Old Testament
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यहोशू 2:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुन, जब हम लोग इस देश में आएँगे, तब जिस खिड़की से तूने हमको उतारा है उसमें यही लाल रंग के सूत की डोरी बाँध देना; और अपने माता पिता, भाइयों, वरन् अपने पिता के घराने को इसी घर में अपने पास इकट्ठा कर रखना।
यहोशू 2:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 2:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 6:23 (HINIRV) »
तब वे दोनों जवान भेदिये भीतर जाकर राहाब को, और उसके माता-पिता, भाइयों, और सब को जो उसके यहाँ रहते थे, वरन् उसके सब कुटुम्बियों को निकाल लाए, और इस्राएल की छावनी से बाहर बैठा दिया।

यहोशू 2:12 (HINIRV) »
अब मैंने जो तुम पर दया की है, इसलिए मुझसे यहोवा की शपथ खाओ कि तुम भी मेरे पिता के घराने पर दया करोगे, और इसका सच्चा चिन्ह मुझे दो, (इब्रा. 11:31)

यहोशू 2:21 (HINIRV) »
उसने कहा, “तुम्हारे वचनों के अनुसार हो।” तब उसने उनको विदा किया, और वे चले गए; और उसने लाल रंग की डोरी को खिड़की में बाँध दिया।
यहोशू 2:18 का अर्थ और पृष्ठभूमि
इस पद में राजकुमारी रोहाब की कहानी के संदर्भ में बपतिस्मा-सी शिक्षा नहीं, बल्कि यह एक व्यवहारिक संकेत है: ईमानदार विश्वास और सुरक्षा के लिए एक विशिष्ट चिन्ह नियुक्त किया गया है। लाल रंग के सूत की डोरी को खिड़की पर बाँधना और घर के सदस्य सभी को उसी घर में एकत्र रखना, यह दिखाता है कि परमेश्वर के लोक को ऐसे मौक़ों पर भरोसेमंद चिह्न की आवश्यकता होती है ताकि प्रायः खतरे के समय उन्हें एक सुरक्षित ठिकाने मिल सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू की कथा में एहोर जाति के लोग कनान के मार्ग से प्रवेश कर रहे थे। राहुल (रहोब) ने याजक-राजा किन्हीं सीमाओं के भीतर, यहूदियों को जहर देकर नहीं बल्कि ईमान से सहायता की। यहाँ दोहराव यह है कि उसने स्पर्शिक, पहचान योग्य संकेत दिया ताकि यहूदियों को सुरक्षित मार्ग मिले। खिड़की पर लाल डोरी उसी घर के भीतर रहने वाले परिवार तक ईमानदारी और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में पहुँचेगी।
व्याख्यात्मक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप में और स्पष्ट रूप से)
1) रोमियों 8:31-32 के संदर्भ में गवाही मिलती है कि यदि परमेश्वर हमारे पक्ष में है, तो who can be against us? यह संकेत जीवन-रक्षा के लिए एक भरोसे के रूप में समझा जा सकता है।
2) संत पेत्रुस 1:4 में उद्धार से जुड़ी सुरक्षा की प्रतिज्ञा है—हम अपने घर के भीतर उसी प्रकार संरक्षित रहते हैं, जैसे यहाल में लोहा-सी सुरक्षा।
3) यहह 35:1-2 में ईमानदार लोगों के लिए उद्धार की राह और सुरक्षा का चित्र मिलता है—प्रकृति के भीतर भी आशा की डोरी बाँधी जाती है।
कभी-सम्भव दार्शनिक सार
- विश्वास और सुरक्षा का संकेत: यहोशू 2 के संदर्भ में एक विशिष्ट चिन्ह यह बताता है कि ईमानदार चिह्न और परिवारिक एकता खतरे के समय में परमेश्वर की सुरक्षा को सक्रिय बनाती है।
व्यावहारिक takeaway
खतरे के समय, विश्वासयोग्य समुदाय और परिवार एक साथ खड़े होते हैं और एक साथ सुरक्षित रहने के लिए स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हैं। यह कथा हमें यह दिखाती है कि विश्वास की पहचान और पारिवारिक एकता कैसे मिलकर संरक्षण बनाती है।
संबद्ध संदर्भ (संक्षेप)
- राहुल की कृति और प्रेरणा: परिवार के लिए एक विशिष्ट चिन्ह और सुरक्षित प्रवेश द्वार।
धार्मिक उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
ध्यान दें: इस पाठ से Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे संक्षेप उद्धरणों के बजाय उनके विचारों के मिश्रित सार उपलब्ध कराए गए हैं।