अय्यूब 34:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि उन्होंने उसके पीछे चलना छोड़ दिया है, और उसके किसी मार्ग पर चित्त न लगाया,

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अय्यूब 34:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद का तुरंत संदर्भ और स्थितिगत परिचय

अय्यूब 34:27 के संदर्भ में शैतान-भरोसे से भरी बहस के बीच यहाँ परमेश्वर के न्याय और मानवीय प्रतिक्रिया की गूंज सुनाई देती है। यह पद उस प्रसंग का हिस्सा है जहाँ एक पघलनिष्ठ टिप्पणीकार अय्यूब के मित्रों की बातों के साथ परमेश्वर की विश्वसनीयता और मानव अविश्वास पर सवाल उठाता है। इस सूचित पंक्ति में स्पष्ट है कि लोग परमेश्वर के मार्ग से हटकर उसे नहीं खोजते और न ही उनके पीछे चलना चाहते हैं, जिससे उनके कदम एक निष्कर्ष तक पहुँचते हैं: या तो दुष्टों के लिए मार्ग है या फिर सत्य के मार्ग पर चलने की चेतावनी।

यह पाठ परमेश्वर और विश्वास के बारे में जो बताता है

इस श्लोक में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि मानवता कई बार परमेश्वर के मार्ग से चित्त न लगाकर उसे पीछे छोड़ देती है। इसका सीधा नतीजा यह होता है कि लोग अपने अपने स्वार्थ के अनुसार विचार बनाते हैं और ईश्वर के मार्ग को छोड़कर स्वयं के निर्णय करते हैं। बाइबल की सामान्य शिक्षाओं के संदेश में यह दिखता है कि ईश्वर न्यायी और निर्विकल्प हैं; वे सबकी खोज-परख करते हैं और हर व्यक्ति की दिशा उसकी हृदय-स्थिति पर निर्भर है।

महत्वपूर्ण शब्दों की स्पष्टता

  • संकेत है कि लोग ईश्वर के स्पष्ट आदर्शों से विमुख हो जाते हैं और अपने स्वार्थ के मार्ग चुनते हैं।
  • इसका अर्थ है कि वे ईश्वर के सिद्धांतों को मानने से मना कर देते हैं और अपने विचारों के अनुसार निर्णय लेते हैं।

संबद्ध आयतें और उनका संयोग

इन विचारों के साथ जुड़ी तीन प्रमुख संदर्भ पंक्तियाँ नीचे दी जा रही हैं—सब एक दूसरे के साथ समन्वय दिखाती हैं कि निष्क्रियता और अयोग्यता कैसे परमेश्वर की योजना के विरुद्ध भावना बनाती है:

1) परमेश्वर के मार्ग की खोज में निष्क्रियता का परिणाम: यह पाठ स्पष्ट करता है कि लोग सत्य से दूरी बनाते हैं और परिणामतः न्याय की दृष्टि से चूक जाते हैं।

2) न्यायपूर्ण शासन की याद दिलाने वाले दावे: यह पाठ दर्शाता है कि ईश्वर सब कुछ देखता है और हर मार्ग का परिणाम उसी के निर्णयों से जुड़ा है।

3) आशीषित विवेक से विमुखता के खतरे: यदि človec अपने विवेक को न खोले, तो उसकी दिशा ईश्वर के अनुसार होगी, अन्यथा वह अंधकार में भटकता है।

4-5 पंक्तियाँ: एक संक्षिप्त संदिग्ध प्रत्यक्ष सतर्कता

इस वाक्य की प्रेरणा से हमें यह स्मरण होता है कि ईश्वर की आवाज़ सुनना और उसके मार्ग पर चलना मानव-जीवन के लिए अनिवार्य है। यह न केवल दायित्व की बात है, बल्कि आंतरिक शांति और स्थायित्व का स्रोत भी है।

संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संदर्भ

– राज 8:18; हब 2:4; मिस 3:7

इन क्रॉस-रेफरेंसेस से संकेत मिलता है कि ईश्वर की ठहराव और न्याय हर व्यक्ति के निर्णय-स्वरूप मार्ग को आकार देते हैं, और असंतोष या विरोध के समय परमेश्वर की ओर लौटना आवश्यक है। प्रत्येक संदर्भ में निष्क्रियता बनाम विश्वास के बीच का चयन स्पष्ट किया गया है।

आज के जीवन में आवेदन

  • अपने निर्णयों में ईश्वर के मार्ग के अनुरूप रहने के लिए रोज़मर्रा की छोटी-छोटी चीजों में भी ध्यान दें—परमेश्वर की इच्छाओं के अनुरूप निर्णय लें।
  • जो लोग अपने मार्ग पर चलने की चेष्टा करते हैं, उनके लिए नम्रता से आत्म-परीक्षण आवश्यक है ताकि उनका हृदय परमेश्वर के साथ समर्पण में पुनः जुड़ सके।

मैथ्यू हेनरी, अर्ड्रार्क क्लार्क और एल्बर्ट बार्न्स के समान भावार्थों को समाहित करते हुए यह टिप्पणी इस निष्कर्ष पर पहुँचती है कि मानव का स्वार्थ और स्व-निर्णय परमेश्वर के मार्ग से विमुख करने के बावजूद भी परमेश्वर अपनी विश्वसनीयता और न्याय को बनाए रखता है। यदि कोई अपने पथ को ईश्वर के स्पष्ट ज्ञान के अनुसार ढालना सीख ले, तो जीवन के सभी क्षेत्र सच और शांति से भर जाते हैं।

क्यों यह पाठ आज भी महत्व रखता है

यह श्लोक मानव-आचरण के लिए एक पुकार है कि हम अपने स्वार्थपूर्ण रवैये को पहचानें और ईश्वर के प्रत्यक्ष मार्ग पर चलें। तब ही शब्दों का वास्तविक अर्थ और आशीर्वाद मिल सकता है—यह आज के समय में भी अटल है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 34:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 15:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 15:11 (HINIRV) »
“मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूँ*; क्योंकि उसने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया।” तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दुहाई देता रहा।

भजन संहिता 28:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 28:5 (HINIRV) »
क्योंकि वे यहोवा के मार्गों को और उसके हाथ के कामों को नहीं समझते, इसलिए वह उन्हें पछाड़ेगा और फिर न उठाएगा*।

यशायाह 5:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 5:12 (HINIRV) »
उनके भोजों में वीणा, सारंगी, डफ, बाँसुरी और दाखमधु, ये सब पाये जाते हैं; परन्तु वे यहोवा के कार्य की ओर दृष्टि नहीं करते, और उसके हाथों के काम को नहीं देखते।

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