अय्यूब 34:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“इसलिए इसको सुनकर समझ रख, और मेरी इन बातों पर कान लगा।

पिछला पद
« अय्यूब 34:15
अगला पद
अय्यूब 34:17 »

अय्यूब 34:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 34:16—परिप्रेक्ष्य और अर्थ

परिशिष्ट संदर्भ: यह पद अय्यूब की दलीलों के बीच आता है, जब मित्रों की बातें सुनकर अय्यूब अपनी आस्था और आरोपों को प्रस्तुत करता है। भगवान के न्याय और कर्म के बारे में बहस चल रही है, और यह पंक्ति एक सचेत चेतावनी देती है कि जो लोग ज्ञान और विवेक से दूर भागते हैं, वे सही प्रश्न नहीं पूछते। इस संदर्भ में कहा गया निर्देश है: सुनो, समझो, और मेरी बातों पर कान लगाओ।

ईश्वर की महिमा और विवेक की मांग

यह प्रेरक संदेश यह दिखाता है कि ईश्वर के साथ बातचीत में मन्यक्षमता और धैर्य आवश्यक है। शब्द “इसको सुनकर समझ रख” से स्पष्ट होता है कि भक्ति को केवल राग-द्वेष नहीं चाहिए, बल्कि ठोस विचार और विवेकपूर्ण मान्यता चाहिए। ईश्वर अपने तर्कसंगत तर्क और न्याय के साथ प्रस्तुत होते हैं, और हमें उनकी राह पर ध्यान देना चाहिए।

शब्दों का महत्वपूर्ण चित्रण

“सुनकर समझ रखना” में听ने का भाव गहराई से संकेंत देता है—कहते हैं कि परमेश्वर के पद पर पूरी तरह ध्यान दें और अपने विचारों को प्रतिबिंबित करें। यह भी संकेत है कि भगवान अपने लोगों के भीतर की चोटों, प्रश्नों और तर्कों को जानता है और उचित क्षमा, न्याय और उपदेश प्रदान करते हैं।

सम्बंधित आयतन और संदर्भ

- भजन 12:6: ईश्वर के वचन सच्चे और अडिग हैं; उन्हें सुनना और विश्वास करना शास्त्रीय आत्मविश्वास है।

- यशायाह 1:18: भगवान पापों पर चेतावनी देते हैं, परन्तु पक्की सुनवाई पर पुनर्स्थापना का अवसर देते हैं।

- मत्ती 11:29:耶穌 कहता है कि उनके बंधनों में विश्राम है—ध्यान और समझ के साथ सीखना विश्राम का मार्ग है।

इन संदर्भों का सन्निकटन बताता है कि सुनना, समझना और भगवान की वाणी पर चलना विश्वास की ठोस व्यवहारिकता है।

प्रयस और दिन के लिए अनुप्रयोग

  • बुरे तर्कों के बीच भी कर्तव्य है कि हम शांति से सुनें और विवेक से विचार करें, फिर स्वयं से यह पूछें कि क्या यह बात परमेश्वर के चरित्र के अनुरूप है।
  • अपने दिमागी मान्यताओं को जाँचें और परिस्थितियों के पीछे सत्य को खोजें—क्योंकि ईश्वर न्यायी हैं और उनके मार्ग पर चलना ही सही रास्ता है।

उद्धृत मार्गदर्शक विचार (संक्षेप)

Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के सार से प्रेरित निष्कर्ष इस प्रकार हैं: धर्मी के लिए विवेकपूर्ण समझ आवश्यक है; भगवान अपनी पवित्रता के कारण आलोचना को भी न्यायपूर्ण ढंग से देखता है; हमारी प्रतिक्रिया में नम्रता और सत्य की खोज होनी चाहिए।

महत्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप):

- “हमें अपने सवालों को ईश्वर के साथ स्पष्ट और विनम्र तरीके से रखना चाहिए।” (सार)

इस पंक्ति का उद्देश्य यह है कि पाठक अपने विचारों की जाँच करें, ईश्वर की महानता और न्याय पर विश्वास बनाए रखें, और जीवन के हर आयाम में उनकी राह को मानकर चलें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 34:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 12:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 12:3 (HINIRV) »
परन्तु तुम्हारे समान मुझ में भी समझ है, मैं तुम लोगों से कुछ नीचा नहीं हूँ कौन ऐसा है जो ऐसी बातें न जानता हो?

अय्यूब 13:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 13:2 (HINIRV) »
जो कुछ तुम जानते हो वह मैं भी जानता हूँ; मैं तुम लोगों से कुछ कम नहीं हूँ।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें