Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 12:13 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 12:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एक, दबीर का राजा; एक, गेदेर का राजा;
यहोशू 12:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 12:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 10:3 (HINIRV) »
इसलिए यरूशलेम के राजा अदोनीसेदेक ने हेब्रोन के राजा होहाम, यर्मूत के राजा पिराम, लाकीश के राजा यापी, और एग्लोन के राजा दबीर के पास यह कहला भेजा,


यहोशू 12:13 पर टिप्पणी—क्यों यह छोटा रिकॉर्ड भी महत्व रखता है
यह पंक्तिeger बताती है कि ईश्वर ने इस्राएली वीरों के सत्ता-युद्ध के इतिहास में कितने नगरराजाओं को पराजित किया। धीरे-धीरे मिलते-चलते परिणामों में यह एक सूचित करता है कि यह बहुधा उस बड़े अभियान के भाग के रूप में है जिसमें वादा-भूमि के कष्टों के बीच परमेश्वर ने अपनी प्रचंड सत्ता को दर्शाया।
संभावित मूल संदर्भ और पृष्ठभूमि
यहोशू के समय, विभाजित राष्ट्र इस्राएल ने कनान के महान रणबांकुरों के विरुद्ध संघर्ष किया। यहोशू 12 capítulo में वे सभी राजा-राज्यों से उद्घोषित करते हैं जिन्हें इस्राएल ने हराया; यह सूचित करता है कि परमेश्वर ने हर जगह विजय सुनिश्चित की और इस्राएल के भूमि-यात्रा की दिशा को बनाए रखा। यहाँ “दबीर” और “गेदेर” दो ऐसे राजा हैं जो इस अभियान के क्षणों में पराजित हुए थे।
मुख्य संदेश
यह verse एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण लकीर है जो बताती है कि ईश्वर का इच्छित क्रम, शक्ति और न्याय कैसे प्रत्यक्ष रूप से इतिहास के मैदान में उतरते हैं। यह दिखाता है कि युद्ध की बारीकियाँ—कौन राजा किस शहर का है—परमेश्वर के योजना-क्रम के भीतर हैं और उसकी प्रेरणा से ही विजय मिलती है। साथ ही यह यह भी संकेत देता है कि इस्राएली लोगों को अपने प्रभु पर निर्भर रहने की शिक्षा मिलती है: कर्मों के परिणाम परमेश्वर के कहे अनुसार होते हैं, न मानव-मेधाओं के अनुसार।
महत्वपूर्ण विषयावलियाँ
क्रॉस-रेफरेंस और उनके अर्थ
- यशायाह 54:17: प्रभु की सुरक्षा और सफल होना उन लोगों के लिए है जो उसके साथ हैं; यहाँ युद्ध के परिणाम उसकी स्वीकृति पर निर्भर होते हैं।
- याह 10:27: परमेश्वर का संतुलन और दृढ़ता, जो मानसिक-खिन्नता को समाप्त कर देता है और सच्चे विजय को स्थिर बनाता है।
- दाऊद-काल के समय के युद्धसार: परमेश्वर की सहायता से निर्भीकता और नीति से जीत संभव है।
पवित्र पाठ के भीतर एकीकृत समझ
यहोशू 12:13 के पीछे की कथा में यह स्पष्ट है कि इस्राएली न केवल सैनिक कौशल से बल्कि परमेश्वर की सहायता से विजय पाते हैं। यह संदेश हमें यह सिखाता है कि सफलता के पीछे ईश्वर की योजना कितनी निर्णायक होती है, और हमारी निर्भरता उसकी ओर होनी चाहिए।
व्यावहारिक और आध्यात्मिक अनुप्रयोग
संक्षेपित devotional reflection
हमारी जिंदगी भी कभी-कभी “दबीर” और “गेदेर” जैसे छोटे-छोटे क्षणों की तरह प्रतीत होती है—परन्तु प्रभु की सहायता से हर चुनौती पर विजय संभव है। यहोशू 12:13 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की सामर्थ्य हमारे इतिहास के हर पन्ने पर लिखित है; बस हमें उसी पर भरोसा बनाये रखना है और अपने भागीदारी-स्पर्श से उसके योजना को पूरा करना है।
सीधे उद्धरण (केवल उपलब्ध हो तो):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरण इस पन्ने में अनुदिष्ट हैं जब उपलब्ध हों।