Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 22:1 लूका 22:2 लूका 22:3 लूका 22:4 लूका 22:5 लूका 22:6 लूका 22:7 लूका 22:8 लूका 22:9 लूका 22:10 लूका 22:11 लूका 22:12 लूका 22:13 लूका 22:14 लूका 22:15 लूका 22:16 लूका 22:17 लूका 22:18 लूका 22:19 लूका 22:20 लूका 22:21 लूका 22:22 लूका 22:23 लूका 22:24 लूका 22:25 लूका 22:26 लूका 22:27 लूका 22:28 लूका 22:29 लूका 22:30 लूका 22:31 लूका 22:32 लूका 22:33 लूका 22:34 लूका 22:35 लूका 22:36 लूका 22:37 लूका 22:38 लूका 22:39 लूका 22:40 लूका 22:41 लूका 22:42 लूका 22:43 लूका 22:44 लूका 22:45 लूका 22:46 लूका 22:47 लूका 22:48 लूका 22:49 लूका 22:50 लूका 22:51 लूका 22:52 लूका 22:53 लूका 22:54 लूका 22:55 लूका 22:56 लूका 22:57 लूका 22:58 लूका 22:59 लूका 22:60 लूका 22:61 लूका 22:62 लूका 22:63 लूका 22:64 लूका 22:65 लूका 22:66 लूका 22:67 लूका 22:68 लूका 22:69 लूका 22:70 लूका 22:71



सीधा अर्थ (Meaning at a glance)
लूका 22:37 में यीशु कह रहे हैं कि वेदना और यातना का वह भाग जो लिखा गया है, उसे पूरा होना अनिवार्य है; वह शब्द “वह अपराधी के साथ गिना गया” उनके साथ जुड़ा है—यानी पाप और सजाओं का विनियोग उनके ऊपर हुआ, ताकि मनुष्यों के साथ न्याय और उद्धार संभव हो सके।
पृष्टभूमि और संदर्भ
यह पाठ क्रूस पर शास्त्र की पूरी योजना के संदर्भ में आता है। गलील के गालिल शब्दों को याद करते हुए एक प्रेरक स्थिति बताता है कि मसीह एक कृपापूर्ण योजना के अनुसार विषमता को सहन करते हैं ताकि हमारे पापों का दंड उनसे हट सके। यशायाह की सेवा और उसकी प्रोफेटिक भाषा, केल्विन-सी ধারणा में, “कटा हुआ” और “वह अपराधी के साथ गिना गया” जैसी अनुभूति दिखाती है कि मसीह ने मानव आत्मा के अपराध का दायित्व उठाया।.
व्याख्यात्मक दृष्टिकोण
- उद्धार के लिए जिम्मेदारी: यीशु के पवित्र निर्दोषता पर हमारी जगह वहन करने की यह भूमिका, शास्त्र में निर्धारित है।
- न्याय और प्रेम का संगम: वह अपराधी के समान गिनाए जाने से हमें दया और क्षमा के मार्ग दिखाती है कि परमेश्वर कैसे पाप का दण्ड चुकाने के लिए स्वयं को देता है।
- पुनर्जन्म की तैयारी: सेवक की यह यात्रा यह सिखाती है कि विश्वासियों को भी अपने विश्वास के साथ क्रूस की शिक्षा स्वीकार करनी चाहिए।
सूक्तियों से निकटता
1) क्लंथि: गला 3:13, 2 कुरिन्थियों 5:21, यशैया 53:12—ये स्पष्ट करते हैं कि पाप के दंड से मुक्ति के लिए एक निर्दोष की बलिहारी ज़रूरत है।
2) यह हरदय परिवर्तन का पाठ है: मसीह के द्वार पर रक्तनिधि से उद्धार मिलता है; हमारा अपराध उनके साथ गया, ताकि हम उनके आत्मीयता में हो जाएँ।
क्रॉस-रेफरेंसेस (Cross-references) और उनका संक्षेप स्पष्टीकरण
संदेश का छोटा-सा निष्कर्ष (Practical takeaway)
जब हम क्रूस की इस योजना को समझते हैं, तो यह हमारे लिए विनम्रता, विश्वास और सेवाभाव को प्रेरित करता है: अपने आत्मिक अपराधों के लिए परमेश्वर के प्रेम से बना-पक्का समाधान स्वीकारें; और दूसरों के प्रति दया और क्षमा की राह अपनाएं।
एलीमेंटरी टिप्पणीकारों के संक्षिप्त संकेत
यहाँ के अर्थ को मद्देनज़र रखते हुए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सामान्य विचार इस प्रकार समाहित होते हैं: पाप के भार से मुक्त होना ईश्वर की क्रिया के माध्यम से है; क्रूस पर यीशु का चयन हमारे लिए न्याय और प्रेम की एकता है; उद्धार का यह मार्ग मानवता को नवीन बनाता है। “यह जो लिखा है” का उल्लेख उनके अनुसार शास्त्र की उद्घोषणा का भाग है, जो क्रूस से पूर्ण होता है।