अय्यूब 15:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं तो नहीं परन्तु तेरा मुँह ही तुझे दोषी ठहराता है; और तेरे ही वचन तेरे विरुद्ध साक्षी देते हैं।

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अय्यूब 15:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 15:6 पर व्याख्या: तुम्हारे अपने मुँह तुम्हें दोषी ठहराते हैं

सीधे अर्थ का सार — इस वाक्य में कहा गया है कि आयु के समय तू अपने ही शब्दों से अपनी गिनती को बढ़ा रहा है; तेरे तर्क और तेरे वचन तेरे विरुद्ध प्रत्यक्ष साक्षी बन रहे हैं। तुम्हारे मुँह की गवाही तुम्हारे दोषों का प्रमाण बन गई है।

पश्चातापपूर्व Contextual पृष्ठभूमि

यूसुफ के बाल-हस्तांतरण के बाद आय्यूब के मित्रों का फिर से प्रश्न उठता है कि क्या उसकी पीड़ा के पीछे किसी गहरे पाप की वजह है। भगवान से पहले इन मित्रों के पैग़ाम में वे दृष्टि बाँटते हैं कि क्लिष्ट दैवीय न्याय के अनुसार पीड़ा केवल पाप का परिणाम है। अय्यूब के प्रत्युत्तर में यह पद एक ऐसी अनुभूति दर्शाता है कि तेरा आत्म-वार्तालाप न केवल तुम्हें गलत ठहराता है, बल्कि तुम्हारे ही दावे और तर्क तुम्हारे विरुद्ध ठोस साक्ष्य बन जाते हैं।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • तुम्हारे शब्द तुम्हारी स्थिति को प्रमाणित करते हैं—जो तु्म्हारे दावे के विपरीत प्रमाण देते हैं।
  • कड़ाई से कहा गया है कि आत्म-आख्यान में ही गलतियाँ पाई जा सकती हैं; आत्म-तथ्यों पर ही प्रश्न उठते हैं जब वे अन्य सत्यांशों के विपरीत हों।
  • यह पाठ यह संकेत देता है कि व्यक्ति की असंगत दलीलों से उसकी धार्मिकता नहीं सुधरती, बल्कि वे स्वयं उसकी दशा को स्पष्ट करते हैं।

संप्रस्तावित मुख्य बिंदु

अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप व्याख्या)

1) हवेली-उद्धरण के समानार्थी संकेत: कुछ पुराने टिप्पणीकारों के अनुसार, आय्यूब के संदेशों में आत्म-गुणगान से बचना और सत्य की खोज और भय के साथ जुड़ना आवश्यक है।

2) शब्द-सत्य और दर्द का सम्बन्ध: दयालु न्याय के भीतर अपने शब्दों को परखना—ताकि असत्य न जन्म ले।

3) धर्म-व्याख्या में संयम: मित्रों के तर्कों की कसौटी पर आय्यूब का धैर्य और परमेश्वर के आशीर्वाद की धारणा स्पष्ट होती है।

हिंदी में संक्षिप्त Cross-References के साथ संक्षेप विवरण

— दूसरे पाठ जहाँ लोग अपने ही कथनों से अपने उद्धार का प्रमाण खोजते हैं, परन्तु परिणामतः वे भ्रमित हो जाते हैं; यह स्पष्ट करता है कि सत्य की खोज बाहरी तर्क से नहीं, बल्कि परमेश्वर के प्रकाश से होती है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

आपके अपने तर्कों की साक्ष्यता उन दुष्प्रवृत्तियों को उजागर कर सकती है जिन्हें आप बोलते हैं। आत्म-नैतिकता के बजाय सत्य-आस्था पर टिके रहें; यदि वाक्यों के परिणाम अन्यायपूर्ण प्रतीत हों, तो देखें कि आपकी दलीलें कहाँ असमान हैं और परमेश्वर के प्रकाश में उन्हें सुधारें।

टिप्पणी: नीचे दिये गए 2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस के संक्षेप व्याख्या में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डोमेन टीका-लेखकों के प्रेरित विचारों की झलक मिलती है, परन्तु पूर्ण उद्धरण केवल इन्हीं के संक्षेप प्रतिनिधित्व तक सीमित हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 15:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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लूका 19:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 19:22 (HINIRV) »
उसने उससे कहा, ‘हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुँह से* तुझे दोषी ठहराता हूँ। तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूँ, जो मैंने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैंने नहीं बोया, उसे काटता हूँ;

मत्ती 12:37 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 12:37 (HINIRV) »
क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।”

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अय्यूब 9:20 (HINIRV) »
चाहे मैं निर्दोष ही क्यों न हूँ, परन्तु अपने ही मुँह से दोषी ठहरूँगा; खरा होने पर भी वह मुझे कुटिल ठहराएगा।

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