Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीश्रेष्ठगीत 4:10 बाइबल पद की व्याख्या
श्रेष्ठगीत 4:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे मेरी बहन, हे मेरी दुल्हिन, तेरा प्रेम क्या ही मनोहर है! तेरा प्रेम दाखमधु से क्या ही उत्तम है, और तेरे इत्रों का सुगन्ध सब प्रकार के मसालों के सुगन्ध से! (यूह. 4:10, यशा. 12:3)
श्रेष्ठगीत 4:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
श्रेष्ठगीत 4:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

श्रेष्ठगीत 1:2 (HINIRV) »
वह अपने मुँह के चुम्बनों से मुझे चूमे! क्योंकि तेरा प्रेम दाखमधु से उत्तम है,

श्रेष्ठगीत 3:6 (HINIRV) »
यह क्या है जो धुएँ के खम्भे के समान, गन्धरस और लोबान से सुगन्धित, और व्यापारी की सब भाँति की बुकनी लगाए हुए जंगल से निकला आता है?

यशयाह/श्रेष्ठगीत 4:10 का सरल समझ
सीधे शब्दों में इस वचन का अर्थ है: तुम मेरे प्रेम की साँस में मिठास और वास्तविक महिमा को देखें। तुम्हारा प्रेम इतना मनोहारी है कि वह दाखमधु से उत्तम है, और तेरे इत्रों की सुगंध वही है जो हर प्रकार के मसालों की खुशबू से अधिक सुगंधित है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
श्रेष्ठगीत में दुल्हन और दुल्हे के बीच प्रेम की मधुर और रोशनी से परिपूर्ण चर्चा है। यह उद्धरण, जिसे पारंपरिक अनुवादों में दुल्हे-दुल्हन के प्रेम के रूपक के रूप में पढ़ा गया है, प्रेम की गहराई, आनंद और आत्म-बलिदान को दर्शाता है। जैसा कि पद में कहा गया है, प्रेम की महिमा अराहकता और सुगंध दोनों में है—यही वह विषय है जिसे गीता-तुलना में भी मिलती-जुलती उपमा देती है।
Interpretive observations
थीमात्मक छोटे बिंदु
अनुसंग सम्बन्धी टीका (Cross-references) और उनका संक्षेप
– योहन्ना 4:10 में ईसाईयत के लिए प्रेम की पवित्र अनुभूति का संकेत मिलता है कि परमेश्वर की कृपा प्रेम के रूप में प्रत्यक्ष है; यहाँ प्रेम का आनंदस्वरूप एक दर्शक के लिए आत्म-स्वीकृति का अनुभव कराता है।
– यशायाह 12:3 में जलस्रोत के रूप में उद्धार और आनंद का प्रतीक है; प्रेम के आनंद की यह परिप्रेक्ष्य यह बताती है कि ईश्वर की कृपा से मिलने वाला आनंद जीवन में नई आशा देता है।
– गीतशास्त्री 2:14 जैसे पद भी प्रेम के इन सुगंधित अवसरों को दर्शाते हैं, जहाँ प्रेम एक सुरभित संदेश बनकर सामने आता है।
पाठ का समेकित व्याख्या
यह पंक्ति प्रेम के उच्चतम मानकों को प्रकट करती है—जो न केवल आकर्षण है, बल्कि एक गहरी आपसी प्रतिष्ठा और सम्मान का भी संकेत है। दुल्हन का प्रेम उसके भीतर की पवित्रता और सच्चाई को दिखाता है, तथा दुल्हे के लिए यह प्रेम एक दिव्य अनुभव है जो जीवन के हर पहलु पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
संक्षिप्त एडिटोरियल संकेत
मैथ्यू हेन्री, एलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के टिप्पणी-लोक से सहज प्रेरणा लेते हुए, यह पंक्ति प्रेम की दिव्यता और आत्मीयता को एक सूक्ष्म परिप्रेक्ष्य में रखकर प्रस्तुत करती है। इस पाठ का मूल संदेश यही है कि प्रेम एक ऐसी सुगंध है जो भीतर से उठती है और जीवन के हर रंग को रोशन कर देती है।
उद्धृत संक्षिप्त विचार: “प्रेम दाखमधु से उत्तम है” (समझने योग्य सजीवता के साथ)।