Old Testament
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यहोशू 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उन्होंने उससे कहा, “जो शपथ तूने हमको खिलाई है उसके विषय में हम तो निर्दोष रहेंगे।
यहोशू 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 30:2 (HINIRV) »
जब कोई पुरुष यहोवा की मन्नत माने, या अपने आप को वाचा से बाँधने के लिये शपथ खाए*, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुँह से निकला हो उसके अनुसार वह करे। (मत्ती 5:33)

2 शमूएल 21:7 (HINIRV) »
परन्तु दाऊद ने और शाऊल के पुत्र योनातान ने* आपस में यहोवा की शपथ खाई थी, इस कारण राजा ने योनातान के पुत्र मपीबोशेत को जो शाऊल का पोता था बचा रखा।

यहोशू 2:17 का पठन-परिचय
यही संदर्भ सामान्यतः अन्याय के बावजूद गुप्त रूप से विश्वास रखे हुए लोग कैसे परमेश्वर के प्रतिज्ञान के भीतर सुरक्षित रहते हैं, इस कथा का भाग है। राया शहर के पवित्र जाति-निरपेक्ष न होने के बावजूद भी वह विद्वानों से अलग एक मार्ग दिखाती है—विश्वास का एक धागा जो निर्भयता और शपथ-पालन से बंधा है।
ईश्वरीय आस्था और शपथ-पालन का संदेश
इस वाक्य में रया यह कहती है कि उसने जो शपथ ली है, वह अब भी सच और सुरक्षित है। यह दृढ़ीकरण बताता है कि केनोट्रिशन नहीं, बल्कि विश्वास—यही शपथ के पीछे की रीढ़ है। ईश्वर अपने लोगों की ईमानदारी और संकल्प को देखते हैं और उसे मान्यता देते हैं, भले ही परिस्थिति कैसी भी हो।
शब्दों का स्पष्टीकरण
कथा-उद्धृतियों के साथ संबंध
यहोशू 2:12–14 में रया की घनिष्ठता और उसके पावन निर्णय का संदर्भ मिलता है—वह शपथ-निष्ठा के प्रति एक निष्ठावान आचरण दिखाती है। साथ ही, यहूदी-ख़ास तौर पर “शपथ का पालन” के मान को याद दिलाता है कि विश्वास की राह में सत्य और ईमानदारी सबसे बड़ी सुरक्षा हैं।
संदेश की गहराई—विश्वास बनाम दबाव
रया का उत्तर यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर के चिह्नित लोगों की आराधना और निष्ठा कमजोर नहीं पड़ती। यहोशू की यात्रा में शपथ-पालन एक ऐसी गाइड है जो नीचे से ऊपर—व्यक्ति से समुदाय तक—विश्वास की स्थिरता बनाये रखती है।
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेज़
• तबील विश्वसनीयता के लिए प्रस्थान: यहूदा की वसूली के दौरान विश्वास और प्रतिज्ञा का महत्व दिखाने वाले अन्य अंशों की ओर संकेत।
• ईमानदारी और सत्य के महत्त्व पर प्रकाश डालने वाले अन्य उद्धरण: विश्वास के पथ पर शपथ का पालन कैसे सुरक्षा देता है, के संदर्भ में उपलब्ध cross-refs।
आज के लिए अनुप्रयोग
हम भी जीवन के जोखिमों और दबावों के बीच ईश्वर के प्रति अपनी प्रतिज्ञाओं का सम्मान करें। परिवार, समुदाय, या अपनी आस्था-संस्थाओं के साथ किए गए वचनों को निभाकर ही हम आन्तरिक सुरक्षा और ईश्वर-सम्मत जीवन पा सकते हैं। कठिन दशाओं में भी सच बोलेँ, दया और सत्य के साथ व्यवहार करें, और अपनी शपथ-प्रतिनिधि आचरण से दूसरों को प्रेरित करें।
अतिरिक्त पार्श्व-उल्लेख
मत्ती henry, अलबर्ट बार्न्स, और अडम क्लार्क के उद्धरण यदि उपलब्ध हों, तो उनके संक्षिप्त उल्लेख नीचे दिये गए हैं:
“यद्यपि वे बाहरी खतरे में पड़ते हैं, फिर भी विश्वासयोग्य रहने पर ईश्वर उनकी सुरक्षा करते हैं।”
नोट: उपरोक्त पंक्तियाँ उनके पूर्ण वाक्यों के सारांश हैं; पूर्ण उद्धरण पाठ यहाँ नहीं दिए जा रहे हैं ताकि पाठ की स्वतंत्रता बनी रहे।