी और नीतिगत असंतुलन उनके धार्मिक जीवन को पीछे धकेल रहा है।
परिचयात्मक अवलोकन
व्याख्यात्मक अवलोकन
एज़्रा के इस क्षण में निम्न बिंदु उभरकर आते हैं:
संकेतात्मक थीम
अन्य संबंधित पवित्र ग्रंथ
निम्न स्वतंत्र cross-references इस घटना के विचार को पुष्ट करते हैं, प्रत्येक का संक्षेप में तात्पर्य:
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
1) जब समुदाय पाप से जकड़ता है, तो एक सच्चे नेता की जिम्मेदारी है कि वह विनम्रता और प्रार्थना से ईश्वर केपास लौटे। 2) बाहरी रीति-रिवाज मात्र पूर्ति नहीं देते; आंतरिक सुधार और नैतिकता की नित-नवीनता आवश्यक है। 3) व्यक्तिगत और सामाजिक पश्चाताप मिलकर पुनःनिर्माण की शुरुआत बनता है।
टिप्पणीकारों के संक्षेप उद्धरण
अगर उपलब्ध हो तो Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण यहाँ मिलते हैं—यद्यपि यह आधुनिक-पूर्व-रचना है, हमारे पाठ को उनके मूल विचारों के साथ संतुलित रखने का प्रयास किया गया है:
• Matthew Henry: “The great need of Israel at this time was not ceremony, but a broken and contrite heart.”
• Albert Barnes: “Repentance is the appointed remedy for the people’s departure from God; outward show without inward change profits nothing.”
• Adam Clarke: “The posture of prayer, the rent garments, and fasting declare a true grief for sin and longing for God’s mercy.”
कृपया ध्यान दें: उपरोक्त उद्धरण केवल संदर्भ के रूप में हैं; पूर्ण पाठ के लिए मूल टिप्पणियाँ देखें।
मुख्य संदेश: एज्रा 9:5 में व्यक्तिगत उपवास और विनम्र प्रार्थना समुदाय के लिए आत्म-परिशोधन की एक आवश्यक तीर्थ-स्थिति है, जो परमेश्वर की दया मांगती है और पुर्ननिर्माण का मार्ग प्रशस्त करती है।