1 कुरिन्थियों 11:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जैसे स्त्री पुरुष से है*, वैसे ही पुरुष स्त्री के द्वारा है; परन्तु सब वस्तुएँ परमेश्‍वर से हैं।

1 कुरिन्थियों 11:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 11:12 पर टिप्पणी — स्त्री-पुरुष का चक्र और परमेश्वर की सृष्टि

यह वाक्य एक विशिष्ट सामाजिक-आचारिक संदर्भ को दर्शाता है, जिसमें पवित्रोक्ति स्पष्ट करती है कि परमेश्वर ने स्त्री और पुरुष के बीच निर्भरता एवं समुदाय का क्रम बनाया है। इसका सार यह है کہ हर एक के साथ दूसरे की भूमिका रहती है—स्त्री परमेश्वर के द्वारा पुरुष के लिए and इसी प्रकार पुरुष भी स्त्री के द्वारा जन्म पाते हैं—परन्तु सभी वस्तुएँ परमेश्वर से आती हैं। यह एक-दूसरे के साथ सम्मान, व्यवस्था और आपसी निर्भरता का संदेश है, न कि असमानता का औचित्य।

कौन से ऐतिहासिक-पारिवारिक संदर्भ से निकलता है?

पहेलिका शहर कॉरिंथ में चर्च व्यवस्था-सम्बंधी मुद्दों पर पौलुस ने स्पष्ट निर्देश दिए। यहाँ उन्होंने सजगता से यह समझाया कि प्रभु की सृजनात्मक व्यवस्था, विवाह और सामाजिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाये रखना चाहिए। चर्च में विविध संस्कारों, सामाजिक स्तरों और धार्मिक उपासना के तरीकों के कारण कुछ लोगने स्त्री-पुरुष के भूमिकाओं के बारे में भ्रम किया। पौलुस का मूल उद्देश्य इसे एक परमेश्वर-आक्रामक बनाम मानवीय रीति-रिवाजों के बीच संतुलन के साथ समझाना है, ताकि प्रेरितों की शिक्षाएँ सार्वभौमिक रहें और चापलूसी-आधारित या दबाव डालने वाले नियम न बनें।

मुख्य विचार

  • पृथ्वी पर अन्याय या श्रेष्ठतावादी धारणा छोड़कर, परमेश्वर की समस्त रचना के क्रम को समझना चाहिए।
  • स्त्री और पुरुष एक-दूसरे के द्वारा अस्तित्व में हैं: जहाँ एक की प्रकृति दूसरे के पार्श्व में स्थित है, वहीं मानव शरीर के अंग भी एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
  • परमेश्वर सभी वस्तुओं के कारण-प्रधान हैं; उनका प्रभुत्व और व्यवस्था हर रिश्ते के रीढ़ हैं—परिशुद्ध विवेक और प्रेम के साथ।

उद्धृत विचारों से संबद्ध थीम

ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के अनुसार यह वाक्य विवाह-निर्णय, पूजा-आचरण और चर्च की संघटनाओं में संतुलन बनाये रखने के लिए निर्देश देता है। भगवान ने स्त्री-पुरुष के संबंधों में एक दूसरे के मान-सम्मान की भूमिका निर्धारित की है, ताकि समाज में शांति और विवाह-कायदे दृढ़ रहें।

क्रॉस-रेफरेंसेस (छोटे उद्धरण नहीं, संदर्भ विवरण)

- रोम 11:36: सब कुछ परमेश्वर से आता है; उसी के द्वारा और उसी के लिए हैं। यह विचारधारा इस वाक्य के दायरे को ऊपर उठाती है कि सब कुछ परमेश्वर के वश में है और उसकी रचना एक समान उद्देश्य की ओर जाती है।

- ईफ 5:21-33: विवाह के व्यवहार में एक-दूसरे के सम्मान व प्रमुख-गित भूमिका का महत्व दर्शाता है; प्रेम-संयोजन के साथ पति-पत्नी एक दूसरे की सहायता बनते हैं।

- 1 टिम 2:11-12: चर्च-कार्य में क्रम और मर्यादा की बात करते समय, महिलाएं आत्म-नियमन और उचित आचरण को प्राथमिकता देती हैं, ताकि समुदाय एक स्वस्थ रीति-रिवाज से चलता रहे।

कथा-फायदा और नैतिक निष्कर्ष

स्त्री-पुरुष के पारस्परिक संबंध में आचार संहिता-से परे भी एक आध्यात्मिक सच छुपा है: परमेश्वर ने हर प्राणी के अस्तित्व में एक-दूसरे के बिना नहीं चलने वाला समाज-नाताousand बनाकर रखा है। यह केवल भूमि-स्तर पर नहीं, बल्कि आत्मा के समुदाय में भी कार्य करता है—जहाँ प्रेम, सम्मान और सत्य-चयन के द्वारा परिवार और चर्च एक बनते हैं।

व्यावहारिक सुविचार

  • अपने समूह में निर्भरता और समान-आदर को बनाए रखें—हर पीढ़ी इस क्रम से लाभान्वित होती है।
  • परमेश्वर की सृष्टि के क्रम को मानते हुए, दूसरों के दृढ़ समर्थन और सम्मान को प्राथमिकता दें।

देवotional reflection

जब हम यह स्मरण करते हैं कि स्त्री-पुरुष एक-दूसरे के द्वारा हैं, तब हम यह भी समझते हैं कि परमेश्वर ने हर जीवन-निर्माण में एक सजीव बांध रखा है। स्वयं से बड़े लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुए, हमें एक-दूसरे की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, ताकि संसार में प्रेम और शांति प्रकट हो।

नोट: इस पंक्ति के लिए मार्क-हेन्री (Matthew Henry), ऐल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) और एडम क्लार्क (Adam Clarke) के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से साथ-वाला संकलन संदर्भ के रूप में उपयोग किया गया है। उनके छोटे-उद्धरण जहाँ उपलब्ध हैं, नीचे दिए गए टिप्पणी-खंड में संक्षेपित रूप से समाहित हैं:

संक्षेप उद्धरण: “स्त्री… पुरुष के द्वारा है; परन्तु सब वस्तुएँ परमेश्वर से हैं”—ये शब्द आम तौर पर उनके दार्शनिक-आचार-विचार में अनुस्यूत रहते हैं, और एक-से-एक-निर्णय के बजाय संस्थागत-सम्बन्ध में स्पष्टता की ओर प्रेरित करते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 11:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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क्योंकि उसकी ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उसकी महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

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यहोवा ने सब वस्तुएँ विशेष उद्देश्य के लिये बनाई हैं, वरन् दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है। (कुलुस्सियों. 1:16)

1 कुरिन्थियों 8:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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तो भी हमारे निकट तो एक ही परमेश्‍वर है: अर्थात् पिता जिसकी ओर से सब वस्तुएँ हैं, और हम उसी के लिये हैं, और एक ही प्रभु है, अर्थात् यीशु मसीह जिसके द्वारा सब वस्तुएँ हुई, और हम भी उसी के द्वारा हैं। (यूह. 1:3, रोम. 11:36)

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