लूका 19:34 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उन्होंने कहा, “प्रभु को इसकी जरूरत है।”

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लूका 19:34 पद-दर-पद बाइबल टीका

कथन का सीधा अर्थ

लूका 19:34 में यीशु के आगमन पर लोग एक छोटी-सी बात बताती हैं कि प्रतिदान के लिए एक भेड़ या तुरुप के लिए प्रभु को इसकी जरूरत है—यानी परमेश्वर की योजना पूरी करने के लिये कुछ खास संसाधन या सेवक-योग्यता की आवश्यकता है, जिसे पूर्वजो ने स्वीकार किया है। इस वच्न में प्रभुवादी के कृपापात्र बनकर संतुष्ट होने की इच्छा स्पष्ट है: प्रभु की इच्छा पूरा करने के लिए आवश्यक वस्तु उसे दे दी जाती है।

परिप्रेक्ष्य

युवा यीशु के प्रवेश के समय यूदा के सत्ताधारी लोग उसे अलग-थलग करने के बजाय मौके की राह देखते हैं। यहां संकेत है कि प्रभु के कार्य में मानवीय सहायता की भूमिका कितनी अहम होती है—ईश्वर के उद्देश्य सम्पूर्ण कराने के लिए लोगों के संसाधन और सेवक-भाव की आवश्यकता होती है। यह टिप्पणी देता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के लिए मानव-योगदान मूल्यवान होता है, पर वह सब कुछ प्रभु के संपूर्ण योजना के अनुसार संचालित होता है।

व्यावहारिक टिप्पणियाँ

- विश्वास के साथ दिए गए संसाधन परमेश्वर के काम को आगे बढ़ाते हैं।

- हर अवसर पर, जो कुछ भी प्रभु को हमारी इच्छा से समर्पित हो, उसकी वजह से उसका कार्य संचालित होता है।

मुख्य विचार-सूची

  • परमेश्वर की योजना में मानवीय योगदान की महत्ता
  • विश्वास और समर्पण से प्रभु के कार्य को गति देना
  • आत्म-समर्पण और सेवा का सन्निकट चिह्न

अनुचित उद्धरणों के साथ सम्बद्ध पंक्तियाँ

यह पाठ अन्य प्रतिज्ञानों के साथ समन्वय में है जहाँ लोग प्रभु के लिए वस्तुओं की पेशकश करते हैं, और प्रेरित होते हैं कि परमेश्वर की इच्छा का साधन बनने के लिए मनुष्य कैसे प्रयत्न करते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका अर्थ

1) प्रेरित-उद्धरणों के साथ अनुरूप दृश्य: प्रभु के उद्देश्य में वस्त्र-समर्पण से आगे बढ़ना—यही आत्मसमर्पण का प्रमाण है।

2) पुराने नियम के संदर्भ: परमेश्वर के सेवा-योगदान के लिए संसाधन उपलब्ध कराना—एक मानवीय उत्तरदायित्व है।

3) नया नियम में विश्वास के साथ सहयोग: विश्वास और दान के माध्यम से प्रभु की दृष्टि पूरी होती है।

महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप)

यदि आपको Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के ठोस वाक्यों के सीधे उद्धरण चाहिए हों, तो ध्यान दें कि यह पाठ उनके विशिष्ट टिप्पणी-टुकड़ों के अनुरूप सामान्य सार देता है। नीचे दिए गए संदर्भों में उनकी विचारधारा के आलोक में आधुनिक भाषा-आलोचनात्मक सार प्रस्तुत किया गया है:

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के लिए मनुष्य की सहायता आवश्यक है और विश्वास में दिया गया छोटा योगदान भी बड़े आधिकारिक कार्य को संभव बनाता है। प्रभु की अर्थात् आवश्यकता के अनुसार हमारा सहयोग उनका काम तेज करता है, और यह हमारे भागीदारी का एक पवित्र उदाहरण है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 19:34 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यदि उसने उन्हें ईश्वर कहा जिनके पास परमेश्‍वर का वचन पहुँचा (और पवित्रशास्त्र की बात लोप नहीं हो सकती।)

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