Old Testament
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प्रकाशितवाक्य 21:5 का संदर्भ और उसका अर्थ
यह वाक्य क्रांतकारक दृश्य में आता है जब नया céu–नया पुराण बनते हैं और परमेश्वर के राज्य के नवीन दिन की घोषणा होती है। प्रकाशितवाक्य 21:5 कहता है कि देवीय सिंहासन पर बैठा हुआ बोले, “मैं सब कुछ नया कर देता हूँ।” फिर उसने कहा, “लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वासयोग्य और सत्य हैं।” यह दृश्य यशायाह की भविष्यद्वाणी से जुड़ता है—“देखो, सब कुछ नया हो गया है”—जो परमेश्वर के पुनर्स्थापना के महान क्रिया-क्रम को दर्शाता है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से जो समझ मिलती है
1) ईश्वर का संप्रतृ और नवीन निर्माण का निश्चय: सिंहासन पर बैठा यह Christus-प्रभु वर्तमान को नहीं छोड़ते, बल्कि सब कुछ नया कर डालने की शक्ति और इच्छा के साथ मानवीय इतिहास को पुनः दिशा देते हैं। यह आत्मविश्वास देता है कि दुख और बुराई की अंतहीन लाइन के बीच भी ईश्वर का दायित्व नया आरम्भ और पूर्ण परिवर्तन है।
2) विश्वास की दृढ़ता के लिए चेतावनी और आश्वासन: “लिख ले” का उद्घोष विश्वसनीय और सत्य वचनों पर मज़बूत पकड़ बनाता है—जो बातें उद्धार के पथ को स्थिरता देती हैं। यह बताता है कि परमेश्वर के वचन समय के साथ नहीं बदलते और उनका भरोसा बनाये रखना चाहिए।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
संबद्ध पदों से सम्बन्ध (संक्षेप)
• यशायाह 42:9 — भविष्यसूचक उद्घोषणा कि परमेश्वर की योजना में नया इतिहास और नया प्रकाश आता है—यह उद्धार का एक संगत संकेत है।
• यूहना 1:14, 1:17 — कृपा और सत्य की पूर्ण अभिव्यक्ति में मसीह द्वारा नया जीवन और व्यवस्था का उद्घोष।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
– संसार में अनेक परिवर्तन और अस्थिरता के बीच यह वचन हमें आश्वस्त करता है कि परमेश्वर हमारे भीतर और हमारे समाज में नया बनावट ला सकते हैं। मंचन-परेड, कलह, तथा व्यक्तिगत टूटन के समय भी हम परमेश्वर के विश्वासयोग्य वचनों पर टिके रहें; उनकी नवीनता हमारे व्यवहार, निर्णयों और उम्मीदों को दिशा दे सकती है।
– व्यक्तिगत जीवन में: पुराने पुराने तरीके त्याग कर, परमेश्वर के नेतृत्व में नई शुरुआत की इच्छा रखें—छोड़ना और नया बनना दोनों एक क्रिया हैं, जो विश्वास से संभव है।
मैथ्यू हेनरी, अलेक्ज़ाबेथ बार्न्स, एडम क्लार्क से मिली संक्षिप्त ध्वनि-आधे सूक्तियाँ
• Matthew Henry के अनुसार, “God’s word is faithful, and his promises are sure” जैसी परिभाषाएं वचन की स्थिरता को रेखांकित करती हैं, जिसका अर्थ है कि परमेश्वर के संकल्प न टूटेंगे और नया निर्माण भी उसकी योजना के अनुसार होगा।
• Albert Barnes कहते हैं कि यह उद्घोषणा परमेश्वर के पूर्ण अधिकार और सामर्थ्य का प्रमाण है—जो कुछ भी करता है, वह नया बनाकर इतिहास को पुनः व्यवस्थित कर देता है।
• Adam Clarke के अनुसार, “ये वचन विश्वासयोग्य और सत्य हैं” से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर के नियम समाज के लिए अंतिम मानदंड हैं और उनका पूरा पालन भविष्य के रहस्योद्घाटन के साथ जुड़ा है।
कथा-सार और निष्कर्ष
प्रकाशितवाक्य 21:5 एक गहरी आश्वासन देता है कि अंततः परमेश्वर सब कुछ नया करेगा—यह नयी सृष्टि का आरम्भ है जहाँ दुख, पाप और मृत्यु का अंत होगा। यह वचन विश्वास के लिए स्थिर आधार है और हमारे दैनिक जीवन में नये विश्वास, नये दृष्टिकोण, और नयी उम्मीद स्थापित करता है।