Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रकाशितवाक्य 1 प्रकाशितवाक्य 2 प्रकाशितवाक्य 3 प्रकाशितवाक्य 4 प्रकाशितवाक्य 5 प्रकाशितवाक्य 6 प्रकाशितवाक्य 7 प्रकाशितवाक्य 8 प्रकाशितवाक्य 9 प्रकाशितवाक्य 10 प्रकाशितवाक्य 11 प्रकाशितवाक्य 12 प्रकाशितवाक्य 13 प्रकाशितवाक्य 14 प्रकाशितवाक्य 15 प्रकाशितवाक्य 16 प्रकाशितवाक्य 17 प्रकाशितवाक्य 18 प्रकाशितवाक्य 19 प्रकाशितवाक्य 20 प्रकाशितवाक्य 21 प्रकाशितवाक्य 22Verse
प्रकाशितवाक्य 11:1 प्रकाशितवाक्य 11:2 प्रकाशितवाक्य 11:3 प्रकाशितवाक्य 11:4 प्रकाशितवाक्य 11:5 प्रकाशितवाक्य 11:6 प्रकाशितवाक्य 11:7 प्रकाशितवाक्य 11:8 प्रकाशितवाक्य 11:9 प्रकाशितवाक्य 11:10 प्रकाशितवाक्य 11:11 प्रकाशितवाक्य 11:12 प्रकाशितवाक्य 11:13 प्रकाशितवाक्य 11:14 प्रकाशितवाक्य 11:15 प्रकाशितवाक्य 11:16 प्रकाशितवाक्य 11:17 प्रकाशितवाक्य 11:18 प्रकाशितवाक्य 11:19



सीधे अर्थ का सार
प्रकाशितवाक्य 11:8 में कहा गया है कि उनके शव उस बड़े नगर के चौक में पड़े रहेंगे, जो आत्मिक रीति से सदोम और मिस्र कहलाता है, जहाँ उनका प्रभु भी क्रूस पर चढ़ाया गया था। इसका मतलब है कि दुष्ट शक्तियाँ और उनके समर्थक, एक बार सार्वजनिक पटल पर परास्त होने के बाद भी, परमेश्वर की निंदा में प facing रहेंगे; उनकी बर्बादी का स्थान और स्मारक उस नगर से जुड़ा है जो पवित्रता के विरुद्ध गतिविधियों का प्रतीक बन गया था। साथ ही यह संकेत है कि उसकी सत्ता का अंतिम आकर्षण और क्रूरता, सभी दिखावे के पीछे एक अस्थिर और दुष्कृत्यपूर्ण आधार रखती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठुदृश्य रोमांचक गवाही के एक क्रम का तात्पर्य है जिसमें भविष्यवाणियाँ खुलकर दृष्टांतों के रूप में दी गयीं। नगर के “चौक” में शव रखना एक सार्वजनिक अंत्योत्तर को दर्शाता है — पूरी दुनिया के सामने दुष्ट ताकतों की पराजय की पवित्र स्मृति। यह वही जगह है जहाँ प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया था, अतः यह संकेत देता है कि दुष्टता की पुष्टि और उसकी पराजय एक ही दृश्य में स्पष्ट होती है।
INTERPRETive observations (संश्लेषी अवलोकन)
थीमैटिक सूची
सम्बद्ध पद्य और उनका संक्षिप्त अर्थ
क_cross-reference (क्रॉस-रेफरेंसेस) और संक्षिप्त व्याख्या
- रोम 6:23: मृत्यु के वेग के पीछे उद्धार की चाहत के बजाय न्याय से सम्बद्ध परिणाम दिखते हैं; यह दृश्य उसी सिद्धांत को पुष्ट करता है कि मृत्यु के बाद भी ईश्वर की योजना चमत्कारिक रूप से आगे बढ़ती है।
- मत्ती 24:28: जहाँ पैदा हुए जलवे और विनाश की वास्तविकता एक साथ जुड़ी होती है; यह संकेत देता है कि जो लोग दुष्ट हैं, उनका अधिकार स्थाई नहीं रहता।
- गलातियों 6:7-8: जो कुछ बोया जाता है, वही काटा जाता है; यहाँ दुष्टता के फल की पूर्णता की याद दिलाई जाती है।
व्यावहारिक सीख
जो हमें चाहिए वह यह याद रखना है कि चुनौतियाँ और असत्य का क्रम एक दिन अपने आप में खात्म होगा। विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा है कि सही उद्देश्य और पवित्र जीवन के लिए सतर्क रहें, क्योंकि परमेश्वर न्याय के चरण पर है और हर उच्च-नीच का लेखा-जोखा रखा जाएगा।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विशिष्ट उद्धरण मिलते हैं या आवश्यक होने पर उनके दृष्टिकोण की प्रेरणा ली गई है; नीचे उनकी संक्षिप्त प्रभावी पंक्तियाँ शामिल नहीं हैं, पर उनके विचारों की परंपरा मूल में सुरक्षित रहीं।