Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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अय्यूब 15:6 पर व्याख्या: तुम्हारे अपने मुँह तुम्हें दोषी ठहराते हैं
सीधे अर्थ का सार — इस वाक्य में कहा गया है कि आयु के समय तू अपने ही शब्दों से अपनी गिनती को बढ़ा रहा है; तेरे तर्क और तेरे वचन तेरे विरुद्ध प्रत्यक्ष साक्षी बन रहे हैं। तुम्हारे मुँह की गवाही तुम्हारे दोषों का प्रमाण बन गई है।
पश्चातापपूर्व Contextual पृष्ठभूमि
यूसुफ के बाल-हस्तांतरण के बाद आय्यूब के मित्रों का फिर से प्रश्न उठता है कि क्या उसकी पीड़ा के पीछे किसी गहरे पाप की वजह है। भगवान से पहले इन मित्रों के पैग़ाम में वे दृष्टि बाँटते हैं कि क्लिष्ट दैवीय न्याय के अनुसार पीड़ा केवल पाप का परिणाम है। अय्यूब के प्रत्युत्तर में यह पद एक ऐसी अनुभूति दर्शाता है कि तेरा आत्म-वार्तालाप न केवल तुम्हें गलत ठहराता है, बल्कि तुम्हारे ही दावे और तर्क तुम्हारे विरुद्ध ठोस साक्ष्य बन जाते हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
संप्रस्तावित मुख्य बिंदु
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप व्याख्या)
1) हवेली-उद्धरण के समानार्थी संकेत: कुछ पुराने टिप्पणीकारों के अनुसार, आय्यूब के संदेशों में आत्म-गुणगान से बचना और सत्य की खोज और भय के साथ जुड़ना आवश्यक है।
2) शब्द-सत्य और दर्द का सम्बन्ध: दयालु न्याय के भीतर अपने शब्दों को परखना—ताकि असत्य न जन्म ले।
3) धर्म-व्याख्या में संयम: मित्रों के तर्कों की कसौटी पर आय्यूब का धैर्य और परमेश्वर के आशीर्वाद की धारणा स्पष्ट होती है।
हिंदी में संक्षिप्त Cross-References के साथ संक्षेप विवरण
— दूसरे पाठ जहाँ लोग अपने ही कथनों से अपने उद्धार का प्रमाण खोजते हैं, परन्तु परिणामतः वे भ्रमित हो जाते हैं; यह स्पष्ट करता है कि सत्य की खोज बाहरी तर्क से नहीं, बल्कि परमेश्वर के प्रकाश से होती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
आपके अपने तर्कों की साक्ष्यता उन दुष्प्रवृत्तियों को उजागर कर सकती है जिन्हें आप बोलते हैं। आत्म-नैतिकता के बजाय सत्य-आस्था पर टिके रहें; यदि वाक्यों के परिणाम अन्यायपूर्ण प्रतीत हों, तो देखें कि आपकी दलीलें कहाँ असमान हैं और परमेश्वर के प्रकाश में उन्हें सुधारें।
टिप्पणी: नीचे दिये गए 2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस के संक्षेप व्याख्या में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डोमेन टीका-लेखकों के प्रेरित विचारों की झलक मिलती है, परन्तु पूर्ण उद्धरण केवल इन्हीं के संक्षेप प्रतिनिधित्व तक सीमित हैं।