Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
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लैव्यव्यवस्था 26:35 का सीधे अर्थ
यह आयत कहती है कि जो सूना पड़ा रहेगा, उसे वही दिन-दिन के विश्राम के बराबर विश्राम मिलेगा; अर्थात् यदि किसी नगर को विश्राम-दिवसों के दौरान लेनदेन या निवास-विस्थापन के कारण आराम नहीं मिला, तो वह राजा और व्यवस्था के क्रियाकलापों के बाद अपने समय पर उसे पाता है।
संदर्भ पृष्ठभूमि
लगभग पूरी लैव्यव्यवस्था पवित्र आशीर्वादों और दंडों के नियमों का संकलन है जो परमेश्वर की नीति के अनुसार जीवन-सहयोग, पवित्रता और समाज-व्यवस्था को स्थापित करते हैं। यह अध्याय 26 बिना विश्राम के नियमों के उल्लंघन पर दंडों की श्रृंखला देता है, ताकि यहूदियों के जीवन में अनुशासन और भरोसा बनी रहे। यहाँ विश्राम का विचार दो प्रकार के समय से जुड़ा है: परमेश्वर के संरक्षण का विश्राम और कृषि/सामाजिक व्यवस्था का विश्राम।
व्याख्यात्मक विचार
2-3 प्रमुख थीम
कथनार्थ cross-references
1) परमेश्वर के विधान के अनुसार विश्राम—याद दिलाने वाला संकेत कि वास्तविक विश्राम वहाँ है जहाँ परमेश्वर के अवसर पक्के हों;
2) दोष-निवारण और दायित्व के संतुलन से जुड़ी अन्य विधानें जिनमें समय-सीमा और अवसरों की पुनर्प्राप्ति का उल्लेख है;
3) विश्राम के आध्यात्मिक अर्थ की पुष्टि: भरोसे और श्रद्धा के साथ जीवन के हर क्षेत्र में नियंत्रण का अनुभव।
संभावित समानांतर टिप्पणियाँ (कहावतें नहीं, सार)
हिंदी बाइबल पाठ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों के प्रेरक विचार सामान्यतः हैं, पर यहाँ व्यवहृत उद्धरण संकुचित रूप में ही उल्लेखित किया गया है ताकि मूल पाठ के साथ एकीकृत समझ बने।
संक्षिप्त व्यावहारिक take-away
संदर्भ-नोट: इस पंक्ति में विश्राम और पुनर्प्राप्ति का विचार पुराने नियम के समग्र आह्वान से जुड़ा है—योग्यता, व्यवस्था-निष्ठा और परमेश्वर के समय पर भरोसा।