Old Testament
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यहोशू 6:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यहोशू ने उन दोनों पुरुषों से जो उस देश का भेद लेने गए थे कहा, “अपनी शपथ के अनुसार उस वेश्या के घर में जाकर उसको और जो उसके पास हों उन्हें भी निकाल ले आओ।”
यहोशू 6:22 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 6:22 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 11:31 (HINIRV) »
विश्वास ही से राहाब वेश्या आज्ञा न माननेवालों के साथ नाश नहीं हुई; इसलिए कि उसने भेदियों को कुशल से रखा था। (याकू. 2:25, यहो. 2:11-12, यहो. 6:21-25)

यहेजकेल 17:18 (HINIRV) »
क्योंकि उसने शपथ को तुच्छ जाना, और वाचा को तोड़ा; देखो, उसने वचन देने पर भी ऐसे-ऐसे काम किए हैं, इसलिए वह बचने न पाएगा।

यहोशू 6:17 (HINIRV) »
और नगर और जो कुछ उसमें है यहोवा के लिये अर्पण* की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएँगे, क्योंकि उसने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था। (याकू. 2:25)
यहोशू 6:22 के immediatesetting और टेक्स्ट का परिचय
यह पाठ यहोशू के चिल्ला-रन के समय का दृश्य बनाता है: यरुकोह शहर के विनाश के बाद, यहोशू और इस्राएलियों ने वचन के अनुसार नगर पर कब्जा किया। अब_joshua 6:22 बताता है कि नगर के Wiederholung में नये कदम कैसे उठते हैं—यहोशू ने उन दो पुरुषों से जो देश की स्थिति देखने गए थे कहा कि वेश्या Rahab के घर जाकर उसे और उसके पास उपस्थित लोगों को भी निकाल लाओ। यह आदेश सुरक्षा और शपथ के प्रति निष्ठा का एक महत्त्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि Rahab ने विश्वासपूर्वक इस्राएल परमेश्वर की ईमानदारी और शक्तियों को मान लिया था।
पाठ से ईश्वर और विश्वास के बारे में जो खुलासे मिलते हैं
- כशक्ति और न्याय: नगर के विनाश के बीच Rahab को बचाने का निर्देश यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ वचन-निष्ठा को प्राथमिक मानता है, और विश्वास के कारण उद्धार देता है।
- शपथ का महत्त्व: यहोशू ने उन लोगों की शपथ के अनुसार काम किया जो देश की Balaam-स्थूल जानकारी नहीं रखते, पर Rahab की शपथ और विश्वास उनके निर्णय को निर्देशित करती है।
- बाहर से आकर भी आस्था की मान्यता: Rahab का घर सुरक्षा चिन्ह बन गया, यह दर्शाता है कि विश्वास-उल्लेख भीतर से बाहर तक प्रभाव डाल सकता है, भले ही वे बाहरी देश से आए हों।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और संबंधी चित्र
- शपथ: एक कानूनसम्मत और भरोसेमंद प्रतिज्ञा; Rahab की बाजी से यह स्पष्ट होता है कि आस्था में प्रतिज्ञा कितनी निर्णायक होती है।
- वेश्या Rahab: उसका अतीत उसे अक्षम नहीं बनाता; विश्वास के कारण उसकी भक्ति और उद्धार की संभावनाएं खुलती हैं।
अन्य संबंधित पाठ
- यहोशू 2 और यहोशू 6: rahab के उद्धार के प्रमाणों का विस्तार देखिए।
- यहूदा 2:15-21 जैसे पुराने वचन में भी शपथ और विश्वास के मुझे पहलू मिलते हैं, जहां विश्वास से बचाव होता है।
आज के संदर्भ में आवेदन
- विश्वास की सुरक्षा: यहां दिखता है कि कैसे परमेश्वर पर विश्वास करने वालों के लिए सुरक्षा और उद्धार संभव है, भले ही वे समाज के बाहर के क्यों न हों।
- दया और शपथ का संगम: हमारी भी दैनिक निर्णयों में ईमानदार प्रतिज्ञाओं और दयालु कार्यों का संतुलन चाहिए; यहूनशील व्यवहार से नयी दिशा मिलती है।
संक्षिप्त cross-references
प्रत्येक संदर्भ यह स्पष्ट करता है कि ईश्वर अपने विश्वास के साथ कार्य करता है, और हमारे जीवन में भी वही प्रकट होता है जब हम उसकी शपथ-निष्ठा को मानते हैं।
अध्यात्मिक सार
यहह पाठ यह पूछता है कि हम अपने विश्वास को किस तरह अभिनव बनाते हैं—क्या हम परमेश्वर की वचनों पर दृढ़ रहते हैं और दया के साथ परिशुद्ध निर्णय लेते हैं? Rahab के उदाहरण में भी यही संदेश है: भरोसा और कर्म मिलकर उद्धार का मार्ग बनाते हैं।
नोट: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की कोई प्रत्यक्ष पूर्ण उद्धरण नहीं लिया गया है; यदि आवश्यक हो तो उनके विचारों से छोटे-छोटे सादृश्य संकेत सीधे उद्धृत किये जा सकते हैं।