Old Testament
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यहोशू 12:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एक, मक्केदा का राजा; एक, बेतेल का राजा;
यहोशू 12:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 12:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 8:17 (HINIRV) »
और न आई में और न बेतेल में कोई पुरुष रह गया, जो इस्राएलियों का पीछा करने को न गया हो; और उन्होंने नगर को खुला हुआ छोड़कर इस्राएलियों का पीछा किया।

यहोशू 10:28 (HINIRV) »
उसी दिन यहोशू ने मक्केदा को ले लिया, और उसको तलवार से मारा, और उसके राजा का सत्यानाश किया; और जितने प्राणी उसमें थे उन सभी में से किसी को जीवित न छोड़ा; और जैसा उसने यरीहो के राजा के साथ किया था वैसा ही मक्केदा के राजा से भी किया।।

यहोशू 12:16 पर टिप्पणी – एक छोटा समन्वय
यहोशू 12:16 का यह भाग यह बताता है: “एक, मक्केदा का राजा; एक, बेतेल का राजा;” अर्थात् इजराइल के नेता जो अभियान के पहले भाग में संघर्ष के विजेता राजा थे, उनकी सूची का संक्षिप्त उल्लेख। यह संकेत करता है कि वह युद्ध के प्रमुख मोर्चों के प्रमुख राजा थे, जो क्षेत्रीय शासक के रूप में अपना अधिपत्य दर्शाते हैं।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
यहोशू के समय इजराइल का अपने पड़ोसी राष्ट्रों से विस्तार और विजय का क्रम जारी था। मक्केदा और बेतेल—ये नाम छोटे-छोटे फिर भी राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण नगर-राज्य थे। उत्तरायेन कहानी के अंत तक, राजा-पराजय की यह सूचियां स्मरणीय होती हैं ताकि भविष्य में उनसे मिली विजय और क्षेत्रीय विभाजन का आधार बने।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विचार (थीमेटिक बिंदु)
अन्य शास्त्रीय टिप्पणीकारों के दायरे से संक्षिप्त उद्धरण (संदर्भित रूप से)
मार्खनी समीक्षा में नीचे दिए गए विचारों का समन्वय किया गया है:
मत्ती हेनरी (Matthew Henry) के अनुसार, यह सूची तत्कालीन विजय-यात्रा के न्याय-सिंचित इतिहास को प्रस्तुत करती है और यह दर्शाती है कि परमेश्वर के लोग विश्व के विविध भागों से मिलकर अपनी अपनी स्थिति बनाते हैं।
एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) के अनुसार, हर राजा एक विशिष्ट क्षेत्र की सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है; इन नामों से यह स्पष्ट होता है कि यसराइल देश-रेखा के भीतर किस-किस स्थान पर नियंत्रण प्राप्त कर चुका था।
एडम क्लार्क (Adam Clarke) ने इस श्रृंखला के विस्तार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये नाम स्थानीय, वैध शासकों के रूप में दर्ज होते हैं—जो इतिहास की साक्ष्य-परक धारा को पुष्ट करते हैं कि परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार विजय-मार्ग किस तरह खुलते हैं।
संलग्न क्रॉस-रिफरेन्स (संक्षेप में, सीधे पाठ उद्धरण के बिना)
1) इतिहास के भू-भागों की सूची—यह बताती है कि हर क्षेत्र किस प्रकार इज़राइल की सत्ता के अधीन आया।
2) विजय के क्रम की स्मृति—पृथ्वी के उन भागों की भौगोलिक-राजनीतिक स्थिति की याद दिलाती है जहाँ आगे की राहें खुलतीं।
3) परमेश्वर के साक्ष्य के रूप में पाठ-क्रम की अपेक्षा—युद्ध की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि परमेश्वर के द्वारा दिए गए निर्देश कैसे व्यवहार में आते हैं।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
जीवन-वृत्त में छोटे-छोटे विजय-चिह्न भी महत्व रखते हैं; न केवल बड़े संघर्षों की याद, बल्कि हर क्षेत्र के छोटे अवसर भी परमेश्वर के मार्गदर्शन को दर्शाते हैं। विश्वास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ना और हर क्षेत्र-जीत को परमेश्वर की कृपा के रूप में देखना सिखाता है।
पाठ से सीधे जुड़े कुछ संदर्भ-उद्धरण (पठन के लिए उपयोगी संकेत)
यहोशू के समय के अन्य अंश जहाँ क्षेत्रीय विजय का क्रम मिलता है, वे इस कहानी के पूरक के रूप में काम करते हैं—जिन्हें आप अपने अध्ययन में देख सकते हैं।