Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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गिनती 21:26 का सार अर्थ
इस पद में कहा गया है कि हेशबोन एमोरियों के राजा सीहोन का नगर था; उसने मोआब के पिछले राजा से लड़कर उसका सारा देश अर्नोन तक उसके हाथ से छीन लिया था। सरल शब्दों में यह बताता है कि सीहोन ने अपनी साम्राज्य विस्तार की दिशा में कुछ भूभागों को जीतकर नियंत्रण स्थापित किया था, जिसकी पृष्ठभूमि आगे चलकर इस धरती के कब्जे और निरन्तर बदलते क्षेत्रीय सत्ता के इतिहास से जुड़ती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पवित्र ग्रंथ बताए हुए संदर्भ में, इज़राइल के प्रदेशों के इतिहास को संविधानिक मोड़ पर देखने की कोशिश की जाती है: अन्य पड़ोसी राज्य भी अपनी सीमाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे। सीहोन ने अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना किया, तथा यह विजय अर्नोन तक के क्षेत्र पर उसका प्रभाव स्पष्ट करती है। यह कथा बताती है कि क्यों यह क्षेत्र इस समय तक प्राचीन इस्राइल के लिए एक रणनीतिक स्मारक बना रहा।
interpretive observations
एक छोटा थीम-चर्चा
अन्य प्रासंगिक आयतें और संक्षिप्त स्पष्टिकरण
इन cross-references से स्पष्ट होता है कि पूर्व की विजयें भूभाग के मानचित्र की रचना करती हैं, परन्तु मोक्ष-यात्रा में परमेश्वर की ओर से दी जाने वाली सुरक्षा और दिशा सर्वोपरि है।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
किया गया संदर्भ-उद्धरण
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणियों के कुछ विचारों के साथ संयुक्त रूप से समाहित की गई है। यदि आप इन टिप्पणीकारों के विशिष्ट शब्दों का संक्षिप्त उल्लेख चाहते हैं, तो इतिहासगत दृष्टि से वे इस प्रकार दिखते हैं:
Henry के विचारों में विजय की भूमिका और सीमा-रेखा से जुड़ी सावधानियाँ प्रमुख रहती हैं। Barnes और Clarke भी क्षेत्रीय विजय के साथ परमेश्वर की योजना की धारणा तथा क्षेत्रीय सत्ता-निर्माण पर विचार करते हैं।
नोट
यह पाठ सीधे-सीधे इतिहास-आधारित घटनात्मक विवरण है और धार्मिक-आस्थागत संदर्भों को एक साझा धारणात्मक प्रकाश में उठाता है ताकि पाठक इतिहास और आस्था के बीच संतुलन समझ सकें।