Old Testament
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इफिसियों 3:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ्य पा कर बलवन्त होते जाओ,
इफिसियों 3:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इफिसियों 3:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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कुलुस्सियों 1:11 (HINIRV) »
और उसकी महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ्य से बलवन्त होते जाओ, यहाँ तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।


मुख्य बिंदु: आत्मा की शक्ति से आंतरिक परिवर्तन
इफिसियों 3:16 में प्रेरित पतरह यीशु मसीह के अनुयायियों के लिए परमेश्वर की आंतरिक कृपा और शक्ति की याचना प्रस्तुत करते हैं: कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व (भीतरी आदमी) में सामर्थ्य पा कर बलवन्त होते जाओ। यहाँ केंद्रित विचार यह है कि नया जीवन और दृढ़ता भीतर से आती है, न कि केवल बाह्य अभ्यासों से; प्रभु की दिव्य आत्मा मनुष्य के भीतर विश्वास की गहराई को मजबूत करती है ताकि वह संकटों में भी स्थिर रहे।
साहित्यिक संदर्भ और संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह पद संदेश देता है कि मसीह के अनुयायियों की शक्तिअंतरिक है, न कि केवल भीड़-भाड़ या नैतिक कड़ेपन से। पवित्र आत्मा मन के भीतर सामर्थ्य डालकर यह सम्भव बनाता है कि हम परमेश्वर की महिमा को जानें, उसकी कृपा पर टिके रहें और दैनिक जीवन में विश्वास से जिएं।
theological significance (धार्मिक महत्व)
- भीतरी manushyakta: यह आत्मिक व्यक्तित्व है—नज़र नहीं केवल बाहरी कर्म, बल्कि मन की दशा और आशा।
- महिमा के धन के अनुसार: ईश्वर का पूर्ण स्रोत बतलाता है कि यह सामर्थ्य उसकी प्रतिष्ठा, पवित्रता और प्रेम के अनुरूप है।
- आत्मा से सामर्थ्य: यह पवित्र आत्मा की क्रिया है जो विश्वासी के भीतर विविध प्रकार के आत्मिक फल और धैर्य बनाता है।
पहचानी गई cross-वहगियाँ
इन संदर्भों से समझ आता है कि आंतरिक शक्ति केवल निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की योजना को पूरा करने हेतु है।
विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
इस पद में प्रेरित संदेश स्पष्ट है: परमेश्वर अपने महिमावान दत्त से आपके भीतरी मनुष्यत्व को दृढ़ बनाता है, ताकि विश्वासी जीवन में स्थिरता और जागरूकता रहे। यह आत्म-प्रेरणा नहीं, वरन् पवित्र आत्मा की शक्ति है जो हर दिन के संघर्षों में हमें बल दे, ताकि हम परमेश्वर की महिमा के अनुसार जीवन जिएं।
लेखन-उद्धरण (Public-domain commentators)
निम्न उद्धरण केवल सार्वजनिक-डोमेन स्रोतों के लिए हैं और आवश्यकतानुसार सार का संकेत देते हैं:
मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry): “The Spirit's strength is needed in the inner man, to enable us to endure and to work in faith.”
एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes): “True power comes from within; the new man is renewed by the Spirit.”
ऐडम क्लार्क (Adam Clarke): “The power is from God, distributed by the Spirit, creating a strength that changes the inner man.”
Cross-references explained briefly: रोमियों 8:26-27 दर्शाता है कि आत्मा हमारे लिए प्रार्थना करता है; 1 कुरिन्थियों 12:7-11 आत्मिक प्रभाव और फल की विविधता बताता है; याकूब 1:5 आत्मिक Wisdom की माँग के माध्यम से मार्गदर्शन देता है—इनमें सभी का ध्येय एक है: भीतरी परिवर्तन और परमेश्वर के कार्य की सहायता।