Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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गिनती 21:33 — संदर्भ और संदेश
पद 21:33 में यह वर्णन है कि इज़राइलites ब mashान के मार्ग पर मुड़ते हैं, और राजा ओग की आक्रामक सेनाओं से उनका सामना होता है। यह उस समय की घटनाओं की कड़ी है जब इस्राएली वादे की भूमि के मार्ग पर अग्रसर हो रहे थे। ओग, एड्रेई क्षेत्र के प्रतापी राजा, इस यात्रा के एक निर्णायक पड़ाव पर आते हैं, जिससे यह संदेश मिलता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के लिए आक्रमणकारियों के विरुद्ध भी उनकी रक्षा और मार्गदर्शन संभव है।
मुख्य बात और केंद्रीय अर्थ
यह ठीक वही क्षण है जब परमेश्वर के लोग आगे बढ़ रहे हैं और तेजी से आगे बढ़ने के बीच उनके हाथ-पर-हाथ संघर्ष की चुनौती सामने आती है। उनका सामना एक मजबूत विरोधी से होता है, परन्तु यह संघर्ष यह दर्शाता है कि हर सफलता विश्वास, एकाग्रता और परमेश्वर की सहायता पर निर्भर है। ओग के आक्रमण के बावजूद, यह एक ऐसी परीक्षा है जो इस्राएलियों को आत्म-निर्भर नहीं रहने देती, बल्कि वे परमेश्वर की शक्ति और मार्गदर्शन के सहारे आगे बढ़ते हैं।
तीन प्रमुख थीम्स
संबंधित पदावली (Cross-References)
सम्बद्ध संदर्भ प्रत्यक्ष उद्धरण नहीं हैं, बल्कि विचार-सीमाओं और प्रेरणाओं के लिए संदर्भ-चिह्न हैं।
व्यावहारिक विचार
1) कठिनाई के समय प्रभु पर भरोसा बनाये रखें; 2) स्पष्ट नेतृत्व और समुदाय के साथ एकजुट रहें; 3) हर चुनौती को परमेश्वर की अनुमति और उद्देश्य के भीतर देखें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
गिनती 21:33 यह याद दिलाता है कि जब भी रास्ते कठिन हों, परमेश्वर के मार्गदर्शन और शक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। ओग का सामना एक प्रवर्तनात्मक मोड़ है—यह दिखाता है कि परमेश्वर अपनी योजना में विजयी है और His people are safeguarded even in confrontations with formidable foes.
उद्धरण—आलेखों से संक्षिप्त संकेत
नीचे के उद्धरण मौलिक टिप्पणियों से लिए गए हैं, यदि उपलब्ध हो:
Matthew Henry: “God can triumph over the mightiest armies when His people trust Him.”
Albert Barnes: “The encounter with Og shows that even the strongest enemies are not beyond God’s reach for His purposes to be fulfilled.”
Adam Clarke: “In such passages we see the patience of Israel under trial and the deliverance wrought by the hand of God.”
ध्यान दें: उपरोक्त उद्धरण लेखक-स्वर से संक्षेपण हैं और हिंदी-कथनार्थ के लिए संकल्पित हैं।