Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यहोशू 8:1 यहोशू 8:2 यहोशू 8:3 यहोशू 8:4 यहोशू 8:5 यहोशू 8:6 यहोशू 8:7 यहोशू 8:8 यहोशू 8:9 यहोशू 8:10 यहोशू 8:11 यहोशू 8:12 यहोशू 8:13 यहोशू 8:14 यहोशू 8:15 यहोशू 8:16 यहोशू 8:17 यहोशू 8:18 यहोशू 8:19 यहोशू 8:20 यहोशू 8:21 यहोशू 8:22 यहोशू 8:23 यहोशू 8:24 यहोशू 8:25 यहोशू 8:26 यहोशू 8:27 यहोशू 8:28 यहोशू 8:29 यहोशू 8:30 यहोशू 8:31 यहोशू 8:32 यहोशू 8:33 यहोशू 8:34 यहोशू 8:35



यहोशू 8:1 पर टिप्पणी — अर्थ का सीधा संकेत
यहोशू 8:1 यह संदेश देता है कि परमेश्वर की ओर से निष्काम साहस और दृढ़ आत्मविश्वास एक साथ चाहिए। यहाँ यहूशू को चेतावनी नहीं, बल्कि आश्वासन दिया गया है: भय को तितर-बितर करने और मन को डगमगाने से बचने के लिए योजना बनाओ, और जब धारा के विपरीत कदम उठाओ, तो परमेश्वर तुम्हारे साथ है।
संदर्भ परिप्रेक्ष्य
यहोशू ने ईश्वरीय यात्राओं में कष्ट और संघर्ष देखे थे, विशेषकर युद्घ के मोर्चे पर। इस वचन में यहोशू को यह बताया गया है कि आई के राजा को उसके शासन और नगर सहित हरेक स्थिति में तुझ पर छोड़ दिया गया है। ठीक-ठीक उद्धार के लिए प्रत्यक्ष विधान के अनुसार चल, भय मुक्त बन और चढ़ाई के समय विश्राम नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी दिखा।
टिप्पणीगत अवलोकन
छोटा थेमैटिक क्रम
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संदर्भ
1) यहोशू 1:9 — “चुपके से डरना नहीं, न डर लेना; क्योंकि तुझ से कहीं भी जाना नहीं है, मैं तेरे साथ हूँ।” यह पक्का समर्थन है जिसे यहाँ पुनः पुष्टि मिलती है।
2) निर्गमन 14:14 — “य herb…” (नोट: यहाँ क्रॉस-रेफरेंस के लिए सीधे घटनाक्रम का संकेत) परमेश्वर अपने लोगों के साथ है और दया से मार्ग दिखाता है।
3) यहूदा 10:36 — (उच्चारण का संकेत) समुदायिक साहस और दृढ़ तैयारी के साथ सफलता मिलती है।
व्यावहारिक takeaway
भय से डरना नहीं, बल्कि ईश्वरीय वचन के अनुरूप तैयारी करना चाहिए। कठिनाइयों के बीच भी ईश्वर की उपलब्धि स्पष्ट है: समूचा समुदाय जिसे नेतृत्व प्राप्त हो, वह परमेश्वर के उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।
पंथ-योग्य निष्कर्ष
यहोधशू 8:1 में परमेश्वर का आह्वान बताता है कि विश्वास और योजना से विजय संभव है। यह संदेश हमें याद दिलाता है कि कठिन समय में भी ईश्वर के साथ चलना है—डरना नहीं, और पथ के हर चरण में दृढ़ता बनाए रखनी है।
कथा-संबंधी उद्धरण (संक्षिप्त)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों में से समय-समय पर जुड़ी गई सूक्तियाँ इस संदेश को स्पष्ट करती हैं, किन्तु पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है। उपलब्ध संक्षिप्त विचार यह कि परमेश्वर के साथ साहस और तैयारी, दोनों आवश्यक हैं।