Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
इब्रानियों 10:1 इब्रानियों 10:2 इब्रानियों 10:3 इब्रानियों 10:4 इब्रानियों 10:5 इब्रानियों 10:6 इब्रानियों 10:7 इब्रानियों 10:8 इब्रानियों 10:9 इब्रानियों 10:10 इब्रानियों 10:11 इब्रानियों 10:12 इब्रानियों 10:13 इब्रानियों 10:14 इब्रानियों 10:15 इब्रानियों 10:16 इब्रानियों 10:17 इब्रानियों 10:18 इब्रानियों 10:19 इब्रानियों 10:20 इब्रानियों 10:21 इब्रानियों 10:22 इब्रानियों 10:23 इब्रानियों 10:24 इब्रानियों 10:25 इब्रानियों 10:26 इब्रानियों 10:27 इब्रानियों 10:28 इब्रानियों 10:29 इब्रानियों 10:30 इब्रानियों 10:31 इब्रानियों 10:32 इब्रानियों 10:33 इब्रानियों 10:34 इब्रानियों 10:35 इब्रानियों 10:36 इब्रानियों 10:37 इब्रानियों 10:38 इब्रानियों 10:39



इब्रानियों 10:7 का परिचय और संदर्भ
पद इब्रानियों 10:7 में उद्धरण देता है—“देख, मैंने आ कर कहा, (पवित्रशास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूँ।” यह वाक्य नाटक के भीतर एक स्पष्ट अनुभूति दर्शाता है कि परमेश्वर का योजना-कार्य एक व्यक्ति के भीतर पूरा होता है जो विश्वस्त और समर्पित होकर उसकी बुलाहट का पालन करता है। लेखक इस अध्याय में एक प्रमुख चर्चा करता है: ईसा मसीह अनिवार्य रूप से पिता की इच्छा की पूर्ति के लिए पृथ्वी पर आते हैं और पुराने नियम की प्रतीकों और भविष्यवाणियों को पूर्ण करते हैं। यह वाक्य यीशु की पृथ्वी-जीवन की क्रियाशीलता का एक छोटा उद्धरण नहीं, बल्कि उद्धार-कार्य की पूर्णता का प्रमाण है।
मुख्य अर्थ
यह पद ईसा मसीह के आत्म-त्याग और परमेश्वर की इच्छा के प्रति निर्भय समर्पण को उजागर करता है। पुराने नियम में लेखित शास्त्रों के अनुसार, प्रभु के लिए लिखा गया “वह आ रहा है” एक योजना का भाग है, जिसमें यीशु का अवसान, बलिदान और पुनर्जीवन शामिल है। यहां यह बताने का उद्देश्य है कि यीशु स्वयं से पहले से निर्धारित उद्देश्य के अनुसार आ कर पिता की इच्छा पूरी करते हैं—बचाव और बहालियों के लिए एक नया अनुबंध स्थापित करते हैं।
मुख्य थीम्स
अन्यogram (Cross-references) — संक्षिप्त समझ
कैसे समझें और व्यवहारिक अनुभव
हम प्रत्येक दिन छोटे-छोटे निर्णयों में यह देखना सीखें कि क्या हमारा चुनाव भी परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है। चर्च-समुदाय, परिवार, और कार्यस्थल पर सत्य और प्रेम के अनुसार कर्म करना, यह दर्शाता है कि हम भी “आ कर” उसकी इच्छा पूरी करने के लिए समर्पित हैं।
संक्षिप्त समापन
इस verse में यह विचार स्पष्ट है कि यीशु के आ जाने का उद्देश्य केवल एक व्यक्ति के जीवन की घटनाओं के कारण नहीं, बल्कि परमेश्वर की पूर्ण इच्छा की पूर्ति के लिए है। यह बताता है कि उद्धार की योजना यीशु के रूप में पूर्ण होकर बहादुरित करती है, और हमारे लिए भी एक नया जीवन-मार्ग खोलती है—ताकि हम परमेश्वर के प्रशंसा और नई व्यवस्था में विश्वास के साथ जी सकें।
एजेक्शन—पर्सनल रिफ्लेक्शन
हम कैसे अपनी राह को परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप ढालें? एक छोटा-सा प्रश्न: क्या आज मैंने अपने निर्णयों में ईश्वर की इच्छा को पहले रखा है, या अपने स्वार्थ को अधिक महत्त्व दिया है?
सार: यीशु का आना और पिता की इच्छा की पूर्ति एक ऐसी दिशा है जो हमें बताती है कि उद्धार-यात्रा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संसार के लिए है—हम भी अपनी जिंदगी को इस दिशा में ढालें।