Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 12:8 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 12:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हित्ती, और एमोरी, और कनानी, और परिज्जी, और हिव्वी, और यबूसी, जो पहाड़ी देश में, और नीचे के देश में, और अराबा में, और ढालू देश में और जंगल में, और दक्षिणी देश में रहते थे।
यहोशू 12:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 12:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहोशू 11:16 (HINIRV) »
तब यहोशू ने उस सारे देश को, अर्थात् पहाड़ी देश, और सारे दक्षिणी देश, और कुल गोशेन देश, और नीचे के देश, अराबा, और इस्राएल के पहाड़ी देश, और उसके नीचेवाले देश को,

यहोशू 9:1 (HINIRV) »
यह सुनकर हित्ती, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी, जितने राजा यरदन के इस पार पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, और लबानोन के सामने के महानगर के तट पर रहते थे,

यहोशू 10:40 (HINIRV) »
इसी प्रकार यहोशू ने उस सारे देश को, अर्थात् पहाड़ी देश, दक्षिण देश, नीचे के देश, और ढालू देश को, उनके सब राजाओं समेत मारा; और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार किसी को जीवित न छोड़ा, वरन् जितने प्राणी थे सभी का सत्यानाश कर डाला।
यहोशू 12:8 पर टिप्पणी — अर्थ का संक्षेप
यह वाक्य मानचित्रण करता है कि इस्राइलियों ने किस प्रकार पूर्वजों के विरासत-क्षेत्रों की सूची बनाते समय हर जाति और भौगोलिक क्षेत्र का उल्लेख किया। मूल संदेश है: प्रतिज्ञा-भूमि के भीतर रहने वाले विविध समूह और उनके ठहरने के ठिकाने स्पष्ट रूप से पहचाने गए ताकि अगला चरण, उनके विरुद्ध विद्रोह-युग से आगे बढ़ना संभव हो सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू के काल में यह सूची फिर से उन जातियों के नाम को दोहराती है जिनके क्षेत्र इजराइल के कब्जे के समय पहचाने गए थे। यह संदर्भ, जैसे अन्य आशीषों के प्रकरण, स्थिरता देता है कि किस तरह व्यक्तिगत और जनजातीय पहचान क्षेत्र-आधारित थी और कैसे प्रभु की योजना के भीतर हर समूह की भूमिका निर्धारित थी। यह सूचियाँ युद्ध के बाद के हिस्से की तैयारी बताती हैं — कौन कहाँ बस्ती डाले, किस भूभाग में रहने का अधिकार मिला, ताकि सीमा-रचना स्पष्ट हो और प्रशासन स्थिर रहे।
व्याख्यात्मक बिंदु
केवल-ही-आधारभूत निष्कर्ष (थीम)
अन्य आयत-उद्धरण (Cross-References) और समझ
नीचे तीन प्रासंगिक संदर्भ दिए जाते हैं जिनसे इस सूची की गहराई समझ में आती है:
इन संदर्भों से समझ बनती है कि क्षेत्रीय व्यवस्थितियाँ इतिहास की एक संरचनात्मक दिशा बनाती हैं, न कि केवल भू-स्वामित्व का mere डेटा।
व्यावहारिक निष्कर्ष
पहुँच-योग्य पाठ यह सुझाता है कि समुदाय के लिए अपने क्षेत्र-स्वामित्व को मान्य करना और उसे सुरक्षा-प्रणालियों के साथ जोड़ना किस तरह जीवन के क्रम में स्थिरता बनाता है। प्रभु की योजना के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र की स्थिति, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बिना एक सुदृढ़ समुदाय नहीं बन सकता था।
संदर्भ-गभीर परिशिष्ट
अगर आप अपने अध्ययन में आगे बढ़ना चाहें, तो इन बिंदुओं पर ध्यान दें: क्षेत्रीय विभाजन की प्रक्रिया, समुदाय-चिह्न और उत्तरदायित्व के सिद्धांत, और इतिहासिक स्मृति का समाज-निर्माण पर प्रभाव।
यह उद्धरण Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से सीधे शब्दों के छोटे अंश होने की स्थिति में, केवल उनके मौलिक अवलोकन के अनुरोध पर जोड़े गए हैं। उपलब्धतानुसार, नीचे सुझाए स्वरूप-उद्धरण शामिल हो सकते हैं:
“...”