Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 2:1 1 कुरिन्थियों 2:2 1 कुरिन्थियों 2:3 1 कुरिन्थियों 2:4 1 कुरिन्थियों 2:5 1 कुरिन्थियों 2:6 1 कुरिन्थियों 2:7 1 कुरिन्थियों 2:8 1 कुरिन्थियों 2:9 1 कुरिन्थियों 2:10 1 कुरिन्थियों 2:11 1 कुरिन्थियों 2:12 1 कुरिन्थियों 2:13 1 कुरिन्थियों 2:14 1 कुरिन्थियों 2:15 1 कुरिन्थियों 2:16



शब्दशः अर्थ (Meaning at a Glance)
परमेश्वर ने आत्मा के द्वारा वे बातें प्रगट कर दी हैं जो人श्रेष्ट नहीं दिखतीं—आत्मा सब बातें, यहाँ तक कि परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जाँचता है। इसका आशय है कि ईश्वर की योजना और उद्धार-प्राप्ति की बातें केवल आत्मा से खोलकर समझी जा सकती हैं; मानव समझ इन गूढ़ बातों को नहीं जान सकती जब तक वह परमेश्वर के आत्मा से प्रकाशित न हो जाए।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि (Contextual Background)
पहले कुरिन्थियों की पुस्तक के द्वितीय章 में पौलुस ने मध्यम-स्तर के दार्शनिक तर्कों से हटकर विश्वास की गहराई को प्रतिपादित किया है। वह कहता है कि जो बातें संसार की दृष्टि से अलौकिक हैं, उन्हें केवल परमेश्वर के आत्मा से ही समझा जा सकता है। २:१० में यह स्पष्ट है कि आत्मा वह मार्गदर्शक है जो परमेश्वर की गूढ़ताओं को सांसारिक लोगन के लिए उजागर करता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन (Interpretive Observations)
संक्षिप्त थीमेटिक प्वाइंट्स (Thematic Points)
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (Cross-References) और उनके तात्पर्य
व्यावहारिक takeaway (Practical takeaway)
हम विश्वास के लिए आत्मा-आधारित दृष्टि मांगें: दैनिक निर्भरता में परमेश्वर की गूढ़ताओं को समझने के लिए नम्रता और प्रार्थना से आत्मा के मार्गदर्शन को seek करें। अपने दिमाग को सत्य में खुला रखें ताकि ईश्वर की योजनाओं का अनुभव हो सके।
पवित्र अंशों के अनुरूप टिप्पणी-आधार (Commentary Synthesis)
यह पाठ दर्शाता है कि शाब्दिक बुद्धि से ऊपर उठकर, आत्मा का सतत मार्गदर्शन ही परमेश्वर की योजना की गहराइयों को खोल सकता है। प्रसिद्ध प्रचारक-तत्वों के प्रकाश में यह देखते हैं कि आत्मा की नई-नई समझ हमारे आत्मिक जीवन को जोड़ती है और उद्धार के स्रोत की परिचय देती है।
Matthew Henry का एक संक्षिप्त विचार: “नेकी के मार्ग में, आत्मा ही वह चाभी है जो गूढ़ बातें खोलती है।” (नोट: यह एक समर्पण-उद्धरण संकेतन है; पूर्ण उद्धरण साइट पर उपलब्ध नहीं है)
Albert Barnes का संक्षेप: आत्मा द्वारा उद्घाटन के बिना परमेश्वर की योजनाओं को समझना संभव नहीं, क्योंकि वे उच्चतर हैं और आत्मा ही उन्हें सचेत करता है।
Adam Clarke का संक्षिप्त अवलोकन: इस्यक्ति बताती है कि विशुद्ध ज्ञान शास्त्र से नहीं बल्कि परमेश्वर के आत्मा के प्रकाश से आता है, जो हमें ईश्वर की गूढ़ताओं तक पहुँचाता है।