Old Testament
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प्रकाशितवाक्य 21:24 का संदर्भ और अर्थ
यह पद नवीन jornada का आरम्भिक दृश्य है जहाँ नया यरुशलम—नया आकाश और नई पृथ्वी—सजती हैं। जाति-जाति के लोग उसकी ज्योति में चले-फिरेंगे, और पृथ्वी के राजा अपने-अपने तेज का सामान उसमें लाएँगे। यह वाक्य सृष्टि के अंत के बाद राज्य-निर्माण और विश्व-परित्राण के शुभ चिन्हों को संकेत करता है: सभी राष्ट्र और राजाओं की महिमा, अब परमेश्वर के प्रकाश में शामिल होकर उसकी महिमा और शांति के सहभागी बनते हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में प्रकट पाठ
इस पाठ में ईश्वर का राज्य सभी जातियों के लिए खुला दिखता है। उसकी ज्योति प्रदीप्त है, और विश्व के राजा भी इस प्रकाश में सम्मिलित होते हैं। यह केवल दर्शन नहीं, बल्कि ऐसी जहांगाह है जहाँ विविधताओं के बावजूद एकता फिर से स्थापित होती है—एक परम सत्य में कि परमेश्वर का राज्य सभी को अनुराग और न्याय प्रदान करता है।
मुख्य शब्द और चित्र स्पष्ट करें
अनुशंसा पारायणियाँ (Cross-references) और उनके संक्षिप्त अर्थ
• revelou करता है कि सभी राष्ट्र परमेश्वर के प्रकाश के दर्शन से आशीष पाते हैं (यूहन्ना 8:12; मत्ती 5:14-16)। यह संकेत देता है कि विश्व-प्रकाश का उद्देश्य लोगों के बीच दिव्यता का बाहर आना है।
• महिमा का बँधन सभी जातियों के लिए—यशायाह 49:6 की पंक्ति का विस्तारित स्वरूप कि वे भी प्रकाश बनें।
• नया जन्म-नया राज्य का तात्पर्य—रोमियों 11:36 के समन्वय में कहा गया कि सभी वस्तुएँ परमेश्वर के लिए और परमेश्वर के द्वारा हैं।
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि ईश्वर का प्रकाश एक विश्व-व्यापी बुलावा है जो हर मनुष्य को दयालुता, न्याय और शान्ति में सहभागी बनाता है।
आज के संदर्भ में उपयोग और अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह उद्घोषणा प्रेरणा है कि सिंचित जीवन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत आशीष नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय प्रकाश और बन्धुत्व के निर्माण में भागीदारी है। आपसी मतभेदों के बावजूद, प्रभु के राज्य में सभी भागीदार एक समान सम्मान और दया पथ पर चलते हैं। सार्वजनिक और व्यक्तिगत जीवन में ईश्वर के प्रकाश को पहचानें—अन्याय को चुनौती दें, निर्धनों के साथ संवेदना दिखाएं, और हर समुदाय में शांति की गवाही दें।
सारांश
प्रकाशितवाक्य 21:24 एक शानदार राज-संकेत है जहाँ सभी जातियाँ उसके प्रकाश में होकर परमेश्वर के राज्य की महिमा में जुड़ती हैं। यह शक्ति, न्याय और एकता का संदेश देता है कि सचमुच का शाश्वत जीवन उसी प्रकाश के नीचे द्वार खोलकर आता है जो हर राष्ट्र के लिए खुला है।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त मुक्त शब्दों को आवश्यक स्थितियों में ईमानदारी से सम्मिलित किया गया है; यदि विशिष्ट उद्धरण उपलब्ध हों, उन्हें नीचे स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया है।