Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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पद्य का संक्षिप्त परिचय (गिनती 21:15)
यह पद मूसा द्वारा लिखी हुई यात्रा-रिपोर्ट का हिस्सा है जहाँ इस्राएलियों के रण-मार्ग और उनके पड़ोसी प्रदेशों का वर्णन किया जा रहा है। वाक्य का संदर्भ उस भूमि के निकट के रास्तों और घाटियों की ओर संकेत करता है जो आद्द-नामक नगर के पास स्थित थीं और मोआब की सीमा के अंतर्गत आती थीं। यह विवरण भूगोलिक मार्ग और सीमाओं की सूचनात्मक टिप्पणी के रूप में दर्ज है।
केंद्रीय अर्थ
मुख्य अर्थ यह है कि वचन एक प्रयास है मार्ग-निर्देश और सीमाओं की स्पष्टता देने का। "घाटियों की ढलान" भूमि की वह ढलान या प्रावाह है जो आर नामक नगर की ओर जाती थी और वही मोआब के प्रांत की सीमाओं के पास समाप्त होती थी। ऐतिहासिक तथा नैविगेशनल संदर्भ में यह बताता है कि किस रास्ते से मूसा और इस्राएल रास्ता लेते हुए मोआब के समीप पहुँचे थे।
प्रमुख विषय
संबंधित पाठ और संक्षेप व्याख्या
यहां कुछ संबंधित शास्त्रीय संबंध हैं जो पाठ की समझ को गहरा करते हैं:
व्यावहारिक चिंतन
यह छोटा सा भूगोल-उद्धरण हमें जीवन में दिशा और सीमाओं के महत्व की याद दिलाता है। जैसे एक यात्रा का मार्ग जानना आवश्यक होता है, वैसे ही आध्यात्मिक और नैतिक जीवन में भी हमें अपनी सीमाएँ, पड़ाव और अगले कदम समझना चाहिए। जब हम जानते हैं कि हमारा मार्ग किस दिशा में ढलता है, तो निर्णय और तैयारी अधिक सचेत रूप से कर सकते हैं।
सारांश और समेकित दृष्टि
गिनती 21:15 एक संक्षिप्त लेकिन उपयोगी ऐतिहासिक-भूगोलिक टिप्पणी है, जो इस्राएलियों की यात्रा के मार्ग तथा मोआब के निकट क्षेत्र की सीमाओं को चिह्नित करती है। यह वचन याद दिलाता है कि बाइबिल के लेखकों ने न केवल दार्शनिक या नैतिक संदेश दिए, बल्कि सूक्ष्म भूगोल और प्रशासनिक जानकारी भी रखी, जो आगे के वर्णनों और विभाजन के निर्णयों के लिए आधार बनी।
पब्लिक-डोमेन टिप्पणी का छोटा हवाला
मैथ्यु हेनरी के शब्दों में (संक्षेप): "इतिहास के छोटे-छोटे अक्षर भी उपस्थित लोगों की स्थितियों और परामर्शों को उजागर करते हैं।" (सटीक उद्धरण संक्षेपित रूप में प्रस्तुत किया गया है।)