Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 15:1 मरकुस 15:2 मरकुस 15:3 मरकुस 15:4 मरकुस 15:5 मरकुस 15:6 मरकुस 15:7 मरकुस 15:8 मरकुस 15:9 मरकुस 15:10 मरकुस 15:11 मरकुस 15:12 मरकुस 15:13 मरकुस 15:14 मरकुस 15:15 मरकुस 15:16 मरकुस 15:17 मरकुस 15:18 मरकुस 15:19 मरकुस 15:20 मरकुस 15:21 मरकुस 15:22 मरकुस 15:23 मरकुस 15:24 मरकुस 15:25 मरकुस 15:26 मरकुस 15:27 मरकुस 15:28 मरकुस 15:29 मरकुस 15:30 मरकुस 15:31 मरकुस 15:32 मरकुस 15:33 मरकुस 15:34 मरकुस 15:35 मरकुस 15:36 मरकुस 15:37 मरकुस 15:38 मरकुस 15:39 मरकुस 15:40 मरकुस 15:41 मरकुस 15:42 मरकुस 15:43 मरकुस 15:44 मरकुस 15:45 मरकुस 15:46 मरकुस 15:47
मरकुस 15:30 — क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले
इसी दृश्य में यीशु के क्रूस पर चढ़ने के समय का संदर्भ है। लोग बहस कर रहे थे कि क्या वह “जो एक भगवान के पुत्र है” है उसे बच सकता है या नहीं, ताकि अपनी घोषणा को सत्यापित करे। पर यह वाक्यांश उस समय के धार्मिक नेता, भीड़ और यीशु के शिष्यों के भीतर घटित आस्था-आशंका को उभारता है।
यह पाठ हम पर क्या बताता है — परमेश्वर और विश्वास का संकेत
यह दृश्य बताता है कि परमेश्वर का एकमात्र उद्धारकर्ता वह है जो क्रूस पर देह की वेदना सह रहा है, ताकि मनुष्य के पापों की सजा पूरी हो सके। ईश्वर अपनी शक्ती को दिखाने के बजाय प्रेम और विश्वास के परीक्षण के रूप में बलिदान को चुनता है। इसमें हमारे लिए सच्ची आस्था क्या है, यह स्पष्ट होती है: गिरा हुआ मानव अपने उद्धारकर्ता के रूप में एक देहधारी मसीह को देखे और उसे अपनी ज़रूरत मानकर भरोसा करे।
क्यों यह शब्द और चित्र महत्वपूर्ण हैं
“अपने आप को बचा ले” की मांग उस समय की अविश्वासी भीड़ की हताशा और शंका को दर्शाती है। शब्द-चित्र में क्रूस ही बचाव का मार्ग है; स्व-उद्धार की कोशिशें असफल होती हैं क्योंकि पाप के दंड से मुक्त होना केवल मसीह के बलिदान के द्वारा संभव है। यह पाठ न केवल मृत्यु-यात्रा को बताता है, बल्कि परमेश्वर की सर्व-समर्थता और प्रेम को भी उजागर करता है, जो मानव भक्ति की कठिनाइयों के बीच भी अपने उद्धार की दिशा दिखाता है।
अनुशंसा किए गए क्रॉस-रेफरेंसेस
संकेत उनमें यह है कि उद्धार स्वयं के द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता; परमेश्वर की करुणा और क्रूस की क्रिया मुख्य मार्ग हैं।
2-3 बातें जिनसे आज जीवन में सुधार संभव है
ध्यान में रखने योग्य अस्पष्ट शब्दार्थ
“क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले” एक कठोर चुनौती है कि लोग मसीह के निकट आने के लिए अपनी सुरक्षा-योजनाओं के पीछे मत छिपिएं; बल्कि उद्धार का मार्ग वही है जो परमेश्वर ने चुना है।
कथा के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायबद्ध तात्त्विक संकेत एक साझा धारा बनाते हैं: वे उद्धार के नियम को दिखाते हैं—अपने-अपने विचारोत्तेजनों के बावजूद, मसीह के क्रूस पर बलिदान से ही जीवन मिलता है। यदि आप उद्धार के लिए स्वयं को बचाने की कोशिश करते हैं, तो आप सचेत रूप से क्रूस की आवश्यकता को अस्वीकृत कर रहे होते हैं; पर यदि आप उस बलिदान को अपनाते हैं जो परमेश्वर ने दिया है, तो आप शांति और नयी जिंदगी की ओर बढ़ते हैं।
इस वाक्य के साथ– साथ पवित्रशास्त्र के अन्य संदर्भों से प्रेरित होकर आज का पाठ यही कहता है: विश्वास में ठहरें, क्रूस के मार्ग को पहचानें, और परमेश्वर के प्रेम के भीतर अपनी आशा स्थिर करें।