Old Testament
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इफिसियों 3:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जो अन्य समयों में मनुष्यों की सन्तानों को ऐसा नहीं बताया गया था, जैसा कि आत्मा के द्वारा अब उसके पवित्र प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं पर प्रगट किया गया हैं।
इफिसियों 3:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इफिसियों 3:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहूदा 1:17 (HINIRV) »
पर हे प्रियों, तुम उन बातों को स्मरण रखो; जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेरित पहले कह चुके हैं।

तीतुस 1:1 (HINIRV) »
पौलुस की ओर से, जो परमेश्वर का दास और यीशु मसीह का प्रेरित है, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विश्वास को स्थापित करने और सच्चाई का ज्ञान स्थापित करने के लिए जो भक्ति के साथ सहमत हैं,

इफिसियों 2:20 (HINIRV) »
और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नींव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। (यशा. 28:16, 1 कुरि. 12:28)
इफिसियों 3:5 पर नवीन पाठ-व्याख्या (HINIRV)
यह Passage पवित्र आत्मा के प्रगट-कार्य की ऐतिहासिक वृद्धि को प्रकाश देता है। प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा पहले समयों में यह रहस्य खुलकर बतलाया नहीं गया था; किन्तु अब उसी रहस्य को आत्मा ने चर्च के लिए स्पष्ट किया है। यह यह दर्शाता है कि ईश्वर के उद्देश्य की गवाही समय के अनुसार विकसित होती रही है और अब नया जनसमुदाय—यानी खरीदे गए विश्वासी—उस रहस्य का भागीदार बनकर खड़े हैं।
पद का अध्याय-संदर्भ और मुख्य विचार
यह आयत Ef 3:5 में उन बातों को सारगर्भित करती है जो पूर्ववर्ती युगों में छिपीं थीं और अब पवित्र आत्मा के द्वारा प्रेरित और भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से प्रकट हुईं। यह दर्शाता है कि परमेश्वर का योजना-तंत्र एक निरंतर उद्घाटन के मार्ग से सामने आया है: पहले पुरानी व्यवस्था में संकेत, फिर नए करार में पूर्ण रूप से उद्घाटित रहस्य।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) रहस्य का उद्घाटन: परमेश्वर ने वह रहस्य जो अब तक सामान्य लोगों से छिपा था, को अपने पवित्र प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं पर प्रगट किया।
2) आत्मा-प्रगटन का स्रोत: यह प्रगट Ek आत्मा का काम है—यानी आत्मिक बोध और उद्घोषणा जो मानवीय समझ से ऊपर है।
3) ईसामसीह के शरीक समुदाय: इस उद्घोषणा से विश्वासियों की एक नई भलाई और एक नया एकता-स्तर बना—यानी वे अब पुनीत पूर्व-नियत से जीवित सदस्य बन चुके हैं।
अन्य आयतों के साथ तुलनात्मक विचार
- प्रेरितों के लिखित वचन: वे अक्सर यह दिखाते हैं कि पुरानी प्रतिज्ञाओं का अंश नए अनुभवों में कैसे पूरा होता है; जैसे कि मसीह में सभी जातियाँ वरदान पाती हैं।
- यौहन्ना 16:13: आत्मा सच का मार्गदर्शक है; वह भविष्य में जो समझाएगी वह सब सत्य को प्रकट करेगा।
- गलातियों 1:12: प्रेरितों के शब्दों का केंद्र स्रोत ईश्वर की प्रेरणा है, न मानवीय कल्पना।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
क्रॉस-रेफरेंसेज और संक्षिप्त संकेत
- प्रेरितों के काम 2:17: पुनर्जागरण और खुलासे का एकीकरण दिखाता है—युवाओं के लिए नया जीवन संभव है।
- मत्ती 28:19-20: सभी जातियों का दायरा—यही एकत्व का लक्ष्य—आत्मा के साथ और प्रेरक के माध्यम से।
- रोम 16:25-27: पुरानी गुप्त बातों का उद्घाटन मसीह में पूर्ण होता है, जिससे परमेश्वर की महिमा बढ़ती है।
व्याख्या-नोट्स (संक्षेप)
इस आयत का उद्देश्य विश्वासी समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश देना है: रहस्य अब मुक्त होकर सामने आया है; यह वह दिव्य योजना है जिसे प्रत्यक्ष रूप से आत्मा ने प्रेरितों के माध्यम से प्रकाशित किया है। इसका मतलब है कि चर्च का जीवन अब नयी रोशनी और नई बुलाहट के साथ विकसित हो रहा है, और यह रोशनी सारी पृथ्वी पर फैलने वाली है।
सार
पूर्व में छिपा रहस्य अब स्पष्ट हो गया है—यह आत्मा का कार्य है और प्रेरितों-भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से प्रकट हुआ है। इसका परिणाम है कि ईश्वर की योजना मानव इतिहास के हर हिस्से में अपने प्रेम और उद्धार की घोषणा करती है, और चर्च में एक नवीन एकता का निर्माण होता है।
नोट्स और उद्धरण (यदि उपलब्ध हों)
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Matthew Henry के सार-उद्धृत विचार: “The mystery is now revealed by the Spirit to his apostles and prophets.”
Albert Barnes के सार-उद्धृत विचार: “God’s purpose in revealing this mystery is to unite all believers in one body.”
Adam Clarke के सार-उद्धृत विचार: “The Holy Spirit is the efficient instrument of this revelation.”