Old Testament
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यहोशू 12:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यरदन पार सूर्योदय की ओर, अर्थात् अर्नोन घाटी से लेकर हेर्मोन पर्वत तक के देश, और सारे पूर्वी अराबा के जिन राजाओं को इस्राएलियों ने मारकर उनके देश को अपने अधिकार में कर लिया था वे ये हैं;
यहोशू 12:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 12:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 3:8 (HINIRV) »
इस प्रकार हमने उस समय यरदन के इस पार रहनेवाले एमोरियों के दोनों राजाओं के हाथ से अर्नोन के नाले से लेकर हेर्मोन पर्वत तक का देश ले लिया।

गिनती 21:24 (HINIRV) »
तब इस्राएलियों ने उसको तलवार से मार दिया, और अर्नोन से *यब्बोक नदी तक, जो अम्मोनियों की सीमा थी, उसके देश के अधिकारी हो गए; अम्मोनियों की सीमा तो दृढ़ थी।

गिनती 21:13 (HINIRV) »
वहाँ से कूच करके उन्होंने अर्नोन नदी, जो जंगल में बहती और एमोरियों के देश से निकलती है, उसकी दूसरी ओर डेरे खड़े किए; क्योंकि अर्नोन मोआबियों और एमोरियों के बीच होकर मोआब देश की सीमा ठहरी है।
यहोशू 12:1 के संदर्भ में टिप्पणी
यह पद यहोशू के अभियान-पत्र के भाग के भीतर आता है, जहाँ ईश्वरीय आदेश के अनुसार इस्राएली सेनाओं ने यरदन पार पूर्वी अराबा के राज्यों पर विजय प्राप्त की। विशिष्ट रूप से यह पंक्ति पूर्वी क्षेत्र के राजाओं के पतन को सूचीबद्ध करती है, ताकि यह स्पष्ट हो कि किस-किस क्षेत्र ने अब इस्राएली अधिकार को स्वीकार किया। यह संदर्भ हमें यह दिखाता है कि लड़ाइयों के बाद भूमि-हस्तांतरण कैसे क्रमबद्ध हुआ और परमेश्वर के उद्देश्यों के अनुसार देश-सीमा कैसे स्थापित हुए।
मुख्य अर्थ
पद 12:1 में पूर्वी अराबा के राजाओं के हराने की सूची है, जो यरदन पार की दिशा से पूर्व में बसे थे। यह न केवल सामरिक विजय है, बल्कि परमेश्वर के सर्वव्यापक राज्य योजना का भाग भी है—इस्राएल के लिए यह भूमि-स्वामित्व का समय निर्धारित करता है और उत्तर-पश्चिमी मिस्र के क्षेत्र सहित आसपास के दायरे में उनकी स्थिर सत्ता की नींव डालता है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संयुक्त पंक्तियाँ/क्रॉस-रेफरेंसे
• ऐतिहासिक पवित्र क्रिया के संदर्भ में धर्मशास्त्रीय पाठ: यहोशू 3–4 अध्यायों की क्रमिक विजय-यात्री, जहां येरुशलेम के बाहर की सीमा स्पष्ट होती है।
• Barnes, Clarke और Henry के पारंपरिक संदर्भ: यह विवरण उन पूर्वी राज्यों के पतन को उचित क्रम में दिखाता है, जिससे यह स्पष्ट हो कि इस्राएल का नया राज्य पूर्वी आर्ब के साथ एकीकृत हो रहा है।
क्रॉस-रेफरेंस का संक्षिप्त अर्थ: (1) पूर्वी सीमा के विरुद्ध विजय का क्रम, (2) परमेश्वर के दिए गए वचनों के पालन से भूमि-आधार बनना, (3) क्षेत्रीय सत्ता के अर्पण के बजाय ईश्वर-राज्य की स्थापना।
व्यावहारिक विचार
हम अपने जीवन में अक्सर सीमाओं से जूझते हैं—परमेश्वर के आश्वासन के भीतर ही वे सीमाएं सुरक्षित रहती हैं। यह verse यह याद दिलाता है कि भगवान की योजना के अनुसार विजय तभी संभव है जब हम ईमानदारी और विश्वास के साथ अपने “पूर्वी इलाकों” को छोड़कर नई भूमि-उपस्थिति की ओर बढ़ते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 12:1 पूर्वी अराबा के राजाओं की पतन-यात्रा को दर्ज करता है, ताकि यह दिखे कि इजराइल का मानचित्र परमेश्वर के निर्देश के अनुरूप क्रमिक रूप से बढ़ रहा था। यह हमारे लिए एक आध्यात्मिक संकेत भी है कि विश्वास के साथ कदम उठाने पर परमेश्वर हमारी सीमाओं को सुरक्षित करके उसे नई उपलब्धियों की ओर मोड़ते हैं।
टेक्स्ट-समझ: यहोशू 12:1 यह स्पष्ट करता है कि किस प्रकार हर विजय ने धन्य-भूमि के दायरे को विस्तृत किया, और यह भी कि पूर्वी राज्यों की हार ने इस्राएल के लिए भूमि-स्वामित्व की अवस्था निर्धारित की।
उद्धरण के लिए नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के उद्धरणों से संबंधित शाब्दिक अंश नीचे दिए गए हैं—परन्तु पूर्ण पाठेश्वरी उद्धरण नहीं; आवश्यकतानुसार मूल संदर्भन से ही नकल किया गया है।