Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 22:1 लूका 22:2 लूका 22:3 लूका 22:4 लूका 22:5 लूका 22:6 लूका 22:7 लूका 22:8 लूका 22:9 लूका 22:10 लूका 22:11 लूका 22:12 लूका 22:13 लूका 22:14 लूका 22:15 लूका 22:16 लूका 22:17 लूका 22:18 लूका 22:19 लूका 22:20 लूका 22:21 लूका 22:22 लूका 22:23 लूका 22:24 लूका 22:25 लूका 22:26 लूका 22:27 लूका 22:28 लूका 22:29 लूका 22:30 लूका 22:31 लूका 22:32 लूका 22:33 लूका 22:34 लूका 22:35 लूका 22:36 लूका 22:37 लूका 22:38 लूका 22:39 लूका 22:40 लूका 22:41 लूका 22:42 लूका 22:43 लूका 22:44 लूका 22:45 लूका 22:46 लूका 22:47 लूका 22:48 लूका 22:49 लूका 22:50 लूका 22:51 लूका 22:52 लूका 22:53 लूका 22:54 लूका 22:55 लूका 22:56 लूका 22:57 लूका 22:58 लूका 22:59 लूका 22:60 लूका 22:61 लूका 22:62 लूका 22:63 लूका 22:64 लूका 22:65 लूका 22:66 लूका 22:67 लूका 22:68 लूका 22:69 लूका 22:70 लूका 22:71



मुख्य व्याख्या बिंदु
लूका 22:17 में यीशु ने कटोरा लेकर धन्यवाद किया और कहा, इसको लो और आपस में बाँट लो—यह प्रकरण क्वार्नेंग के अंश से उत्पन्न होने वाले पवित्र बनावट के भीतर ईश्वरीय योजना का केंद्रबिंदु है। कटोरे में प्रतीक रूप से वह अपने शिष्य लोगों के बीच बँटवारे के लिये प्रेम, सेवा और सामुदायिकता का अभ्यास कर रहे हैं। यह क्रूस तक जाते हुए उनकी संस्थित मंडली के लिए नया अनुबंध और साझा भोजन के रहस्यमयी अर्थ को स्पष्ट करता है: साझा कर के वे एक नया परिवार बनाते हैं जो विश्वास में एक दूसरे के साथ है और सांसारिक निर्भरता से पार उतर कर परमेश्वर की आशीष का भागीदार बनता है।
साहित्यिक संदर्भ (लेखन-संगठन)
यह वाक्य लूका के यहूदी-धर्मी पाठ में एक परंपरागत पाठ के साथ जुड़ा है, जहाँ भोजन और सामुदायिक भागीदारी का दृश्य प्रमुख होता है। लूका 22 में यीशु का यह आह्वान उनके पास के शिष्यों के बीच एकता और सेवा-निष्ठा को पुष्ट करता है, विशेष रूप से Passover संदर्भ के बाद। कटोरा लेना, धन्यवाद देना और बाँटना—इन तीन क्रियाओं के माध्यम से लूका यह दिखाते हैं कि नयी व्यवस्था के पालनकर्ता के रूप में शिष्य अपने जीवन को दूसरों के लिए अर्पित करने का रवैया अपनाते हैं।
केवल-तत्विक theological महत्व
1) उद्देश्यपूर्ण साझा करना: कटोरा एक साझा वस्तु है, जो समुदाय के भीतर समानता और उदारता का प्रतीक है।
2) धन्यवाद का प्रतीक: यह ईश्वर की कृपा के प्रति आभार व्यक्त करता है और यह विश्वास की बहुमुखी यात्रा में स्थायित्व बनाये रखने की प्रेरणा देता है।
3) नया अनुबंध का संकेत: यह खाने-पीने के माध्यम से शिष्य समुदाय के लिए नए संबंध और उद्धार का सचित्र प्रतीक है।
पवित्र लेखन के साथ धागे (Cross-references)
- मत्ती 26:27-28: यीशु के प्रति स्पष्ट उद्घोषणाएँ—रक्त और शरीर के साथ यह समझौता। यह कटोरे के पीछे के रक्त-बन्धन की अधिक स्पष्टता देता है।
- 1 कुरिन्थियों 10:16-17: चर्च के लिए एक पवित्र भागीदारी—एक आधिकारिक भागीदारी जो शरीर के सदस्यत्व की एकता को दिखाती है।
- मरकुस 14:23-24: क्रूस-पूर्वक ग्रहण के साथ यह नया अनुबंध और उसकी आत्मा के साथ पुनर्स्थापना की पुष्टि।
संक्षेप टिप्पणी: इन उद्धरणों में एकता, सामुदायिक भागीदारी और संभवतः त्याग की महत्ता उभरती है—जो लूका 22:17 के भीतर भी संहिता बनती है।
अन्वेषण के लिए प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
लूका 22:17 में Jesus का कटोरा लेकर धन्यवाद और बाँटना एक नया समुदाय बनाये जाने की योजना को उद्घाटित करता है। यह साझा भोजन और आभार के द्वारा उन शिष्यों के बीच एकता को गहरा करता है जो एक दूसरे के लिए जीते हैं और परमेश्वर की कृपा के प्रति जवाबदेही बनाते हैं। यह वाक्य नयी व्यवस्था के अनुशासन और सेवा-स्वरूप जीवन का ठोस संकेत है।
छोटी संदर्भ सूची
मुख्य उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियाँ से संकीर्ण शब्द-चयन आवश्यकतानुसार समेकित रूप से शामिल हैं।