अय्यूब 20:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि उसने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उसने घर को छीन लिया, जिसे उसने नहीं बनाया।

पिछला पद
« अय्यूब 20:18
अगला पद
अय्यूब 20:20 »

अय्यूब 20:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 20:19 का पाठ—संदर्भ और संदेश

यह पद अय्यूब की पीड़ा और उसके दोस्ती-संबंधी तकरार के दौरान उद्धृत है। शूह के गीतकथा में कयामत का अनुभव कर रहे व्यक्ति के रूप में शौड (याकूब) नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विचारधारा के अनुसार दुष्ट के भाग्य की चर्चा है। अय्यूब की कविता में असत्य स्वार्थी विचारों के विरुद्ध सांसारिक सुख-सम्पदा के क्षणभंगुर होने का संकेत मिलता है। यहाँ कहा गया है कि अत्याचार करने वाले व्यक्ति ने दबाव से उत्पन्न धन-दौलत, जो उसके स्वार्थ के कारण एक बड़े आश्वासन की तरह दिखाती है, उसे खो दिया है, और उसका घर भी उसने नहीं बनाया।

मुख्य अर्थ

यह वाक्य दुष्ट के भाग्य की अस्थिरता और उसकी सृष्टि-विनाशक प्रवृत्ति की आलोचना करता है। वह गरीबों पर अत्याचार कर, उनका धन-स्वामित्व बनाता है, पर अंततः वही संपत्ति और स्थिरता खो देता है जिसे उसने बनवाया नहीं था। यदि किसी ने छल से प्राप्त धन पर टिके रहने की कोशिश की है, तो वह यथार्थ में अस्थिरता और अनिश्चितता का शिकार बनता है।

दो-तीन प्रमुख थीम

  • कूटकार्य का परिणाम: धन और संपत्ति एक अस्थिर स्रोत हैं—जो अन्याय से अर्जित हों, वे टिकते नहीं।
  • हक़ के पीछे का दायित्व: गरीबी और कमजोरों के अधिकारों के उल्लंघन पर कठोर चेतावनी।
  • घर बनवाने का सही अर्थ: स्थायित्व और सुरक्षा ईश्वर में निहित है, न कि मनुष्यों की बनाई-संरचना में।

क्रॉस-रेफरेंस (संगत संदर्भ) और उनके छोटे विवरण

1) दाऊद 12:7-8—धन के साथ ईश्वर की कृपा और विनम्रता का मूल्य बताता है, कि धन से नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा से वास्तविक सुरक्षा है।

2) यशायाह 10:1-2—जो लोग उत्पीड़न से संपन्न होते हैं, वे मानवता के अधिकारों को कैसे छीन लेते हैं, इसका स्पष्ट चित्रण देता है।

3) याकूब 5:1-6—धन से अत्याचार करने वालों के लिए कठोर चेतावनी—उनकी काली कमाई अंततः उनके लिए मारक बनती है।

व्यावहारिक चिंतन

हममें से प्रत्येक अपने आर्थिक या सामाजिक लाभों के पीछे इमानदारी, निष्ठा और करुणा को प्राथमिकता दे। अगर धन-सम्पदा हमारी सुरक्षा बन जाए, तो हम उसे सही तरीके से उपयोग करें और दबाव-जनित शक्ति से दूसरों के अधिकारों का हनन न करें। जीवन की अस्थिरता के समय में भी हमारा आस्तित्व परमेश्वर की कृपा और सिद्ध नियमों पर टिके रहना चाहिए।

संक्षिप्त निष्कर्ष

अय्यूब 20:19 दुष्ट के अस्थिर और अन्यायपूर्ण जीवन-पथ का स्पष्ट कारण बताता है—उन्होंने गरीबों को पिशाच की तरह पीस दिया, पर उनके अपने घर और संपत्ति उनके द्वारा नहीं बनाए गए थे, इसलिए वह स्थायी नहीं रहते। यह चेतावनी देता है कि सत्य और न्याय के मार्ग पर चलना ही वास्तविक सुरक्षा है।

संक्षिप्त संदर्भ-रेखा

यह अध्याय दुष्ट के भाग्य के बारे में सावधान रहने की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है। अतः सत्यनिष्ठा, दया और ईश्वर-आश्रय को अपनाने से ही संसार की अस्थिरता पर विजय मिलती है।

नोट: यदि उद्धृत किया गया हो, तो Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के छोटे उद्धरण चिन्हित रहते हैं, ताकि पाठक उन कठिन भागों के पुराने विवेचन से मार्गदर्शन पा सकें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 20:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 35:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 35:9 (HINIRV) »
“बहुत अंधेर होने के कारण वे चिल्लाते हैं; और बलवान के बाहुबल के कारण वे दुहाई देते हैं।

नीतिवचन 14:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 14:31 (HINIRV) »
जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्दा करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है।

याकूब 2:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 2:6 (HINIRV) »
पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया। क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट-घसीट कर नहीं ले जाते?

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें