Old Testament
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श्रेष्ठगीत 4:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरे होंठ लाल रंग की डोरी के समान हैं, और तेरा मुँह मनोहर है, तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।
श्रेष्ठगीत 4:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 4:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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श्रेष्ठगीत 5:16 (HINIRV) »
उसकी वाणी* अति मधुर है, हाँ वह परम सुन्दर है। हे यरूशलेम की पुत्रियों, यही मेरा प्रेमी और यही मेरा मित्र है।

यहोशू 2:18 (HINIRV) »
सुन, जब हम लोग इस देश में आएँगे, तब जिस खिड़की से तूने हमको उतारा है उसमें यही लाल रंग के सूत की डोरी बाँध देना; और अपने माता पिता, भाइयों, वरन् अपने पिता के घराने को इसी घर में अपने पास इकट्ठा कर रखना।

श्रेष्ठगीत 4:3 — पाठ का तात्पर्य और नई व्याख्या
तान्ना/सीन संगत स्थिति: श्रेष्ठगीत 4:3 में दुल्हा-दुल्हन के पवित्र प्रेम के दृश्य को एक बार फिर से अधिक निकटता से उभारा गया है। इस पद में दुल्हन के होंठ, मुँह और रंग-तस्वीरों के माध्यम से उसकी सुगंधित आभा और आकर्षण को उजागर किया गया है। यह गीत-ग्रंथ में प्रेम की सुंदरता और भक्ति के अंतरंग संबंध को संकेत करता है।
यह पाठ परमेश्वर की आत्मीयता और विश्वास की गहराई कैसे प्रकट करता है
यह पद प्रेम और सौंदर्य के साथ आराधना की गहराई का चित्रण करता है। दुल्हन के होंठ “लाल रंग की डोरी” की तरह बताने से प्रारब्ध-पारगम्यता और पवित्रता का संकेत मिलता है; मुँह की “मनोहरता” प्रेम के मधुर उत्साह को दर्शाती है; और “कपोल… अनार की फाँक” जैसी उपमा उसकी शोखी और जीवन के खिले हुए रंग को दर्शाती है। इन सबके पीछे वही प्रेम है जो भगवान और उसकी choisi प्रजा के बीच एक प्यारा, आकर्षक और शीघ्र-प्रेमपूर्ण संबंध बनाता है।
महत्वपूर्ण शब्दों/छवियों की स्पष्टता
संकेतित संबंध और क्रॉस-रेफरेंसे
इस भाग से जुड़े कुछ सन्देश स्पष्ट करते हैं कि प्रेम-सम्बन्ध में सुन्दरता और पवित्रता का संग कैसे मिलता है:
वर्तमान जीवन में अनुप्रयोग
आज के पाठक के लिए यह पद एक याद दिलाता है कि परमेश्वर के साथ हमारा प्रेम-बंध न केवल पूजा-क्रिया है, बल्कि आत्मीय संलग्नता और बंधन है। हमारा आचरण और शब्द-व्यवहार ऐसी सरलता, विनम्रता और आकर्षण के साथ प्रस्तुत हो कि अन्य लोग भी ईश्वर के प्रेम की ओर आकर्षित हों। संसार में दृश्य-आकर्षण अधिक है, परन्तु आंतरिक सुंदरता—विश्वास, नम्रता और ईमानदारी—सबसे स्थाई सौंदर्य है।
महत्वपूर्ण संदर्भ
उसी प्रकार के प्रेम-चित्रण को समझने के लिए देखें:
इस पाठ के बारे में प्रसिद्ध कानून-चर्चित टिप्पणीकारों के संक्षिप्त संकेत:
Ad Amos Clarke, Matthew Henry, Albert Barnes से सीधे उद्धरण नहीं दिए गए हैं, परन्तु उनकी दृष्टियाँ प्रेम-अभिव्यक्ति और चित्रण के संदर्भ में समेकित रूप से जुड़ी हुई हैं।