Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 9:1 न्यायियों 9:2 न्यायियों 9:3 न्यायियों 9:4 न्यायियों 9:5 न्यायियों 9:6 न्यायियों 9:7 न्यायियों 9:8 न्यायियों 9:9 न्यायियों 9:10 न्यायियों 9:11 न्यायियों 9:12 न्यायियों 9:13 न्यायियों 9:14 न्यायियों 9:15 न्यायियों 9:16 न्यायियों 9:17 न्यायियों 9:18 न्यायियों 9:19 न्यायियों 9:20 न्यायियों 9:21 न्यायियों 9:22 न्यायियों 9:23 न्यायियों 9:24 न्यायियों 9:25 न्यायियों 9:26 न्यायियों 9:27 न्यायियों 9:28 न्यायियों 9:29 न्यायियों 9:30 न्यायियों 9:31 न्यायियों 9:32 न्यायियों 9:33 न्यायियों 9:34 न्यायियों 9:35 न्यायियों 9:36 न्यायियों 9:37 न्यायियों 9:38 न्यायियों 9:39 न्यायियों 9:40 न्यायियों 9:41 न्यायियों 9:42 न्यायियों 9:43 न्यायियों 9:44 न्यायियों 9:45 न्यायियों 9:46 न्यायियों 9:47 न्यायियों 9:48 न्यायियों 9:49 न्यायियों 9:50 न्यायियों 9:51 न्यायियों 9:52 न्यायियों 9:53 न्यायियों 9:54 न्यायियों 9:55 न्यायियों 9:56 न्यायियों 9:57



न्यायियों 9:56 का अर्थ और महत्व
यह वाक्य उस कुरबानी का संज्ञान देता है जो अन्याय के स्थलों पर भी परमेश्वर की न्याय की गवाही बनती है। अबीमेलेक ने पिता और भाइयों के प्रति घात किया, परन्तु परमेश्वर ने उसका दुष्कर्म उसके सिर पर लौटाया। यह न केवल एक आपराधिक घटना की विभीषिका है, बल्कि यह संदेश देता है कि परमेश्वर न्याय की रथ चला कर दुष्ट के कर्मों का परिणाम अवश्य देता है। इस वचन पर विचार वह संदेश उद्धरित करता है कि परमेश्वर के न्याय के दिन दुष्ट अपने कर्मों के अनुसार दण्ड पाते हैं।
पार्श्विक संदर्भ और मूल संदर्भ
न्यायियों के किताब के इस भाग में दुष्ट नेता अबीमेलेक ने अपने पिताGaal के मरने के बाद सत्ताधारी पंक्ति के भीतर दबिश डाली और अपने भाइयों को भी मार डाला ताकि वह राजा बन सके। परन्तु यह हिंसा परमेश्वर के समान्य नियम के विरुद्ध है, और परिणामस्वरूप उनका भाग्य उसी शृंखला में उलझ गया जिसमें उन्होंने दूसरों के लिए रास्ता बनाया था। इस वचन में कहा गया है कि जो घात अबीमेलेक ने किया, उसका बदला उसे ही भुगतना पड़ा।
मुख्य संदेश
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेस
- मोह 5:15: न्याय के मार्ग पर चलना सत्य से जुड़ा होता है; अन्यथा मनुष्य अपने ही दुष्कर्म ढक नहीं पाता।
- भजन 7:11-12: परमेश्वर न्यायप्रिय है और दुष्टों के विरुद्ध तैयारी रखता है; जो उसे मानते हैं, उनके लिए आश्रय।
- 2 कुरिन्थियों 5:10: हर व्यक्ति अपने कामों के अनुसार प्रतिफल पाएगा; यहाँ दुष्ट के कर्मों का फल भी उनके लिए है।
संक्षेप में, इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का न्याय स्थिर है और वह अपने लोगों के लिए न्यायभवन बनता है, चाहे समय और स्थान कुछ भी हों।
पूर्ववाचन पर विचार
अबेमेलेक की घात से पहलेगैर-धार्मिक राजनीति और सत्ता की चाह ने उसका मार्ग निर्धारित किया। यह वचन दया और दंड के बीच संतुलन को दिखाता है: जहाँ अन्यायजन्य आचरण होता है, वहाँ परमेश्वर एक समय-सीमा के भीतर दण्ड देता है, ताकि लोग सचेत हों और सत्य के मार्ग पर लौटें।
देवotional reflection
हमारे जीवन में कभी-कभी सत्ता, लाभ या कुर्सी पाने की लालच आत्मा को प्रवृत्त कर देती है—पर यह जरूरी है कि हम परमेश्वर के साथ सीधे रहें और दूसरे के प्रति निष्ठा, ईमानदारी और प्रेम दिखाएं। जब हम अपने इरादों को परमेश्वर के न्याय के प्रकाश में देखते हैं, तब भय नहीं, बल्कि विश्वास और सब कुछ पहले उसकी महिमा के लिए करने की प्रेरणा मिलती है। यह वचन स्मरण कराता है कि गलत रास्ते पर चलकर हम अस्थिरता और निष्ठाहीनता की चपेट में आते हैं; पर यदि हम दयालु और न्यायप्रिय जीवन चुनते हैं, तब परमेश्वर हमें सच्ची सुरक्षा और शांति देता है।
उद्धरण नोट: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उपलब्ध सारांश टिप्पणियाँ इस प्रकार हैं — उनका संक्षिप्त सार इस संदेश में बताता है कि दुष्ट के कर्मों का परिणाम उसे ही भुगतना पड़ता है और परमेश्वर की योजना में विश्वास रखना चाहिए।
सूक्ष्म उद्धरण संकेत
यदि आप इन टिप्पणीकारों के सीधे शब्दों को देखना चाहें, तो उनके मौलिक विचारों का सार नीचे मिलता है: “दुष्ट ने जो किया, वह स्वयं उल्टा उसे दंड देगा.”