Old Testament
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यहोशू 2:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यरीहो के राजा ने राहाब के पास यह कहला भेजा, “जो पुरुष तेरे यहाँ आए हैं उन्हें बाहर ले आ; क्योंकि वे सारे देश का भेद लेने को आए हैं।”
यहोशू 2:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 2:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 38:24 (HINIRV) »
लगभग तीन महीने के बाद यहूदा को यह समाचार मिला, “तेरी बहू तामार ने व्यभिचार किया है; वरन् वह व्यभिचार से गर्भवती भी हो गई है।” तब यहूदा ने कहा, “उसको बाहर ले आओ कि वह जलाई जाए।”

उत्पत्ति 42:9 (HINIRV) »
तब यूसुफ अपने उन स्वप्नों को स्मरण करके जो उसने उनके विषय में देखे थे, उनसे कहने लगा, “तुम भेदिये हो; इस देश की दुर्दशा को देखने के लिये आए हो।”

यहोशू 2:3—स्थिति और संकेत: राहाब के घर से यह संदेश
यहोशू के समय यरूशलेम से परे यरदोण के किनारे स्थित यरीहो एक प्रमुख नगर था, जहाँ इस्तेमाल की गई नीति और विश्वासी के लिए खतरे एक साथ नज़र आते थे। इस verses में राजा की ओर से राहाब को जो आदेश मिलता है, वह नगर के भीतर आने वाली यहूदियों की पहचान और उनकी सुरक्षा के लिए एक कठोर शब्द की शुरुआत है। राहाब उन दो जासूसों की मेजबानी करती है जो इस्राएली प्रजा के भविष्य को जानने के लिए कनारत में आए थे; राजा का फरमान स्पष्ट है: बाहर निकालो, ताकि वे देश का रहस्य जान सकें।
कौन-सी बात यहाँ प्रमुख है और भगवान की दृष्टि से इसका क्या अर्थ निकलता है?
यह कहानी जीवन-आस्था और भय के बीच की दहलीज़ को दर्शाती है। यद्यपि राजा का आदेश शत्रु की पकड़ मजबूत करने के लिए है, पर राहाब का व्यवहार एक नए विश्वास की शुरुआत संकेतित करता है; उसने अपने घर में परमेश्वर के प्रतिनिधियों की सुरक्षा की है, भले ही वह यहूदी नहीं थी। यह बताता है कि ईमानदार आस्था की नींव कब्र पर भी नहीं टिकती; वह आस्था एक ऐसी जगह बनाती है जहाँ परमेश्वर की योजना को मान्यता मिलती है और साधारण व्यक्ति भी उद्धार की दिशा में योगदान दे सकता है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
अन्य प्रासंगिक बाइबल अंश
- नीतियों और विश्वास के प्रति भगवान की प्रेरणा पर विचार के लिए यहोशू 2:9–11 देखें, जहाँ राहाब के विश्वास के बारे में वेबोध मिलता है।
- हबर 11:31 के समान राहाब का कदम, जिसे सयुक्त रूप से विश्वास के प्रतिफल के रूप में देखा गया है।
- मरकुस 16:15–18 जैसी घटनाओं में भी यह दिखता है कि परमेश्वर अपने मेहमानों के साथ कैसे व्यवहार करता है, भले ही वे बाहरी हों।
आज के पाठक के लिए अनुप्रयोग
संक्षेप सार
यहोशू 2:3 में राजा का अनुरोध दिखाता है कि सुरक्षा और राजकीय नियंत्रण कितने ताकतवर हो सकते हैं, पर राहाब का कदम यह स्पष्ट करता है कि विश्वास पर टिके रहने वाले लोग परमेश्वर की योजना को कैसे खूबसूरत तरीके से आकार देते हैं। यह पारिवारिक या सामाजिक सीमाओं से परे एक ऐसी रौशनी है जो उद्धार की राह खोलती है।
उद्धरण शीघ्र संदर्भ: मैथ्यू हेनरी,Albert Barnes और Adam Clarke की प्रवचनों से संक्षेपित विचार इस प्रकार हैं—
- Matthew Henry: “विश्वास के कारण ही राहाब ने अपने घर की रक्षा की, न कि केवल आत्म-रक्षा के लिए।” (संकेतित सार)
- Albert Barnes: “परमेश्वर की योजना के सामने मानव कानून को चाहे जो भी लगे, अंततः भगवान का उद्देश्य सर्वोपरि रहता है।”
- Adam Clarke: “कठोर शब्दों के बीच भी परमेश्वर की कृपा रास्ता बनाती है; प्रेरक विश्वास एक अभेद्य स्थान बना देता है।”
क्रॉस-रेफरेंसेस: यर 2:9–11; हबर 11:31; मर. 16:15–18 — इन स्थानों से यह समझ आता है कि विश्वास एक ऐसी शक्ति है जो भय की परिस्थितियों को पार कर उद्धार के रास्ते खोलती है।