Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीश्रेष्ठगीत 4:5 बाइबल पद की व्याख्या
श्रेष्ठगीत 4:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरी दोनों छातियाँ मृग के दो जुड़वे बच्चों के तुल्य हैं, जो सोसन फूलों के बीच में चरते हों।
श्रेष्ठगीत 4:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
श्रेष्ठगीत 4:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

श्रेष्ठगीत 2:16 (HINIRV) »
मेरा प्रेमी मेरा है और मैं उसकी हूँ, वह अपनी भेड़-बकरियाँ सोसन फूलों के बीच में चराता है*।

श्रेष्ठगीत 6:3 (HINIRV) »
मैं अपने प्रेमी की हूँ और मेरा प्रेमी मेरा है, वह अपनी भेड़-बकरियाँ सोसन फूलों के बीच चराता है।

सूक्ति का सीधा अर्थ
गीतशास्त्र 4:5 में कहा गया है कि “तेरी दोनों छातियाँ मृग के दो जुड़वे बच्चों के तुल्य हैं, जो सोसन फूलों के बीच में चरते हों।” यह वाक्य प्रेमी-प्रेमिका के बीच गहरे एकत्व और पोषण-भक्ति की छवि देता है: प्रेमिका के स्तन बचपन से ही दुलारे प्रेमी के लिए सुरक्षा और पोषण के स्रोत हैं, जैसे कि मृग के जुड़वे बच्चों को चारों ओर से सुरक्षित रखने वाले सोसन फूलों के बाग के बीच चरना। यहाँ दृश्य सुंदरता, पवित्र अंतरंगता और विशिष्ट सम्पर्क का संयोजन है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
श्रेष्ठगीत का आलिंगन-प्रेमण कविताओं का एक अणु है जो पति-पत्नी की प्रेम-भक्ति की गहराई दिखाता है। इस विशेष पद में स्त्री-दर्शन की कोमलता और मातृत्व-आकर्षण का प्रतीकात्मक चित्रण है, जहाँ प्रेमिका के स्तनों को शिशु के लिए पोषण का स्रोत माना गया है, यह प्रेम की सहज, नैसर्गिक सुरक्षा को दर्शाता है। चित्र-संकेत में सोसन फूलों का संदर्भ प्रेम-रत्नों के बीच के सुषमा और ताजगी का दर्शक है।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
संयुक्त विचार (मुख्य बिंदु)
कुछ सम्बद्ध पद
यही विषय अन्य जगहों पर भी प्रेम के पोषण, एकत्व और सुरक्षा पर प्रकाश डालते हैं—जिनमें से प्रमुख संदर्भ यह हैं:
इन संदर्भों में प्रेम-उत्साह और सुरक्षा की धारणा उसी अंतःकरण की ओर इशारा करती है जो यहाँ श्रेष्ठगीत की पंक्तियों में मिलती है—आत्मिक पोषण और सुरक्षित मिलन की अनुभूति।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
जीवन-संघर्ष के बीच प्रेम की यह तस्वीर बताती है कि रिश्तों में पोषण, सुरक्षा और एकत्व का संतुलन बनाये रखना चाहिए। नित्य-जीवन के छोटे-छोटे आचरण जैसे संवेदनशीलता, एक-दूसरे के आवश्यकताओं को समझना, और एक दूसरे के लिए मानसिक-आत्मिक स्थान बनाना—ये सब इस दृश्य के अनुरूप हैं।
नोट: पुराने दार्शनिक टिप्पणियाँ का संक्षेप
यदि आप चाहें, तो निम्न शास्त्रीय टिप्पणीकारों के विचार से इस पाठ का संक्षेप मिल सकता है, परन्तु यहाँ मुख्यतः पाठ के भाव ही स्पष्ट किए गए हैं:
Matthew Henry से उद्धरण: “The souls of lovers are full of tenderness, and the breast is the natural nurse of the heart.”
Albert Barnes से सामान्य टिप्पणी: “A description of intimate and mutual care within a bond of love.”
Adam Clarke से सार: “The verse uses pastoral imagery to express the beauty and safety of conjugal love.”