Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 6:1 मरकुस 6:2 मरकुस 6:3 मरकुस 6:4 मरकुस 6:5 मरकुस 6:6 मरकुस 6:7 मरकुस 6:8 मरकुस 6:9 मरकुस 6:10 मरकुस 6:11 मरकुस 6:12 मरकुस 6:13 मरकुस 6:14 मरकुस 6:15 मरकुस 6:16 मरकुस 6:17 मरकुस 6:18 मरकुस 6:19 मरकुस 6:20 मरकुस 6:21 मरकुस 6:22 मरकुस 6:23 मरकुस 6:24 मरकुस 6:25 मरकुस 6:26 मरकुस 6:27 मरकुस 6:28 मरकुस 6:29 मरकुस 6:30 मरकुस 6:31 मरकुस 6:32 मरकुस 6:33 मरकुस 6:34 मरकुस 6:35 मरकुस 6:36 मरकुस 6:37 मरकुस 6:38 मरकुस 6:39 मरकुस 6:40 मरकुस 6:41 मरकुस 6:42 मरकुस 6:43 मरकुस 6:44 मरकुस 6:45 मरकुस 6:46 मरकुस 6:47 मरकुस 6:48 मरकुस 6:49 मरकुस 6:50 मरकुस 6:51 मरकुस 6:52 मरकुस 6:53 मरकुस 6:54 मरकुस 6:55 मरकुस 6:56



पासage का सरल अर्थ
मरकुस 6:49 में कहा गया है कि यीशु के चेलों ने उसे झील पर चलते देखा और वे समझते हैं कि वह भूत है, इसलिए भय से चिल्लाने लगे। वास्तविकता यह है कि प्रभु यीशु अद्भुत तरीके से समुद्र पर चलकर उनके बीच पहुँचे, परन्तु वे उसकी उपस्थिति को अविकल्प भयानक अनुभव समझ बैठे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह घटना मरकुस के gospel के तेजी से घटने वाले घटनाक्रम में आती है, जब यीशु ने प्रचार-कार्य और जिद्दी चेलों के साथ कठिन मौसमों का सामना किया। मौसम के विपरीत परिस्थितियों में यीशु की मौजूदगी उनके लिये एक आश्वासन थी, परन्तु शास्त्रार्थ में उन चेलों के भय को दिखाते हुए लेखक यह दिखाते हैं कि परमेश्वर के परिचय से पहले मानव स्वभाव कैसे भयग्रस्त होता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
छोटी थीम-सूची
अनुकरणीय से संबंध (cross-references)
– मरकुस 4:40: यीशु कहते हैं, “तुम क्यों डरते हो? क्या तुम में विश्वास नहीं है?” यह भय के सामने विश्वास की महत्ता को दर्शाता है।
– मत्ती 14:27: यीशु स्वयं चौंकाने वाले तरीके से नाव पर आह्वान करते हैं, “धीरज धारण करो, मैं हुँ; भय न करो।”
– योहन 14:27: यीशु शांति देता है, “मेरी शांति तुम्हें दे रहा हूँ; मैं तुम्हें देती नहीं हूँ।”
सूक्ष्म टिप्पणी—फायदा और चित्रण
पौराणिक गाथाओं के बावजूद यह दृश्य यह बताता है कि ईश्वर की उपस्थिति भय को शांति में बदल देती है। Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संदर्भ में, यह अध्याय मानवीय भय पर ईश्वर की कृपा की जरूरत को उजागर करते हैं; उनके अनुसार चेलों का भय इस बात का चिह्न है कि विश्वास को दिन-प्रतिदिन गहरा किया जाना चाहिए। Henry ने कहा है कि प्रभु का आना भय को परास्त कर देता है; Barnes ने इसे परमेश्वर के सत्व की वास्तविकता के प्रतीक के रूप में देखा है; Clarke ने यह समझाया कि यह घटना चेलों के लिए एक अभ्यास है कि वे सांसारिक भयों से ऊपर उठें और प्रभु को पहचानें। (इन उद्धृत हिस्सों के बारे में क्षमा करें—संदर्भित मौलिक पाठ में इन विचारों का संक्षेपात्मक सार है।)
संक्षिप्त निष्कर्ष
जब परिस्थितियाँ तूफानी हों और हमें भयानक लगे, तब भी यीशु हमारे बीच रहते हैं। यह दृढ़ विश्वास की पुष्टि है कि प्रभु की निकटता भय को शांत कर देती है और उनके सच्चे पहचान के अनुसार जीवन जीने का आह्वान करती है। आत्म-विश्वास को बनाए रखें, प्रभु का नाम स्मरण करें, और वे आपकी सहायता करेंगे।