अय्यूब 20:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कोई वस्तु उसका कौर बिना हुए न बचती थी; इसलिए उसका कुशल बना न रहेगा

पिछला पद
« अय्यूब 20:20
अगला पद
अय्यूब 20:22 »

अय्यूब 20:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 20:21 का सीधा अर्थ

इस पद में বলা गया है कि जो कुछ भी एक व्यक्ति के दांतों के बाहर निकल ही गया, उसका नाश नहीं रुकता; अर्थात हानियाँ समाप्त नहीं होतीं और उसके सुख-समृद्धि का आधार टिके रहने वाला नहीं रहता- यह एक भ्रष्ट राजा या शत्रु की सीमा-पराक्रमी योजनाओं के अंतःस्थल को उजागर करता है।

पृष्ठभूमि और प्रसंग

या भूमिका में एलिप्सी रूप से यह कहा गया है कि अत्याचारी शक्तियाँ भी अपनी कुशल-ता को बनाए नहीं रख सकतीं; उनके अंतिम परिणाम नष्टप्राय हैं। यह अय्यूബ के मित्रों की गूंजियों का एक भाग है जो एक व्यक्ति के धन-वैभव, सत्ता और ध्वंस से जुड़ी चिंता को दर्शाता है। इस संदर्भ में יהוה के सत्ता के सामने मानव-निर्भरता और क्षणभंगुरता की याद दिलाई जाती है।

हेतु-व्याख्या (interpretive observations)

  • शक्ति और संपत्ति स्थायी नहीं: धन-सम्पदा और आडम्बर एक क्षण में होते हैं, फिर समाप्त होते हैं; अतः वास्तविक सुरक्षा परमेश्वर की कृपा में है, न कि सांसारिक SUCCESS में।
  • नुकसान का तर्क: दुश्मन की कुशलता का स्थायित्व उसकी अस्थिरता से जुड़ा है; उसका अंत अनिवार्य है, चाहे वह कितनी भी चालाकी से दबदबा बनाए रखे।
  • नश्वरता की चेतावनी: यह आयाम मनुष्यों के लिए एक याद है कि वे अपने धन-दौलत के पीछे न दोड़े, बल्कि स्थायी मूल्य को खोजें—धर्म, सत्य और दयाभाव।

थीम और संक्षेप

  1. कायम नहीं रहने वाली क्षणिक सफलता के विरुद्ध एक सचेत चेतावनी
  2. सत्ता-धन का अस्थिर स्वरूप
  3. परमेश्वर की सत्ता के सामने मनुष्य की निर्भरता

अन्य-संदर्भ (cross-references) और उनके संक्षिप्त अर्थ

यशायाह 40:6-7— सांसारिक जीवन की नश्वरता की याद दिलाता है कि मानव-परिधान पल-पल बदलते हैं; यह पद अय्यूब 20 के संदर्भ से संगत संकेत देता है कि बाहरी वैभव अस्थिर है।

धर्मशास्त्र-सार: भलमनसाहत और विश्वास का स्थिर आधार— धन और शक्ति के बजाय परमेश्वर की आस्था स्थायी है; यह विचार अय्यूब के अनुभवों के साथ गूँथता है।

कनिष्ठता और न्याय: 1 कुरिन्थियों 4:18-20— ईश्वर की सामर्थ्य मानवीय शक्तियों से ऊँची है; यह अय्यूब 20 के संदेश से संगत है कि असमर्थ सत्ता शिवाय टिक नहीं पाती।

संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष

- जब धन या प्रभाव बढ़ते दिखते हैं, तब भी हमें अपनी सुरक्षा परमेश्वर की कृपा और धर्म-पूर्ण चरित्र में ढूंढनी चाहिए।

- असफलताओं या विरोधों के समय, दुष्प्रभावों से संघर्ष करते हुए धन के लोलुप स्वार्थ से बचना चाहिए।

निकट के संदर्भों के उद्देश्यपूर्ण संकेत

यह पद धन-सम्पदा की नश्वरता का प्रतिबिंब है; परन्तु यह बतलाता है कि परमेश्वर के विरुद्ध निश्चय-सम्पदा भी 결국 नष्ट हो जाती है। इस विचार के साथ आपत्ति के समय भरोसा और नम्रता बढ़ती है, क्योंकि अंतिम निर्धारण परमेश्वर का है।

नोट: नीचे उद्धृत सीधे कथन लेखक-उद्धरण के रूप में नहीं दिए गए हैं; यदि आवश्यक पाए जाएँ तो Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के विशिष्ट वाक्यांश संदर्भित किए जा सकते थे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 20:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 18:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 18:19 (HINIRV) »
उसके कुटुम्बियों में उसके कोई पुत्र-पौत्र न रहेगा, और जहाँ वह रहता था, वहाँ कोई बचा न रहेगा। (अय्यू. 27:14)

अय्यूब 15:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 15:29 (HINIRV) »
वह धनी न रहेगा, ओर न उसकी सम्पत्ति बनी रहेगी, और ऐसे लोगों के खेत की उपज भूमि की ओर न झुकने पाएगी।

यिर्मयाह 17:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 17:11 (HINIRV) »
जो अन्याय से धन बटोरता है वह उस तीतर के समान होता है जो दूसरी चिड़िया के दिए हुए अण्डों को सेती है, उसकी आधी आयु में ही वह उस धन को छोड़ जाता है, और अन्त में वह मूर्ख ही ठहरता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें