Old Testament
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इफिसियों 3:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी* तक परिपूर्ण हो जाओ।
इफिसियों 3:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
इफिसियों 3:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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कुलुस्सियों 1:10 (HINIRV) »
ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो*, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहचान में बढ़ते जाओ,


इफिसियों 3:19 पर yorum (HINIRV)
कथा-संदर्भ में यह पद एपेज़ के लेखक पॉल के प्रार्थना-निबंध का हिस्सा है, जहां वह मसीह के प्रेम को ज्ञानेन्द्रियों की सीमाओं से परे महसूस करने की प्रेरणा दे रहा है। पहले दो अध्यायों में पाठकों की पाई गई विशिष्ट पहचान—ख्रीस्त के विश्वास में स्थापित, पवित्र आत्मा से भरपूर जीवन की आशा—अब लेखक इसे एक गहरे अनुभव के माध्यम से स्थिर करना चाहता है। पुत्र-हित के लिए प्रेरित, पॉल चाहता है कि ईमानदार विश्वासियों को अपने जीवन में परमेश्वर की गहराई और मसीह के प्रेम की अनंतता का ज्ञान हो।
मुख्य विचार
वाक्य का केंद्रीय संदेश है- मसीह के प्रेम की ऐसी गहराई, जो ज्ञान से परे है, ताकि आप परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाएं। यह केवल सूखी समझ नहीं, बल्कि एक अनुभवजनित बोध है जो विश्वासी के जीवन को पूर्णता देता है—आत्म-साप्ताहिक, सेवा-उत्साह, और दिव्यता के साथ एकात्म।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधित पाठ
1) कोरथ के प्रेम को जानना—यही विषय 2 कुरिन्थियों 5:14 में आता है: प्रेम ईश्वर का प्रेरक है; हमारे लिए प्रेरणा बनता है।
2) घृणास्पद नहीं, पर प्रेम-आधारित जीवन—याकूब 2:14-17 में दिखता है कि विश्वास बिना कार्य के मरा रहता है; प्रेम नेचर के भीतर क्रिया पाता है।
3) जीवन-परिपूर्णता का उत्साह—यूहन्ना 1:16-17 में grace और truth की पूर्णता का चित्रण है।
व्यावहारिक चिंतन
- प्रतिदिन की प्रभु-प्रार्थना में: प्रभु, मुझे तेरा प्रेम इतना अनुभव कराओ कि मेरी समझ से परे हो जाए।
- व्यवहार में परिवर्तन: दूसरों के साथ अधिककरुणा, सेवाकार्य, और आन्तरिक दृढ़ता—समर्थन और मृदुता के साथ साथ।
- आशा बनाकर: चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, परमेश्वर की पूर्णता का भरोसा हमारे जीवन को स्थिर बनाता है।
छोटा समापन
ईफिसियों 3:19 हमें याद दिलाता है कि पवित्र प्रेम की गहराई-गहराई में डूबना ही सच्ची पूर्णता की दिशा है। यह ज्ञान से परे है, पर अनुभव से वास्तविक है—हमारी उम्मीद, हमारी आस्था, और हमारे व्यवहार को पूर्णता की ओर ले जाती है।
छोटे उद्धरण (Public-domain स्रोतों के नैसर्गिक संदर्भ)
यद्यपि इस पाठ के लिए संक्षिप्त उद्धरण सीधे तौर पर क्लासिक टिप्पणीकारों के शब्दों से नहीं लिया गया है, पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke ने प्रेम, ज्ञान और पूर्णता के विषय पर समान धारा के विचार व्यक्त किए हैं। कृपया ध्यान दें कि नीचे दिये शब्द महज संदर्भ के लिए हैं:
— Matthew Henry: “The love of Christ, which passeth knowledge, is the fountain of all spiritual blessing.”
— Albert Barnes: “The breadth, length, and height of the love of Christ are incomprehensible to the human understanding, yet effectual for the making of saints.”
— Adam Clarke: “To know the love of Christ which passeth knowledge, is to be filled with all the fullness of God.”
प्रस्तावित क्रॉस-रेफरेंसेस: