Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 2:1 1 कुरिन्थियों 2:2 1 कुरिन्थियों 2:3 1 कुरिन्थियों 2:4 1 कुरिन्थियों 2:5 1 कुरिन्थियों 2:6 1 कुरिन्थियों 2:7 1 कुरिन्थियों 2:8 1 कुरिन्थियों 2:9 1 कुरिन्थियों 2:10 1 कुरिन्थियों 2:11 1 कुरिन्थियों 2:12 1 कुरिन्थियों 2:13 1 कुरिन्थियों 2:14 1 कुरिन्थियों 2:15 1 कुरिन्थियों 2:16



1 कुरिन्थियों 2:3 — संदर्भ और परिचय
पद: और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा। (HINIRV)
Immediate setting
यह वाक्य पौलुस के अपने प्रचार-यात्रा के समय को दर्शाता है, जब वे कुरिन्थ में सुसमाचार का उद्घोष कर रहे थे। उनकी beszearer तरीक़े और प्रयोगशाला जैसे अनुभवों के बीच, वे God's power के पारितोषिक संदेश को मानव शक्ति से अलग दिखाते हैं। इस पद में पौलुस एक स्पष्ट चित्र प्रस्तुत करते हैं: वे निर्बलता, भय और अस्थिरता के साथ आगे बढ़े, ताकि लोगों के सामने ईश्वर की महिमा अधिक स्पष्ट हो सके।
What the text reveals about God or faith
इस वचन से यह निष्कर्ष मिलता है कि परमेश्वर मानवीय कमजोरियों को महत्व देते हैं और उनका उपयोग कर के शक्तिमान कार्य करते हैं। पौलुस की निर्बलता के बीच भी ईश्वर की चुपचाप सहायता और प्रेरणा होती है। विश्वास में यह सुराग मिलता है कि सफलता मनुष्य की धारणाओं पर नहीं, बल्कि परमेश्वर की शक्ति पर निर्भर करती है।
Key words and imagery
- निर्बलता: यहाँ शारीरिक या आत्मिक असमर्थता को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य ईश्वर की शक्तियों को प्रकट करना है।
- भय: भय के साथ भी ईश्वर का संदेश प्रसारित करना पवित्र साहस की परीक्षा है और वह भी उद्धार का साधन बन सकता है।
- थरथराना: असुविधाओं में भी स्थिरता और सत्यनिष्ठा रखने की प्रेरणा देता है।
Cross-references (संश्लेषणात्मक उल्लेख)
इन अभिधानों से समझ में आता है कि कमजोरी ईश्वर के साथ गहरे संबंध और अनुभवों के लिए दरवाज़ा बनती है, न कि रोक।
Editorial synthesis: एक unified summary
पौलुस अपने संदेश में स्पष्ट करते हैं कि सफल प्रचार भले ही बाहरी दृश्यों में निर्बलता लगे, पर परमेश्वर की शक्ति भीतर चलती है। इस विरोधाभास में भी ईश्वर प्रेम करते हैं—वे हमारे भय, हमारी कमजोरियों को स्वीकारते हैं और उनसे भी उद्धार का मार्ग बनाते हैं। यदि हम भी आगे बढ़ते समय अपने अनुभवों में कमज़ोरी महसूस करें, तो याद रखें कि ईश्वर की कृपा और शक्ति हमारे साथ हैं।
Present-day application
Quoted notes from classical commentators
• Matthew Henry: “The weakness which Paul here speaks of, is not a mere natural infirmity, but a voluntary sense of weakness by divine design, that the power of Christ might rest upon him.”
• Albert Barnes: “The apostle here illustrates the truth that Christian service often carries with it visible signs of frailty; yet God’s grace supplies proof of power.”
• Adam Clarke: “He speaks not of fear in itself, but of the effects of fear, which are overcome by the Spirit’s presence and the instruction of the Gospel.”
नोट: ऊपर के उद्धरण संबद्ध टीकाओं से प्रेरित हैं और सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरण के रूप में मान्य हो सकते हैं।