Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
गिनती 11:1 गिनती 11:2 गिनती 11:3 गिनती 11:4 गिनती 11:5 गिनती 11:6 गिनती 11:7 गिनती 11:8 गिनती 11:9 गिनती 11:10 गिनती 11:11 गिनती 11:12 गिनती 11:13 गिनती 11:14 गिनती 11:15 गिनती 11:16 गिनती 11:17 गिनती 11:18 गिनती 11:19 गिनती 11:20 गिनती 11:21 गिनती 11:22 गिनती 11:23 गिनती 11:24 गिनती 11:25 गिनती 11:26 गिनती 11:27 गिनती 11:28 गिनती 11:29 गिनती 11:30 गिनती 11:31 गिनती 11:32 गिनती 11:33 गिनती 11:34 गिनती 11:35



अर्थ का संक्षेप
गिनती 11:25 में वर्णित घटना यह दर्शाती है कि परमेश्वर ने मूसा के नेतृत्व में प्रभु की आत्मा को सत्तर पुरनियों में बाँट दिया, जिससे वे भी वीरता और प्रेरणा से भविष्यद्वाणी करने लगे; परन्तु बाद में वह आत्मा फिर से उन्हीं पर नहीं आई। इसका मतलब यह है कि परमेश्वर का समाननुभव और प्रेरणा समय-सारिणी के अनुसार दिया गया, और यह दिखाता है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिवय प्रेरणा के रूप में कार्य करता है, जिसकी अवस्था एक निश्चित समय तक सीमित हो सकती है।
प्रसंग-परिप्रेक्ष्य
इसके समय मूसा, आदि जो राबोथ के साथ, जन-यात्रा के समय, जंगल के बीच परमेश्वर के प्रति समर्पित थे। परमेश्वर ने यहोवा का मन्तृक संकेत दिया कि वह आत्मा उन सत्ताइस पुरनियों में बाँट दे ताकि वे भी सूचित और निदेशित रहें। यह घटना यह दिखाती है कि आध्यात्मिक सत्ता और निर्देशन एक सामूहिक रूप से साझा किया गया उपहार था, न कि केवल मूसा या कुछ प्रमुख नेताओं का निजी अधिकार।
व्याख्यात्मक अवलोकन
क्रॉस-रेफरेंसेज और उनसे जुड़ी सूक्ष्म समझ
- इसे निकटस्थ घटनाक्रमों के साथ जोड़ना: देश-यात्रा के दौरान परमेश्वर का यह बहुमुखी मार्गदर्शन एक संदेश देता है कि समुदाय में नेतृत्व और दायित्व कैसे बाँटे जाते हैं।
- अन्य स्थान जहाँ परमेश्वर की आत्मा का आना-जाना दर्शाया गया है: जब लोग एक साथ प्रभु की उपस्थिति में हों, तब प्रेरणा और दिव्य उद्देश्य प्रकट होते हैं; यह समुदायिक अनुभव का संकेत है।
- पूरक पाठ: पहले से और बाद के समय में परमेश्वर की आत्मा के विभाजन और प्रेरणा के संदर्भ पढ़ें, ताकि यह जाना जा सके कि कैसे नेतृत्व परिवर्तन और नया जोश उत्पन्न होता है।
कथात्मक एवं आध्यात्मिक शिक्षण
इस अंश से प्रेरित पाठ यह है कि परमेश्वर अपने लोगों के बीच साझा और सामूहिक प्रेरणा देता है, ताकि समुदाय-निर्देशन मजबूत रहे। साथ ही यह भी संकेत देता है कि यह प्रेरणा एक विशेष समय-सीमा के भीतर सक्रिय थी, जो परमेश्वर की योजना के अनुसार बदली या समाप्त हुई।
संक्षिप्त व्यवहारिक takeaway
सूचीकृत संदर्भ
1) अन्य मिसाल जहाँ प्रेरणा समुदाय के बीच बताई गई है; 2) नेतृत्व एवं आशीष के वितरण का दृष्टान्त; 3) देवत्व और मानव-समर्थन का संयुक्त अनुभव।
नोट: नीचे दिए गए उद्धरण, अगर उपलब्ध हों, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्व-प्रकाशित पाठों से chọn किये जा सकते हैं। यहाँ उद्धृत पूर्ण वाक्य नहीं दिए जा रहे।