Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 12:11 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 12:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एक, यर्मूत का राजा; एक, लाकीश का राजा;
यहोशू 12:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 12:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 10:3 (HINIRV) »
इसलिए यरूशलेम के राजा अदोनीसेदेक ने हेब्रोन के राजा होहाम, यर्मूत के राजा पिराम, लाकीश के राजा यापी, और एग्लोन के राजा दबीर के पास यह कहला भेजा,

यहोशू 10:31 (HINIRV) »
फिर यहोशू सब इस्राएलियों समेत लिब्ना से चलकर लाकीश को गया, और उसके विरुद्ध छावनी डालकर लड़ा;
यहोशू 12:11 – संदर्भ में संकल्पना और संदेश
यहोशू 12:11 समुद्री विस्तार में इस युद्ध-युग के अंतर्गत य Hersनाम राज्यों के सिंहावलोकन का भाग है। अध्याय 12 पूरे देश की विजय-यात्रा के बाद की सूची है, जिसमें यहूदियों की कुल जातीय विजय-घटनाओं का सार प्रस्तुत है। यह verse एक सूची की प्रविष्टि है—यहोशू के नेतृत्व में इजरायल ने उन सभी राजाों और नगरों के नाम गिनाए जिन पर विजय पायी। यहां पर “एक, यर्मूत का राजा; एक, लाकीश का राजा” आदि उल्लेख यह दर्शाते हैं कि किस प्रकार उत्तरभूमि के प्रमुख शहरों के राजाओं को क्रम से हराया गया। यह संदर्भ बताता है कि ईश्वर के निर्देशानुसार संचालित एक स्थिर, पूर्ण विजय-यात्रा में प्रत्येक जिले के प्रतियों के साथ शत्रु सत्ता पर निर्णायक पकड़ बनी।
मुख्य अर्थ
इस verse में दो राजा-नगरों के नाम का उल्लेख क्रमबद्ध सत्यापन के लिए है—यह दिखाता है कि यह सम्पूर्ण विजय अभियान का एक भाग है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहोशू के नेतृत्व में इजरायली सेना ने कनान के भीतर के सभी प्रमुख राज्यों पर प्रभुत्व कायम किया। यह पंक्ति एक तरह की सूची-संरचना है जो क्रमबद्ध विजय की सूक्ष्मता को दर्शाती है—हर एक राजा एक संकेत है कि बाद के अध्यायों में इन टुकड़ों के साथ इज़राइल का क्षेत्र मजबूत हुआ।
मुख्य थीम्स (02)
संयुक्त cross-प्रेरणाएं
यहोशू 12 के भीतर कुछ अन्य उल्लेखित राजा-नगरों के साथ आपसी तुलना, और अन्य पाठ जो विजय के क्रमों को उजागर करते हैं, हमें यह दिखाते हैं कि कैसे इज़राइल ने हर पथ पर दिशा पाई।
कथन-नुकसान (Practical Reflection)
यह verse हमें सिखाता है कि नेतृत्व और सहभागिता से बड़ी, सुविचारित योजनाओं के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी स्थिरता और दृढ़ विश्वास से विजय संभव है। हर छोटे-छोटे कदम—राजाओं की सूची जैसे—परिश्रम, धैर्य और परमेश्वर के मार्गदर्शन की पुष्टि करते हैं। आप अपनी जीवन-यात्रा में भी योजनाबद्ध तरीकों से समस्याओं के समाधान की ओर बढ़ें, भले वह कितने छोटे कदम हों।
पठन-को-टकना (2-3 cross-references with brief explanations)
- यहोशू 10:40-42: एक ही अभियान में समस्त क्षेत्र पर विजय की दृष्टि। यह पाठ यह बताता है कि सामरिक योजना के कारण क्षेत्रीय विजय संभव हुई।
- यर्मायाह 50:20: परमेश्वर के से न्याय और विजय के संदिग्ध समय में भी पवित्र योजना का हिस्सा बनती है; यह दिखाता है कि कितनी बार संघर्ष के बाद भी उद्धार का क्रम जुड़ता है।
- हिन्दी बन्धन-ग्रंथों में प्रतिद्वंद्विता के समय ईश्वर की सहायता के उदाहरण: यह उद्धृत विचार हमें यह समझाते हैं कि नेतृत्व और भरोसा कैसे मिलकर विजय का मार्ग बनाते हैं।
संक्षिप्त समापन
यहोशू 12:11 एक सूच्य-उद्धरण के रूप में, कनान की विजय-यात्रा की क्रमबद्ध उपलब्धियों का एक भाग है। यह बात स्पष्ट करती है कि सफलता एक संगठित प्रयास, विश्वास और परमेश्वर की सहायता से आती है।
उद्धरण नोट: इस पन्ने में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के ठीक-ठाक छोटे उद्धरणों की आवश्यकता हो तो उनके सार्वजनिक-डायरेक्ट पाठ से मिलान हेतु कृपया बताएं; यहाँ के संक्षेप को मूल विचारों के साथ समन्वित किया गया है।