Old Testament
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अर्थ का सीधा सार
प्रकाशितवाक्य 11:18 के इस भाग में कहा गया है कि जातियाँ क्रोध करती हैं, पर परमशक्ति परमेश्वर का न्याय समय आ पहुँचा है—व्यवस्था के अनुसार पश्चात्ताप और दंड का योग हुआ। दास भविष्यद्वक्ताओं, पवित्र लोगों और जो तेरे नाम से डरते हैं, उन्हें बदला दिया जाएगा; पृथ्वी के बिगाड़नेवालों का नाश होगा। यह संदेश भक्तों के लिए प्रेरणा है कि परमेश्वर अपने दायित्व-पूर्ति के समय पर है और न्याय टीवीकित करना उसे आता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह दृश्यיגן यहीं नहीं रुकता: यह मूलतः पुलक-भरे बाद के समय का संकेत है—परमेश्वर के राज्य के स्थापित होने की घड़ी। 11 अध्याय के बीच में यह भाग सबूत देता है कि ईश्वर के पुत्रों के पक्ष में न्याय होगा, और दुष्ट सत्ता-तंत्र का अंत निश्चित है। इस वाक्य में “तेरा नाम” से डरना उन लोगों की पहचान है जो ईश्वर की reconnu करते हैं और उनके परमेश्वर को मानते हैं।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
1-2 शांत विचार-सार (थीमिकल बिंदु)
अन्य उद्धरण स्रोतों के संक्षिप्त स्पर्श (हिंदी संदर्भ)
हिंदी-प्रकाशन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त विचार मिलते हैं कि—
इनमें से कोई भी पूर्ण उपदेश नहीं देता, पर तीनों यह दिखाते हैं कि सूर्यास्त के बाद भी परमेश्वर की न्याय-गाथा प्रबल है।
क्रॉस-रेफेरेंसेस (संक्षेप में, स्पष्ट पाठ नहीं दोहराते)
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
विश्वासियों के लिए यह संदेश: डरना नहीं—परिश्रम को बनाए रखें, प्रभु के न्याय के दिन वह सम्मान और सुरक्षा मिलेगा जिसके लिए आपने लगन से जीना सीखा है। तब तक, आप अपने जीवन को पवित्र रखने की कोशिश करते रहें, ताकि “तेरे नाम से डरने वाले” उनकी दया और दलील में सुरक्षित रहें।