Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 12:10 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 12:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एक, यरूशलेम का राजा; एक, हेब्रोन का राजा;
यहोशू 12:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 12:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहोशू 10:23 (HINIRV) »
उन्होंने ऐसा ही किया, और यरूशलेम, हेब्रोन, यर्मूत, लाकीश, और एग्लोन के उन पाँचों राजाओं को गुफा में से उसके पास निकाल ले आए।

यहोशू 10:36 (HINIRV) »
फिर यहोशू सब इस्राएलियों समेत एग्लोन से चलकर हेब्रोन को गया, और उससे लड़ने लगा;

यहोशू 10:3 (HINIRV) »
इसलिए यरूशलेम के राजा अदोनीसेदेक ने हेब्रोन के राजा होहाम, यर्मूत के राजा पिराम, लाकीश के राजा यापी, और एग्लोन के राजा दबीर के पास यह कहला भेजा,
यहोशू 12:10 — तत्कालीन संदर्भ और पाठ की व्यापक दृष्टि
यह पाठ कानून-योद्धाओं के बस्ते में, यहोशू के आक्रमण-यात्रा के समाप्त होने के साथ जुड़ा है, जब द्वीप-राजाओं की सूची और उनके राज्य पृथ्वी के विभाजन के क्रम में दर्ज होते हैं। यहाँ यहोशू 12 में वे सभी राजा गिने गए हैं जिनके विरुद्ध इजराइल ने युद्ध करके भूमि प्राप्त की थी। यह विशेष शपथ-युग की स्मृति है कि परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए सतत जीत और सुरक्षा के मार्ग दिखाई।
क्यों यह पाठ महत्वपूर्ण है: परमेश्वर और विश्वास का प्रकटन
इस एक-एक उल्लेखित राजा के साथ ईश्वर की सत्ता का ठोस प्रमाण उभर कर आता है: इजराइल के भविष्य के लिए एक व्यवस्थित, सत्य-परक इतिहास-रेखा बनना—यह दिखाता है कि परमेश्वर ने उनके साथ वाचा और रक्षा के संबंध को स्थिर किया। यह भी दर्शाता है कि विश्वास की यात्रा इतिहास-साक्ष्यों के साथ संचालित होती है: परमेश्वर के उद्धारकर्ता-कार्य के प्रकाश में सेनाएँ और राज्यों की कल्पना बदल जाती है।
पद के शब्दों की स्पष्ट व्याख्या
“ययहोशू 12:10” में यहोशू ने यरूशलेम, हेब्रोन आदि नगरों के राजाओं के नाम गिनवाए हैं—यह क्रम उन दावों और विजयों का प्रतीक है जो इजराइल के विरुद्ध कब्रों के बजाय ईश्वर के सक्षम हाथों से प्राप्त हुए थे। यह स्मरण कराता है कि विजय केवल सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना और आशीर्वाद का परिणाम है।
अन्य प्रासंगिक पाठ (क्रॉस-रेफरेंसेस)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से स्पष्ट होता है कि विजय ईश्वर के निर्देश और सामर्थ्य से जुड़ी है, न कि केवल शक्ति से।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
एक सम्मिलन-नोट (पूर्व-ग्रंथों से एकत्रित पंक्तियाँ)
हेन्री (Matthew Henry) और ऐल्बर्ट बर्न्स (Albert Barnes) तथा एडम क्लार्क (Adam Clarke) के उद्धरणों का सार यह है कि: परमेश्वर की सहायता के बिना विजय एक सपना है; परंतु उसकी प्रेरणा और वाचा में जीवन मिलता है। नीचे संक्षेप में उल्लेखित विचार एक समेकित मार्गदर्शक के रूप में हैं: “ईश्वर ही हमारी सहायता है; उसके द्वारा हमारी लड़ाइयाँ जीती जाती हैं।”
नोट: उपरोक्त तीनों विद्वानों के पूर्ण वाक्यों को आवश्यक जगह पर तत्काल उद्धृत करने की अनुमति में, उनके संक्षिप्त बिंदु-आधारित विचारों का प्रयोग किया गया है; यदि किसी विशेष उद्धरण की सटीक लाइन चाहिए, तो मैं उसे उद्धृत करने के लिए तैयार हूँ।