Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 3:9 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 3:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो येशू और उसके बेटे और भाई, और कदमीएल और उसके बेटे, जो यहूदा की सन्तान थे, और हेनादाद की सन्तान और उनके बेटे परमेश्वर के भवन में कारीगरों का काम चलाने को खड़े हुए।
एज्रा 3:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 3:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

एज्रा 2:40 (HINIRV) »
फिर लेवीय, अर्थात् येशू की सन्तान और कदमीएल की सन्तान होदव्याह की सन्तान में से चौहत्तर।

एज्रा 3:8 (HINIRV) »
उनके परमेश्वर के भवन में, जो यरूशलेम में है, आने के दूसरे वर्ष के दूसरे महीने में, शालतीएल के पुत्र जरुब्बाबेल ने और योसादाक के पुत्र येशू ने और उनके अन्य भाइयों ने जो याजक और लेवीय थे, और जितने बँधुआई से यरूशलेम में आए थे उन्होंने भी काम को आरम्भ किया, और बीस वर्ष अथवा उससे अधिक अवस्था के लेवियों को यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त किया*।

नहेम्याह 7:43 (HINIRV) »
फिर लेवीय ये थेः होदवा के वंश में से कदमीएल की सन्तान येशू की सन्तान चौहत्तर।
एज्रा 3:9 का महत्व और संदर्भ
यह verse यह बताता है कि जमाने के पहले चरण में याजकों के परिवारों के बाद किन लोगों ने ईश्वरीय भवन के निर्माण के लिए कमीशन संभाला—येशू और उसके बेटे व भाई, कदमीएल और उसके बेटे, हेनादाद की सन्तान और उनके बेटे। यह घटना परमेश्वर के मंदिर के पुनर्निर्माण के शुरुआती चरणों में एक ठोस योजना और संगठन की ओर संकेत करती है। यह दिखाती है कि धार्मिक कार्य केवल पूजा-स्थल के निर्माण तक सीमित नहीं थे, बल्कि समुदाय का हर वर्ग, विशेषकर शिल्पकार और कारीगर, आध्यात्मिक रोजगार के साथ जुड़कर एक साथ काम कर रहे थे।
पुनरागमन context में इसका अर्थ
बाइबिल के वंशानुवंश में बेबीलोनिया से लौटने के बाद यहूदियों को टेम्पल की बहाली की कार्यवाही शुरू करनी थी। एज्रा 3 अध्याय में यह प्रारम्भिक चरण है, जहां मंदिर के आच्छादन और परिसर की मरम्मत के लिए आवश्यक कारीगरों को नियुक्त किया गया। इस क्रम में यहूदियों के लोगों के बीच काम की जिम्मेदारी का विभाजन स्पष्ट है: यिशु और उनके परिवार, कदमीएल और परिवार, और हेनादाद की नस्लों के सदस्य मिलकर भवन-संरचना के विभिन्न हिस्सों पर काम कर रहे थे। यह संरचना यह दर्शाती है कि पूजा के लिए स्थान बनाना सामुदायिक सहयोग का परिणाम है, न कि किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि।
मुख्य संदेश
1) संगठन और नेतृत्व का महत्व: निर्माण कार्य एक समूह-उद्धार है, जिसमें अलग-अलग परिवारों के सदस्य मिलकर उत्तरदायित्व का बंटवारा करते हैं।
2) पवित्र कार्य के लिए प्रतिबद्धता: मंदिर की मरम्मत और निर्माण के लिए हाथ उठाने वाले लोग मंदिर के सम्मान और भक्ति के प्रतीक बनते हैं।
3) व्यवसायिक और धार्मिक समुदाय का समन्वय: कारगर भवन-संरचना के लिए कौशल और आध्यात्मिक संस्था एक साथ आती है।
पवित्र विषयक थीम समर्थन
इस verse में समुदाय-आधारित कार्य, भागीदारी का महत्व, और पवित्र स्थान के निर्माण के लिए शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की कड़ी जरूरतें स्पष्ट हैं। यह इतिहास बताता है कि कैसे परमेश्वर की अवहेलना-नहीं, बल्कि उसकी महिमा के लिए हर तरह के अनुशासन, कौशल और संगति एक साथ काम करती है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत)
इन संदर्भों से साफ होता है कि धार्मिक पुनर्निर्माण सिर्फ आंतरिक आस्था नहीं, बल्कि सामुदायिक निर्माण और व्यावसायिक कौशल के सही इस्तेमाल से संभव होता है।
छोटी-सी devotional भूमिका
जब हम स्वयं के कार्य-स्थलों में ईश्वर के लिए कार्य करते हैं, तो हम मंदिर के पुनर्निर्माण में भागीदारी निभाते हैं—चाहे वह घर-परिवार की मरम्मत हो, या किसी समुदाय-कार्य का प्रबंध। परमेश्वर चाहते हैं कि हमारे हाथ उसकी महिमा के कार्यों में उपयोग हों, और हमारा योगदान कभी छोटा नहीं माना जाना चाहिए।
सारांश-उपसंहार
एज्रा 3:9 एक उदाहरण है कि प्रेरित नेतृत्व, कौशल और श्रद्धा एक साथ कैसे मंदिर-निर्माण के पर्व को संभव बनाते हैं। यह verse समुदाय की एकजुटता, प्रभु–भक्ति और सेवक-जाति के योगदान को मान्यता देता है।
सूक्ति-विशेष उद्धरण (Public-domain commentators)
यदि आवश्यक हो तो नीचे सेतु-उद्धृत अनुभागों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त विचार मिल सकते हैं:
Matthew Henry ने कहा है कि मंदिर-निर्माण में विविध परिवारों की सहभागिता यह दर्शाती है कि धार्मिक कार्य एक सामुदायिक दायित्व है, जो 서로 की सहायता से पूर्ण होता है।
Albert Barnes ने इस प्रकार देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि चुने हुए कारीगरों की नियुक्ति से मंदिर के भवन-कार्य में सुव्यवस्था और व्यवस्था आती है, और हर व्यक्ति एक भूमिका अदा करता है।
Adam Clarke के शब्दों में यह कहावत मिलती है कि ये लोग मानो “भूभागों” के मिलन से मंदिर की सेवा-शृंखला बनाते हैं—जो यह बताता है कि भव्य मंदिर का निर्माण दिलचस्प समुदायिक सहयोग से ही संभव है।