Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 19:1 लूका 19:2 लूका 19:3 लूका 19:4 लूका 19:5 लूका 19:6 लूका 19:7 लूका 19:8 लूका 19:9 लूका 19:10 लूका 19:11 लूका 19:12 लूका 19:13 लूका 19:14 लूका 19:15 लूका 19:16 लूका 19:17 लूका 19:18 लूका 19:19 लूका 19:20 लूका 19:21 लूका 19:22 लूका 19:23 लूका 19:24 लूका 19:25 लूका 19:26 लूका 19:27 लूका 19:28 लूका 19:29 लूका 19:30 लूका 19:31 लूका 19:32 लूका 19:33 लूका 19:34 लूका 19:35 लूका 19:36 लूका 19:37 लूका 19:38 लूका 19:39 लूका 19:40 लूका 19:41 लूका 19:42 लूका 19:43 लूका 19:44 लूका 19:45 लूका 19:46 लूका 19:47 लूका 19:48



कथन का सीधा अर्थ
लूका 19:34 में यीशु के आगमन पर लोग एक छोटी-सी बात बताती हैं कि प्रतिदान के लिए एक भेड़ या तुरुप के लिए प्रभु को इसकी जरूरत है—यानी परमेश्वर की योजना पूरी करने के लिये कुछ खास संसाधन या सेवक-योग्यता की आवश्यकता है, जिसे पूर्वजो ने स्वीकार किया है। इस वच्न में प्रभुवादी के कृपापात्र बनकर संतुष्ट होने की इच्छा स्पष्ट है: प्रभु की इच्छा पूरा करने के लिए आवश्यक वस्तु उसे दे दी जाती है।
परिप्रेक्ष्य
युवा यीशु के प्रवेश के समय यूदा के सत्ताधारी लोग उसे अलग-थलग करने के बजाय मौके की राह देखते हैं। यहां संकेत है कि प्रभु के कार्य में मानवीय सहायता की भूमिका कितनी अहम होती है—ईश्वर के उद्देश्य सम्पूर्ण कराने के लिए लोगों के संसाधन और सेवक-भाव की आवश्यकता होती है। यह टिप्पणी देता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के लिए मानव-योगदान मूल्यवान होता है, पर वह सब कुछ प्रभु के संपूर्ण योजना के अनुसार संचालित होता है।
व्यावहारिक टिप्पणियाँ
- विश्वास के साथ दिए गए संसाधन परमेश्वर के काम को आगे बढ़ाते हैं।
- हर अवसर पर, जो कुछ भी प्रभु को हमारी इच्छा से समर्पित हो, उसकी वजह से उसका कार्य संचालित होता है।
मुख्य विचार-सूची
अनुचित उद्धरणों के साथ सम्बद्ध पंक्तियाँ
यह पाठ अन्य प्रतिज्ञानों के साथ समन्वय में है जहाँ लोग प्रभु के लिए वस्तुओं की पेशकश करते हैं, और प्रेरित होते हैं कि परमेश्वर की इच्छा का साधन बनने के लिए मनुष्य कैसे प्रयत्न करते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका अर्थ
1) प्रेरित-उद्धरणों के साथ अनुरूप दृश्य: प्रभु के उद्देश्य में वस्त्र-समर्पण से आगे बढ़ना—यही आत्मसमर्पण का प्रमाण है।
2) पुराने नियम के संदर्भ: परमेश्वर के सेवा-योगदान के लिए संसाधन उपलब्ध कराना—एक मानवीय उत्तरदायित्व है।
3) नया नियम में विश्वास के साथ सहयोग: विश्वास और दान के माध्यम से प्रभु की दृष्टि पूरी होती है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप)
यदि आपको Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के ठोस वाक्यों के सीधे उद्धरण चाहिए हों, तो ध्यान दें कि यह पाठ उनके विशिष्ट टिप्पणी-टुकड़ों के अनुरूप सामान्य सार देता है। नीचे दिए गए संदर्भों में उनकी विचारधारा के आलोक में आधुनिक भाषा-आलोचनात्मक सार प्रस्तुत किया गया है:
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के लिए मनुष्य की सहायता आवश्यक है और विश्वास में दिया गया छोटा योगदान भी बड़े आधिकारिक कार्य को संभव बनाता है। प्रभु की अर्थात् आवश्यकता के अनुसार हमारा सहयोग उनका काम तेज करता है, और यह हमारे भागीदारी का एक पवित्र उदाहरण है।