Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 6:1 मरकुस 6:2 मरकुस 6:3 मरकुस 6:4 मरकुस 6:5 मरकुस 6:6 मरकुस 6:7 मरकुस 6:8 मरकुस 6:9 मरकुस 6:10 मरकुस 6:11 मरकुस 6:12 मरकुस 6:13 मरकुस 6:14 मरकुस 6:15 मरकुस 6:16 मरकुस 6:17 मरकुस 6:18 मरकुस 6:19 मरकुस 6:20 मरकुस 6:21 मरकुस 6:22 मरकुस 6:23 मरकुस 6:24 मरकुस 6:25 मरकुस 6:26 मरकुस 6:27 मरकुस 6:28 मरकुस 6:29 मरकुस 6:30 मरकुस 6:31 मरकुस 6:32 मरकुस 6:33 मरकुस 6:34 मरकुस 6:35 मरकुस 6:36 मरकुस 6:37 मरकुस 6:38 मरकुस 6:39 मरकुस 6:40 मरकुस 6:41 मरकुस 6:42 मरकुस 6:43 मरकुस 6:44 मरकुस 6:45 मरकुस 6:46 मरकुस 6:47 मरकुस 6:48 मरकुस 6:49 मरकुस 6:50 मरकुस 6:51 मरकुस 6:52 मरकुस 6:53 मरकुस 6:54 मरकुस 6:55 मरकुस 6:56



मुख्य बिंदु: यीशु के चमत्कारों की गूँज
मरकुस 6:55 में लोग Jesus के प्रभाव को जनता के बीच देखते हैं; वे अपनी बीमारियों से त्रस्त होकर उसे खोजते हैं, और न केवल एक जगह पर बल्कि जहाँ-जहाँ समाचार पहुँचा वहीँ जाते हैं। यह पाठ दिखाता है कि किन कारणों से यीशु का कार्य समाज में फैलता है—आस्था, आशा, और समुदाय की जरूरतों के प्रति उनकी तत्परता।
साहित्यिक संदर्भ (ग्रंथ-विकल्प के भीतर रचना)
पाठ की पृष्ठभूमि इसे दर्शाती है कि येसु ने प्रचार के बाद लोग उनसे मिलने की धारा बना दी। गली-मुहल्लों से लेकर गाँवों तक, बीमार लोग उनके स्पर्श और शब्दों से लाभान्वित हुए। यह दृश्य यह भी दिखाता है कि जलस्रोत कैसे समुदाय के विश्वास को एक साथ जोड़ता है—जहाँ-जहाँ खबर पहुँची, लोग जाते रहे।
धर्मशास्त्रीय महत्व
यह अध्याय यीशु के महान दयालुता और प्रभुत्व की प्रत्यक्ष मिसाल है। बीमारों की खाटें उठाए लोग उनके पास आते हैं, यह दर्शाता है कि प्रभु की चमत्कारिक शक्ति सामाजिक सीमाओं को तोड़ती है और हर वर्ग के भीतर भी आशा की ज्योति जला देती है। यह घटनाक्रम यह भी संकेत करता है कि ईश्वर द्वारा दिखाए जाने वाले उपचार का केंद्र न केवल शारीरिक उपचार है बल्कि समाज के भीतर विश्वास और पुनर्स्थापना का उद्देश्य भी है।
अन्य पदों के साथ सम्बन्ध (क्रॉस-रेफरेंसेस)
चिंतन के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
मरकुस 6:55 हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर की शक्ति क्यों और किसलिए प्रकट होती है: ताकि असुरक्षित, पीड़ित और आश्रम-उत्सुक लोग उम्मीद पाएं। जैसे-जैसे खबर फैलती है, लोग यीशु के पास आते हैं और उनकी कीर्ति का अनुभव करते हैं—यह विश्वास की एक सामाजिक प्रेरणा बन जाती है, जहाँ समुदाय एक दूसरे के पक्ष में खड़ा होता है, और प्रभु की कृपा के लिए एक जगह बनती है।
पुरातन टीका-विश्लेषण उद्धरण
कई प्राचीन टिप्पणीकारों की दृष्टि इस दृश्य को न सिर्फ दया-चिकित्सा के रूप में देखते हैं, बल्कि यह मानते हैं कि यह समुदायिक पुनर्निर्माण का संकेत है।
नोट: किसी भी सीधे उद्धरण का पूर्ण पाठ इस पाठ से उद्धृत नहीं किया गया है; प्रसिद्ध टिप्पणीकारों के संकेतित विचार समझाने के लिए संक्षेप में समाहित हैं।