Old Testament
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यहोशू 6:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और यहोशू ने राहाब वेश्या और उसके पिता के घराने को, वरन् उसके सब लोगों को जीवित छोड़ दिया; और आज तक उसका वंश इस्राएलियों के बीच में रहता है, क्योंकि जो दूत यहोशू ने यरीहो के भेद लेने को भेजे थे उनको उसने छिपा रखा था। (इब्रा. 11:31)
यहोशू 6:25 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 6:25 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 11:31 (HINIRV) »
विश्वास ही से राहाब वेश्या आज्ञा न माननेवालों के साथ नाश नहीं हुई; इसलिए कि उसने भेदियों को कुशल से रखा था। (याकू. 2:25, यहो. 2:11-12, यहो. 6:21-25)

मत्ती 1:5 (HINIRV) »
सलमोन और राहाब से बोआज उत्पन्न हुआ, और बोआज और रूत से ओबेद उत्पन्न हुआ, और ओबेद से यिशै उत्पन्न हुआ।

याकूब 2:25 (HINIRV) »
वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उसने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्या कर्मों से धार्मिक न ठहरी*? (इब्रा. 11:31)
यहोशू 6:25 का सार अर्थ
यही अर्थ है: राहाब वेश्या और उसका परिवार यरूशलेम के विनाश के बाद भी जीवित बचे रहे और इस्राएली समुदाय में उनका वंश आज तक बना रहा, क्योंकि राहाब ने दूतों की खोज-भेद की योजना को छिपाकर दयालुता दिखाई थी।
पृष्ठभूमि संदर्भ
यहोशू ने सातों दिन یरूशलेम के नगरों की घेराबंदी कर भारी आक्रमण किया, और यरीहो पर विजेता पराक्रम के बाद दूतों की जिम्मेदारी पूरी की गई। राहाब का घर यरुशलम के भीतर स्थित था, और उसकी आस्था उनके लोगों की रक्षा की दिशा में एक अपेक्षित पथ बन गई। यह घटना यहूदियों के विश्वास और नैतिकता के बीच संतुलन को नियंत्रित करती है—धर्माध्यक्षों के आदेशों की पालना और लोक-चुस्त प्रायोगिक विवेक दोनों का समन्वय।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मूल संदेश के कुछ स्पष्ट उद्धरण (संश्लेषित सार)
यहोशू 6:25 की मुख्य बात यह है कि देव-निर्देशों के पालन से दया-प्रभाव बनता है, यहां राहाब के उदाहरण में विश्वास के कारण सुरक्षा मिली।
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसेस
– संयुक्त विश्वास के बारे में संकल्पित उदाहरण: यहोर 2:12-14; हिब्रियों 11:31; तुम लोग की आस्था में उत्कृष्टता दिखती है।
व्याख्यात्मक संकेत: ये क्रॉस-रेफरेंसर यह दर्शाते हैं कि विश्वास और पुण्य कर्म एक-दूसरे के पूरक हैं: जहाँ आस्था कदम उठाती है, वहां दया और सुरक्षा मिलती है; और यह दृष्ठांत भविष्य की पीढ़ियों तक प्रभाव डालते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 6:25 हमें सिखाता है कि परमेश्वर के लोगों के बीच विश्वास-उज्ज्वलता, दया और विवेकपूर्ण निर्णय कैसे साथ चलते हैं। राहाब की कहानी में हमें यह याद दिलाया जाता है कि मानवीय गलतियों के बावजूद भी ईश्वर अपनी योजना में दया और सुरक्षा प्रदान करता है, यदि हम उसकी मार्गदर्शकता को मानते हैं।
छोटी निष्कर्ष सूची
कथन-आधार (प्रेरक उद्धरण-संदर्भ)
नीचे उद्धरण केवल स्पर्शरेखा के लिए: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से मिलते-जुलते सारांश संकेत। The exact शब्दों की पूर्ण उद्धृत सूची नीचे नहीं दी जा रही; केवल उनके विचारों का संक्षेप प्रस्तुत है.
नोट: यदि आप चाहें तो मैं इन तीनों commentators के विशिष्ट वाक्यों के संक्षिप्त उच्चारण प्रस्तुत कर सकता हूँ, किन्तु पूर्ण उद्धरण देने के लिए अनुमति चाहूंगा।