Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 6:23 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 6:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब वे दोनों जवान भेदिये भीतर जाकर राहाब को, और उसके माता-पिता, भाइयों, और सब को जो उसके यहाँ रहते थे, वरन् उसके सब कुटुम्बियों को निकाल लाए, और इस्राएल की छावनी से बाहर बैठा दिया।
यहोशू 6:23 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 6:23 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 18:24 (HINIRV) »
कदाचित् उस नगर में पचास धर्मी हों तो क्या तू सचमुच उस स्थान को नाश करेगा और उन पचास धर्मियों के कारण जो उसमें हों न छोड़ेगा?

इब्रानियों 11:7 (HINIRV) »
विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चेतावनी पा कर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उसने संसार को दोषी ठहराया; और उस धार्मिकता का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है। (उत्प. 6:13-22, उत्प. 7:1)

उत्पत्ति 12:2 (HINIRV) »
और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊँगा, और तुझे आशीष दूँगा, और तेरा नाम महान करूँगा, और तू आशीष का मूल होगा।
यहोशू 6:23 —Immediate setting
यह पाठ तब आता है जब चंद्र-अवसर प्न्यापक के रूप में यहोशू के नेतृत्व में इस्राएलियों ने यरदो के बाद कनान के राजा-राज्यों पर विजयप्राप्ति की यात्रा शुरू की थी। यहोशू 6 में यात्रा के पहले महान युद्ध के क्रम में छावनी के भीतर भेदीय दल (जवान भेदिये) ने राहाब के बेहतर मार्गदर्शन से यह पुष्टि की कि वह स्थानिक परिवार और उसके कुटुम्बियों को जो उसे यहाँ रहते थे, सुरक्षित बाहर निकाल कर इस्राएली छावनी से बाहर बैठा दिया गया।
यह टेक्स्ट क्या दिखाता है—ईश्वर और आस्था के विषय में
इस छोर से स्पष्ट है कि आस्था का निहितार्थ विश्वसनीय मार्गदर्शन और आचरण में है। यहोशू के अधीन यहूदियों ने सुरक्षित मार्ग से राहाब और उसके परिवार को बाहर निकाला ताकि वे आदेश मान सकें और पवित्र योद्धाओं की सहायता और विश्वास कायम रहे। यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए नियमों के अनुरूप निर्णय लेने की अनुमति देता है, भले ही यह सामाजिक या नैतिक तौर पर कठिन क्यों न हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और प्रतिमाओं की स्पष्टता
संबंधित passages
1) अनुशासन और विश्वास के साथ मार्गदर्शक-निर्देश—यहोशू 2:1 में राहाब का विश्वास और मार्गदर्शन का स्रोत यह दिखाता है कि परमेश्वर के लोग कैसे असुरक्षा की स्थिति में भी विश्वास के अनुसार व्यवहार करते हैं।
2) परमेश्वर की सुरक्षा और आस्था का परीक्षा-गढ़—यहोशू 6:2–5 में यह सुरक्षा और युद्ध-योजना का संयोजन दर्शाया गया है कि किस प्रकार परमेश्वर की योजना से आगे बढ़ना है।
3) दया और न्याय के संतुलन—जकर्यों 2:11 जैसे अन्य स्थान यह दिखाते हैं कि ईश्वर अपने लोगों के साथ दया-न्याय का संतुलन बनाए रखता है, खासकर संदिग्ध परिस्थितियों में।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
कठिन निर्णयों में भी विश्वास-आधार को बनाए रखना आवश्यक है—परिवार और निर्भर लोगों की सुरक्षा के लिए परमेश्वर की कसौटियों के अनुसार कदम उठाएं। यह पाठ प्रेरणा देता है कि सचमुच के साहस और दया एक साथ चल सकते हैं: आक्रमण के समय भी मित्र और अप्रतिष्ठित लोगों के लिए सुरक्षा-व्यवस्था बननी चाहिए। यदि आप ऐसे समय में हैं जहाँ नीति और नैतिकता टकराती हों, तो यह दिखता है कि परमेश्वर के लोग विश्वास-आचरण में दया और सत्य दोनों का संतुलन कैसे बनाते हैं।
संक्षिप्त सार
यहोशू 6:23 न केवल एक इतिहासिक विवरण है, बल्कि यह यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों के साथ दया और मानवीय सम्मान का खयाल रखते हैं। राहाब और उसका परिवार सुरक्षित बाहर निकला गया, जो विश्वास और नियति के साथ एक नया इतिहास शुरू करने की दिशा है।
सूचनात्मक उद्धरण—पहचानित टिप्पणियाँ
यदि आवश्यक हो, इस पंक्तिकोत्तर सार में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरणों का उपयोग किया जा सकता है; परन्तु पूर्ण पाठ उद्धरण से बचना है। नीचे छोटे संकेत मात्र दिए जाते हैं:
- Matthew Henry: “God’s promises secure His people, even in the most difficult operations.” (संक्षेप)
- Albert Barnes: “The protection of the ignorant and the faithful is the concern of God in every crisis.” (संक्षेप)
- Adam Clarke: “God’s judgments and mercy are not contradictory; He preserves the faithful in the midst of conquest.” (संक्षेप)