Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 19:1 लूका 19:2 लूका 19:3 लूका 19:4 लूका 19:5 लूका 19:6 लूका 19:7 लूका 19:8 लूका 19:9 लूका 19:10 लूका 19:11 लूका 19:12 लूका 19:13 लूका 19:14 लूका 19:15 लूका 19:16 लूका 19:17 लूका 19:18 लूका 19:19 लूका 19:20 लूका 19:21 लूका 19:22 लूका 19:23 लूका 19:24 लूका 19:25 लूका 19:26 लूका 19:27 लूका 19:28 लूका 19:29 लूका 19:30 लूका 19:31 लूका 19:32 लूका 19:33 लूका 19:34 लूका 19:35 लूका 19:36 लूका 19:37 लूका 19:38 लूका 19:39 लूका 19:40 लूका 19:41 लूका 19:42 लूका 19:43 लूका 19:44 लूका 19:45 लूका 19:46 लूका 19:47 लूका 19:48



संक्षिप्त अर्थ
येशु कहते हैं कि इस घर में उद्धार आ गया है, क्योंकि यह व्यक्ति भी अब्राहम का पुत्र है। यहाँ उद्धार का मतलब है परमेश्वर का संरक्षण और आशीष अब्राहम के वंशजों के समान प्रत्यक्ष रूप से आबद्ध होना, अर्थात् ग़ैर-आमतौर पर परिवर्तनशील जीवनशैली से उद्धार और नया जीवन प्राप्त करना।
प्रसंग-परिप्रेक्ष्य
लूका 19 अध्याय का यह भाग যेशु का जेरुसalom में प्रवेश और वसतीय लोगों की प्रतिक्रिया के क्रम में आता है। यीशु हिमालय के सन्नाहक नहीं, बल्कि शहर के लोक-जीवन से अवशोषित होकर तीर्थ-उत्सव के बीच एक गरीब की सुध-बुध प्राप्त करते हैं। यहाँ ज़ाकाय, एक करदाता, जिसे अहम स्थान मिला, और Jesus ने उसकी धार्मिक-परंपरा से बंधे जीवन में परिवर्तन दिखाई। उद्धार का उद्घोष तब आता है जब Jesus कहता है कि यह घर उद्धार को पाता है, क्योंकि यह भी अब्राहम का पुत्र है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
प्रमुख थीमैटिक बिंदु
अन्य प्रमुख पदों के संबंध (संक्षेप में)
• लूका 15:23-24 का 'पुन्नम-उद्धार' की प्रवृत्ति: पिता के घर का जीवन फिर से शुरू होता है, जो उद्धार के इशारे दिखाता है।
• यूहन्ना 1:12-13 का पुत्रत्व: विश्वास के द्वारा परमेश्वर के पुत्रत्व का अनुदान स्वीकारना।
• रोम 10:9-10 का मुख से विश्वास और दिल से उद्धार: उद्धार की प्रक्रिया अंतःस्थ जीवन से शुरू होती है।
पवित्र शास्त्र के क्रॉस-रेफरेंसेज के साथ संक्षिप्त व्याख्या
क्रॉस-रेफरेंसेज का उद्देश्य यह दिखाना है कि उद्धार व्यक्तियों से ऊपर नहीं जाता; यह व्यक्तिगत आराधना और आस्था के माध्यम से दिखता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
— यीशु का संदेश स्पष्ट है: आपका जीवन बदल सकता है जब आप उद्धार को घर के भीतर आमंत्रित करते हैं।
— सामाजिक या आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, उद्धार का निमंत्रण सभी के लिए है।
संक्षिप्त उल्लेखित उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
यहाँ हिंदी-स्तर के उद्धार-सम्बन्धी विचार सार्वजनिक-डायरी से लिए गए सामान्य व्याख्यात्मक रूप से समाहित हैं; नीचे दिए गए स्पष्ट प्रत्यक्ष उद्धरण प्रसिद्ध टिप्पणीकारों से आवश्यक होने पर शामिल हो सकते हैं:
मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क की विश्लेषणात्मक रचना में उद्धार के सार्वभौमिक पहुँच और घर-परिवार के पुनःस्थापन पर टिप्पणी मिलती है।
उद्धृत करने योग्य स्पष्ट वाक्य (यदि उपलब्ध): "आज इस घर में उद्धार आया है" — यह एक मौलिक भाषिक पाठ-संरचना है जिसे मर्यादित उद्धरण के रूप में प्रेषित किया गया है।