Old Testament
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अर्थ का सीधा सार
प्रकाशितवाक्य 21:4 बताता है कि परमेश्वर की नया संसार ऐसे समय में दुखों से मुक्त हो जायेगा कि आँसू पोंछ दिए जायेंगे; मृत्यु, शोक, विलाप और पीड़ा समाप्त हो जाएगी, और पुरानी पीड़ा का काल समाप्त हो जायेगा। यह भविष्य की स्वर्गीय पूर्णता का घोषणा है जिसमें ईश्वर का भय मानने वाले नया जीवन पाते हैं।
प्रसंग-विवेचन
यह वचन प्रकाशन 21 में नए आकाश और नई पृथ्वी के संदर्भ में आता है। वहाँ परमेश्वर के सामर्थ्यपूर्ण राज्य का चरित साफ दिखता है: ईश्वर स्वयं उनके साथ हैं, और उनकी आँखों से सब आँसू पोंछे जाएंगे। यह शांति, पूर्ण निष्ठा और अंततः दुःखों का उन्मूलन है। यशायाह 25:8 का संदर्भ पुराने नियम में भी इस आशा की पुष्टि करता है कि रोना और दुःख स्वीकार नहीं किये जायेंगे, क्योंकि प्रतिज्ञा के अनुसार मरण-शोक का समय समाप्त हो जाएगा।
व्याख्यात्मक बिंदु
2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त व्याख्या)
यशायाह 25:8: पुराने दावों के पूर्ण पुनर्निर्माण में मृत्यु का अंत और रोने की कमी की प्रतिज्ञा इसे मजबूत करती है।
यूहन्ना 5:24: विश्वास पर आधारित जीवन को वर्तमान दुःख से मुक्ति और अनंत जीवन की दिशा दिखाती है; ईश्वर के साथ रहने का अभिज्ञान।
रोमियों 8:18-19: वर्तमान दुःखों की तुलना में भविष्य की महिमा अधिक महान है; शाश्वत संकटों के बावजूद ईश्वर की नियति पक्ष में है।
एक संक्षिप्त थीमैटिक सूची
व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम इस प्रमाण को अपनी यात्रा में कैसे ग्रहण करें? जीवन के दर्द में भी आशा बनाए रखें कि परमेश्वर तुमसे प्रेम करते हैं और भविष्य की सुरक्षा में हैं। कठिन समय में प्रार्थना और विश्वास के साथ जीवन जीना, ताकि अंततः उसी राज्य के साथ हमारा मेल हो सके जहाँ हर आँसू पोंछा जाएगा।
पुराने टिप्पणीकारों से संक्षेप उद्धरण
यदि आवश्यक हो, तो नीचे के शब्द्य Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सहायक विचारधाराओं को संक्षेप रूप में समाहित किया गया है:
“Matthew Henry”: दया-सम्पन्न पिता के साथ मिलन ही सभी दुःखों के आँसू पोंछ देता है।
“Albert Barnes”: मृत्यु और शोक का अंत परमशक्तिमय राज्य की पूर्णता का संकेत है।
“Adam Clarke”: पुराने दर्द का क्रम समाप्त होकर नया जीवन आरम्भ होता है, क्योंकि प्रभु की उपस्थिति पवित्रता और शांति लाती है।
नोट: ऊपर के संक्षेप उद्धरण ऑब्जेक्टिव रूप से केवल संदर्भ हेतु हैं; पूर्ण पद उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया है।