अय्यूब 34:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

ऐसा अंधियारा या घोर अंधकार कहीं नहीं है जिसमें अनर्थ करनेवाले छिप सके।

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अय्यूब 34:22 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 34:22 – “ऐसा अंधियारा या घोर अंधकार कहीं नहीं है जिसमें अनर्थ करनेवाले छिप सके।”

Immediate setting: यह पद अय्यूब के मित्रों की उक्ति-श्रृंखला के बीच आता है जहाँ एक वैचारिक संघर्ष चलता है—ईश्वर के न्याय और विवेकपूर्ण निदर्शन की चर्चा। इस आयत में दयालु, समर्थ और न्यायी परमेश्वर की बिना-छोड़-छोड़ पकड़ की बात की गई है, ताकि कोई भी निष्क्रिय रूप से अनर्थ कर सके या अंधकार में छिपकर कुकर्म से बच न सके।

पाठ के बारे में महत्वपूर्ण निष्कर्ष

यह आयत निष्क्रिय लोगों के बजाय God’s omnipresence और न्याय की व्यापकता को उजागर करती है। अंधकार-सी घोर परिस्थितियाँ भी परमेश्वर के सामने निर्वासन नहीं बनतीं; हर अत्याचार, भेदभाव या शोषण का पर्दाफाश परमेश्वर के सामने होता है। यह विचार विश्वास को यह आश्वासन देता है कि न्याय का तंत्र समय के हर मोड़ पर सक्रिय है, और जो पाप करेगा उसे अंततः जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।

परिभाषित शब्द और छवि

– अंधियारा/घोर अंधकार: यहाँ से अपेक्षित है गहरे पाप, दुष्कर्म और चोरी जैसे क्रियाकलाप जिनमें भेद नहीं होता।

– अनর্থ करनेवाले: वे जो दूसरों को क्षति पहुँचाते हैं, संख्या से नहीं बल्कि नीयत से बुरा करते हैं।

मुख्य विचारों की संगति

1) परमेश्वर हर क्रिया के स्वरूप से परे है और किसी भी कुकर्म से बच नहीं सकता—न अंधकार, न चुप्पी।

2) न्याय का ढांचा वैश्विक है; दया, समानता और न्याय के साथ वह सब कुछ परखता है।

Related Cross-References (संशोधित संदर्भ, संक्षेप में)

  • यशायahu 59:2–3: पाप और अन्याय अंधकार बनकर सच्चाई के मार्ग को रोकते हैं; परन्तु ईश्वर की आवाज अंधकार में भी नंगे सत्य को उजागर करती है।
  • भजन 139:11–12: परमेश्वर के साथ अंधकार भी दीया बन जाता है; वहां भी तेरा अस्तित्व नहीं छिप सकता।
  • याकूब 5:6: विश्वासी न्याय के विरुद्ध क्रिया करने वालों पर ईश्वर के न्याय का तर्क स्पष्ट है—अनर्थक कामों के बाद भी परिणाम आते हैं।

उপयोगी निबंधन—आज के जीवन के लिए

– अन्याय के समय भी हमें सत्य और नैतिकता के साथ खड़ा रहना चाहिए।

– यह आयत याद दिलाती है कि किसी भी प्रकार की दुष्कर्म-रचना या धूर्तता असहनीय है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी रोशनी में क्यों न हों।

संयोजन से निष्कर्ष

अय्यूब 34:22 हमें यह सन्देश देता है कि परमेश्वर सर्वव्यापी न्यायपूर्ण सत्ता है—अंधकार चाहे कितना भी घना हो, वह अनर्थ करने वालों को सुरक्षित नहीं कर सकता। पुराने समुदायों के भाष्य-नोट्स से लेकर आधुनिक पाठ तक यह विचार एक ही धागे को पकड़े है: God’s presence और His righteous order darkness में भी प्रकाश बनकर काम करता है।

ध्यान दें: नीचे उद्धरित पंक्तियाँ/नोट्स में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मौलिक टुकड़ों से 2-3 ठोस उद्धरणों का उल्लेख किया गया है, यदि उपलब्ध हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 34:22 समानांतर पद और संबंधित वचन

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